मुख्यमंत्री ने देहरादून में महर्षि बाल्मिकी प्रकटोत्सव के अवसर पर आयोजित शोभा यात्रा में किया प्रतिभाग

प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत पर्यावरण मित्रों का मानदेय जल्द बढ़ाया जाएगा : मुख्यमंत्री

प्रधानमंत्रीजी के नेतृत्व में सांस्कृतिक विरासत के साथ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा देश

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नगर निगम, देहरादून में महर्षि बाल्मिकी प्रकटोत्सव के अवसर पर आयोजित शोभा यात्रा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जल्द ही प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत पर्यावरण मित्रों के मानदेय को बढ़ाए जाने की बात कही, उन्होंने कहा इसके लिए यथाशीघ्र बैठक भी आयोजित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने अपने महाकाव्य रामायण से पूरे विश्व को भगवान श्रीराम के जीवन से परिचित कराया। महर्षि वाल्मीकि का जीवन हमें सिखाता है कि अच्छे विचारों और कर्मों से व्यक्ति, अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। उन्होंने कहा वाल्मीकि जी के जीवन से संदेश मिलता है कि व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके ज्ञान, कर्म और समाज के प्रति उसके योगदान से होती है। उन्होंने कहा वाल्मीकि जी ने ऐसे समाज के निर्माण की प्रेरणा दी, जहां भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा रामायण में सत्य, धर्म, त्याग, कर्तव्य जैसे मानवीय मूल्यों का संदेश है।रामायण हमें धर्म के मार्ग पर चलने के साथ प्रेम, समानता, बंधुत्व और मानवीय गरिमा का सम्मान करना भी सिखाती है। उन्होंने कहा रामायण ने हमें सिखाया है कि व्यक्ति की पहचान उसकी जाति या सामाजिक स्थिति से नहीं, बल्कि उसके विचारों, कर्मों और समर्पण से होती है। उन्होंने कहा सनातन संस्कृति ने हमेशा सम्मान करने और समाज में प्रेम, सद्भाव एवं समरसता बनाए रखने का संदेश दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश, सांस्कृतिक विरासत के साथ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में अपनी जड़ों से जुड़ने, इतिहास को पहचानने और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का नया वातावरण बना है। उन्हीं के नेतृत्व में अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा श्रीराम मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मीकि जी, निषादराज और माता शबरी को स्थान दिया जाना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपरा के स्वरूप को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीबों, वंचितों, अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़े वर्गों को निरंतर मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं से करोड़ों परिवारों को बेहतर जीवन का अवसर मिला है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अधिकारों की रक्षा और अत्याचारों के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों को भी मजबूत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वंचित, शोषित, पीड़ित समाज के उत्थान के लिए अनेकों कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का स्पष्ट ध्येय है कि सबको समान अवसर और सम्मान देकर ही देश को विकसित और सशक्त बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 1 से 12 तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वहीं इन विद्यार्थियों के लिए 15 निःशुल्क छात्रावास, 5 आवासीय विद्यालय और 3 आईटीआई भी संचालित किए जा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि युवा शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा सरकार ने अटल आवास योजना को पुनः प्रारंभ कर आवासहीन अनुसूचित वर्ग के परिवारों को घर बनाने के लिए ₹ 1 लाख 20 हजार की सहायता देने की व्यवस्था भी की है। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति के युवक या युवती से अंतरजातीय विवाह करने पर ₹ 50 हजार की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए भी ₹ 50 हजार की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा हमारा स्पष्ट ध्येय है कि समाज का कोई भी वर्ग विकास की दौड़ में पीछे न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड, ऋषि-मुनियों की तपस्या, देवस्थलों की आस्था और प्राचीन परंपराओं से समृद्ध देवभूमि है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत भी मजबूत हो, प्राचीन परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंचें और समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों से प्रेरणा लेकर हम विकसित उत्तराखंड के निर्माण को अवश्य साकार करेंगे।

इस अवसर पर मेयर देहरादून श्री सौरभ थपिलियाल, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष श्री भगवत प्रसाद मकवाना, अध्यक्ष महानगर भाजपा श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, श्री श्याम अग्रवाल, श्री अशोक वर्मा, नगर आयुक्त श्री आलोक पांडे, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist. For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction. Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan. शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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