जनपद ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक
ट्रेंचिंग ग्राउंड, एमआरएफ सेंटर एवं कूड़ा उठान व्यवस्था के नियमित निरीक्षण के दिए निर्देश
श्री केदारनाथ धाम से कूड़ा नीचे लाने के लिए ‘कैरी मी बैक’ पहल में घोड़ा-खच्चर संचालकों से सहयोग की अपील
जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने तथा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन के संबंध में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ जिला कार्यालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा उठान, कूड़ा निस्तारण, ट्रेंचिंग ग्राउंड, एमआरएफ सेंटर सहित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण किए जाएं। उन्होंने ट्रेंचिंग ग्राउंड, एमआरएफ सेंटर, कूड़ा उठान केंद्रों एवं कूड़ा निस्तारण से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करते हुए उसकी इंस्पेक्शन रिपोर्ट निर्धारित अंतराल पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कूड़ा उठान तक ही सीमित न रहते हुए कूड़े के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि कूड़ा उठान एवं निस्तारण व्यवस्था में यदि किसी भी प्रकार के संसाधनों की आवश्यकता है तो उसकी सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि कूड़ा उठाने के लिए आवश्यक वाहन, इक्विपमेंट अथवा अन्य संसाधनों की आवश्यकता होने पर उसका स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खुले में कूड़ा फैलाने अथवा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही जुर्माना एवं चालान की कार्रवाई की प्रगति की रिपोर्ट भी नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए जनसहभागिता के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी आवश्यक है।
केदारनाथ धाम में कूड़ा निस्तारण पर विशेष जोर
बैठक में श्री केदारनाथ धाम एवं यात्रा मार्ग पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि केदारनाथ धाम एवं यात्रा मार्ग पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के अनुरूप किन-किन उत्पादों को ले जाने की अनुमति होनी चाहिए तथा किन उत्पादों पर प्रतिबंध अथवा नियंत्रण आवश्यक है, इसकी सूची उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यात्रा मार्ग पर नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। धाम एवं यात्रा मार्ग पर उत्पन्न होने वाले कूड़े को नीचे लाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि धाम क्षेत्र में कूड़ा एकत्रित न हो और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
‘कैरी मी बैक’ पहल में घोड़ा-खच्चर संचालकों से सहयोग की अपील
जिलाधिकारी ने श्री केदारनाथ धाम से कूड़ा नीचे लाने के लिए संचालित ‘कैरी मी बैक’ पहल को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने घोड़ा-खच्चर संचालकों एवं संबंधित एसोसिएशनों से अपील की कि वे इस पहल में सक्रिय रूप से सहयोग करें।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि घोड़ा-खच्चर संचालकों एवं उनकी एसोसिएशनों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि वापसी के दौरान घोड़ा-खच्चरों के माध्यम से छोटे-छोटे बैगों में कूड़ा नीचे लाया जा सके। इससे यात्रा मार्ग एवं धाम क्षेत्र में कूड़ा जमा होने से रोका जा सकेगा तथा स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि ‘कैरी मी बैक’ पहल को जनभागीदारी से सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो घोड़ा-खच्चर संचालक इस अभियान में सक्रिय सहयोग करते हुए कूड़ा नीचे लाने में योगदान देंगे, उन्हें प्रशासन की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा, ताकि स्वच्छता के प्रति लोगों…