गढ़वाल आयुक्त ने की श्री केदारनाथ धाम यात्रा की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की समीक्षा

भीड़ प्रबंधन, होल्डिंग एरिया, संचार व्यवस्था एवं स्वच्छता को लेकर दिए आवश्यक निर्देश

खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने को वर्षभर अभियान चलाने तथा 15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश

गढ़वाल आयुक्त श्री आनंद स्वरूप ने सोमवार को जनपद भ्रमण के दौरान जिला कार्यालय सभागार में श्री केदारनाथ धाम यात्रा के संबंध में तैयार की गई एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने यात्रा के सुचारू एवं सुरक्षित संचालन के लिए तैयार की गई एसओपी के विभिन्न बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी।

जिलाधिकारी ने भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं को सुलभ दर्शन, पार्किंग के भर जाने की स्थिति में जनपदों के मध्य आवश्यक सूचना के त्वरित आदान-प्रदान, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, होल्डिंग एरिया आदि व्यवस्थाओं के संबंध में तैयार की गई कार्ययोजना से आयुक्त को अवगत कराया।

गढ़वाल आयुक्त श्री आनंद स्वरूप ने अन्य सम्बन्धित जनपदों तक सूचनाओं के त्वरित प्रसार के लिए संचार व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने होल्डिंग एरिया में डिस्प्ले बोर्ड एवं अन्य माध्यमों से श्रद्धालुओं को यात्रा, यातायात, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। उन्होंने अस्थायी होल्डिंग एरिया के स्थान पर आगामी यात्राओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्थायी होल्डिंग सेंटर विकसित करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने भीड़ प्रबंधन के लिए डेडिकेटेड एक्सपर्ट की नियुक्ति करने, स्पर्श दर्शन की व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर सेवाओं में प्राथमिकता देने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

आयुक्त ने स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को श्री केदारनाथ धाम सहित संपूर्ण यात्रा मार्ग में सफाई व्यवस्था को पूर्ण रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने धाम में एकत्रित कूड़े को नीचे लाकर वैज्ञानिक विधि से निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने तथा इसकी कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही वर्तमान सैनिटेशन व्यवस्था की जानकारी एवं आगामी यात्रा की आवश्यकताओं के अनुरूप सैनिटेशन सिस्टम को मजबूत करने की कार्ययोजना भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मिलावटखोरी के खिलाफ वर्षभर चले अभियान

त्योहारी सीजन को देखते हुए आयुक्त ने खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्य पदार्थों की नियमित जांच करने तथा मिलावटखोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने दवाइयों की मानकों के अनुरूप बिक्री सुनिश्चित करने के लिए भी नियमित निरीक्षण एवं जांच करने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मिलावटखोरी के विरुद्ध अभियान केवल यात्रा एवं त्योहारी सीजन तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे वर्ष नियमित रूप से अभियान चलाकर मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। उन्होंने नियमों एवं प्रावधानों के अनुसार ही सैंपलिंग करने तथा सक्षम एवं संबंधित अधिकारियों के माध्यम से ही छापेमारी की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने अवैध शस्त्र लाइसेंस के विरुद्ध भी प्रभावी कार्रवाई करने तथा मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के संबंध में राजस्व उपनिरीक्षकों एवं राजस्व निरीक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण दिलाने के भी निर्देश दिए।

15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश

बैठक में जनपद की सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने संबंधित विभागों को 15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों के गड्ढामुक्त होने के संबंध में गलत सूचना दिए जाने और मौके पर गड्ढे पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने वर्ष 2025 एवं पूर्व में आई आपदाओं से संबंधित कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए प्रत्येक 15 दिन में बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने, कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करने तथा आपदा प्रभावित लोगों को समयबद्ध रूप से राहत पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, उप वन संरक्षक विनीत कुमार, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, उपजिलाधिकारी जखोली भगत सिंह फोनिया, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ पारुल गोयल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ आशीष रावत सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist. For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction. Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan. शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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