समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश, सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहींः डीएम

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ी 12 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड चार लेन बाईपास परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को परियोजना के निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी लाते उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन विभिन्न स्थलों का अवलोकन करते हुए कार्यों की वर्तमान स्थिति, निर्माण गुणवत्ता, मशीनरी एवं मानव संसाधनों की उपलब्धता तथा कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जनहित से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना है, जिसके पूर्ण होने से देहरादून शहर में यातायात का दबाव कम होगा तथा स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनावश्यक बाधा अथवा विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को कार्यस्थलों पर पर्याप्त मशीनरी, संसाधन एवं श्रमिक उपलब्ध कराते हुए निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति लाने तथा प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किए जाएं। साथ ही निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यातायात प्रबंधन, चेतावनी संकेतकों, बैरिकेडिंग एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना की नियमित समीक्षा की जाए तथा भूमि, तकनीकी अथवा अन्य प्रशासनिक स्तर पर यदि कोई समस्या उत्पन्न होती है तो उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के संचालित हो सके।
यह परियोजना झाझरा से प्रारंभ होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-7 के नए पांवटा साहिब/बल्लूपुर खंड को जोड़ते हुए आशारोड़ी चेक पोस्ट के निकट दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ रही है। लगभग 716 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के अप्रैल 2027 तक पूर्ण होने की संभावना है।
परियोजना के पूर्ण होने पर भारी एवं पारगमन (ट्रांजिट) यातायात को शहर के बाहर डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे देहरादून शहर में यातायात जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके साथ ही शहरी परिवहन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी तथा नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार होगा।
निरीक्षण के दौरान एनएचएआई अधिकारियों ने जिलाधिकारी को परियोजना की वर्तमान प्रगति, शेष कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित की इस महत्वपूर्ण परियोजना को समयबद्ध, सुरक्षित एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सभी संबंधित विभागों की सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र देव सहित एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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