नालसा के ‘सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान’ के तहत देहरादून में व्यापक पहल · जिला न्यायाधीश सहित 30 अन्य न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को किया जागरूक

देहरादून|बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों के संरक्षण तथा उन्हें शोषण एवं अपराधों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा ‘सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान’ व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है।

इसी क्रम में आज जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के अध्यक्ष श्री हरीश कुमार गोयल ने मसूरी स्थित विनबर्ग एलन स्कूल में आयोजित जागरूकता शिविर में प्रतिभाग कर लगभग 500 विद्यार्थियों को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बच्चों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), व्यक्तिगत सुरक्षा, असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान तथा आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त करने और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।

इस अभियान के अंतर्गत आज जनपद देहरादून में एक साथ विभिन्न स्थानों पर अनेक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। जिला न्यायाधीश के अतिरिक्त देहरादून, मसूरी, विकासनगर, ऋषिकेश, डोईवाला एवं चकराता सहित जनपद के 30 विभिन्न क्षेत्रों में तैनात न्यायिक अधिकारियों ने अलग-अलग विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को जागरूक किया। इस व्यापक पहल का उद्देश्य बच्चों तक सीधे न्यायिक अधिकारियों की पहुंच सुनिश्चित करना तथा उन्हें अपने अधिकारों, सुरक्षा और कानूनी संरक्षण के प्रति सजग एवं सशक्त बनाना है।

अभियान की विशेषता यह है कि प्रत्येक विद्यालय में आयोजित शिविर में एक न्यायिक अधिकारी के साथ बाल संरक्षण से संबंधित विभिन्न विभागों एवं विशेषज्ञों की टीम सहभागिता कर रही है। इसमें चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल कल्याण समिति (CWC), किशोर न्याय बोर्ड (JJB), साइबर सेल, विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU),
मनोचिकित्सा विशेषज्ञों, विधि विद्यार्थियों एवं समाजसेवियों को शामिल किया जा रहा है। विद्यार्थियों को POCSO अधिनियम, बाल अधिकारों, किशोर न्याय व्यवस्था, साइबर अपराधों से बचाव तथा बच्चों के लिए उपलब्ध सहायता एवं संरक्षण सेवाओं के संबंध में जानकारी दी जा रही है तथा इस संबंध में पोस्टर, बुकलेट एव आई०ई०सी० सामग्री वितरित कर बच्चों को जागरूक किया जा रहा है।

यह अभियान दिनांक 26.10.2026 से प्रारंभ होकर दिनांक 31.10.2026 तक निरंतर जारी रहेगा। इस अवधि में प्रत्येक दिन कई न्यायिक अधिकारी जनपद के विभिन्न विद्यालयों में जाकर जागरूकता शिविरों में प्रतिभाग करेंगे। न्यायिक अधिकारियों एवं बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से अधिकाधिक बच्चों तक पहुंच बनाकर उन्हें सुरक्षित व्यवहार, अपने अधिकारों तथा किसी भी अनुचित परिस्थिति में सहायता प्राप्त करने के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की यह पहल बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील एवं भयमुक्त वातावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम अभियान का मूल उद्देश्य है कि हर बच्चा अपने अधिकारों को जाने, अपने विरुद्ध होने वाले किसी भी अनुचित व्यवहार को पहचान सके और आवश्यकता पड़ने पर निःसंकोच सहायता प्राप्त कर सके।

शिविर के आयोजन पर विनबर्ग एलन स्कूल के प्रशासन ने जिला न्यायाधीश श्री हरीश कुमार गोयल एवं उपस्थित टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि “सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे तक पहुंचकर उसे अपने अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा एवं कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है। इस अभियान की विशेषता यह है कि न्यायिक अधिकारी स्वयं विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों से संवाद कर रहे हैं तथा बाल संरक्षण से जुडे विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर उन्हें समग्र जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। हमारा प्रयास है कि कोई भी बच्चा अपने अधिकारों से अनजान न रहे और किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीडन या असुरक्षित परिस्थिति का सामना करने पर भय अथवा संकोच के कारण चुप न रहे। बच्चों को यह विश्वास दिलाना आवश्यक है कि उनकी बात सनी जाएगी और उन्हें उचित सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। एक सुरक्षित बचपन ही एक सशक्त समाज और उज्ज्वल राष्ट्र की नींव है।”


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist. For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction. Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan. शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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