-आगामी श्री केदारनाथ यात्रा 2026 को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर

रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं, चिकित्सा सेवाओं तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य अस्पताल की वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 के दृष्टिगत स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित करना रहा।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन, विभिन्न चिकित्सा अनुभागों की कार्यप्रणाली तथा उपचार व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि अस्पताल के प्रत्येक कक्ष तथा सूचना पट्टों पर आवश्यक सूचनाएं, बोर्ड व साइनेज को व्यवस्थित किया जाए, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को आवश्यक जानकारी आसानी से प्राप्त हो सके। इसके साथ ही उन्होंने जच्चा-बच्चा अनुभाग के प्रसव कक्ष के बाहर लिंगानुपात चार्ट लगाने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने अस्पताल के रिकॉर्ड रूम को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए तथा रेडियोलॉजी, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी लैब सहित अन्य अनुभागों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शिकायत एवं सुझाव बॉक्स को भी व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में आभा आईडी सेवाएं संचालित न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे शीघ्र सुचारु करने के निर्देश दिए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया और संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सकों से अपेक्षा की कि जनपद से कम से कम मरीजों को उच्च केंद्रों के लिए रेफर किया जाए तथा यथासंभव समुचित उपचार जिला चिकित्सालय में ही उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हायर सेंटर को रेफर किए जाने वाले प्रत्येक मामले की समीक्षा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किन परिस्थितियों में मरीज को रेफर किया गया।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि अस्पताल में उपलब्ध सभी मशीनें एवं तकनीकी उपकरण सदैव कार्यशील स्थिति में रहें ताकि मरीजों को उपचार में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों तथा उनके तीमारदारों से भी बातचीत कर अस्पताल की व्यवस्थाओं, उपलब्ध सुविधाओं और उपचार व्यवस्था के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने अस्पताल की वर्तमान कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त करते हुए जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है वहां आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कर्मचारियों के साथ वार्ता कर अस्पताल संचालन में आने वाली चुनौतियों तथा आवश्यक सुधारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और तत्परता से व्यवहार किया जाए।

जिलाधिकारी ने बताया कि चिकित्सालय में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर उपचार सुविधा के साथ साफ-सुथरा और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक माह चिकित्सालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें हायर सेंटर को रेफर किए गए मामलों का गहन विश्लेषण किया जाएगा, ताकि यदि किसी प्रकार की चिकित्सकीय या तकनीकी कमी सामने आती है तो उसे दूर करने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को दृष्टिगत रखते हुए यात्रा मार्ग में स्थित चिकित्सालयों में डॉक्टरों एवं अन्य चिकित्सा कर्मियों की तैनाती के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया गया है तथा इस संबंध में स्वास्थ्य महानिदेशक से भी वार्ता की जाएगी, ताकि यात्रा अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि उपचार के लिए अस्पताल आने वाला कोई भी व्यक्ति निराश होकर वापस न लौटे, यह सुनिश्चित किया जाएगा।

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने कोटेश्वर स्थित माधवाश्रम अस्पताल का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ रखने, समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने तथा मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा निष्प्रयोज्य सामग्री का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी, तहसीलदार प्रणव पांडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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