*कुंभ मेला-2027 को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: शहरी विकास मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा*

*शहरी विकास मंत्री ने हरिद्वार का भ्रमण कर कुंभ मेला की तैयारियों की समीक्षा*

*अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश*

*बैरागी कैंप में निर्माणाधीन नलकूपों एवं ओवरहेड टैंक का भी किया निरीक्षण*

*हरिद्वार। हरिद्वार में अगले वर्ष कुंभ मेला का दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप कुंभ नगरी में तैयारियों को और तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में प्रदेश के शहरी विकास मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने सोमवार को हरिद्वार पहुंचकर मेला नियंत्रण भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की तथा कुंभ मेला से जुड़े विकास एवं व्यवस्थागत कार्यों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया।

बैठक के दौरान मंत्री ने कुंभ मेला हेतु प्रस्तावित अवस्थापना विकास कार्यों, निर्माणाधीन परियोजनाओं, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, घाटों के सुदृढ़ीकरण, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा से संबंधित तैयारियों की विभागवार समीक्षा की।

शहरी विकास मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कुंभ मेला-2027 राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इससे जुड़े प्रत्येक कार्य को तय समयसीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कहीं गुणवत्ता में कमी अथवा अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार हरिद्वार कुंभ को एक ऐतिहासिक आयोजन के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जिसे देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

श्री कैड़ा ने कहा कि कुंभ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और व्यवस्थागत क्षमता का भी प्रतीक है। इसलिए मेला से जुड़े निर्माण कार्यों और सुविधाओं की गुणवत्ता ऐसी होनी चाहिए, जिनका लाभ भविष्य में स्थानीय जनता और हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को निरंतर मिलता रहे। उन्होंने अधिकारियों को दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

बैठक में आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए कार्यों की गति बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि सभी विभाग मौसम संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखकर कार्ययोजना तैयार करें और निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की देरी न होने दें। उन्होंने कहा कि कुंभ से जुड़े सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा वे स्वयं नियमित रूप से कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के साथ ही योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे और मुख्यमंत्री स्तर से समय-समय पर समीक्षा भी की जाएगी।

शहरी विकास मंत्री ने विशेष रूप से पार्किंग व्यवस्था, यातायात संचालन, शौचालयों की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा घाटों पर सुविधा एवं सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में सीसीआर-2 भवन के निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भवन निर्माण सहित सड़क, पुल एवं घाटों से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी निर्माण स्थलों पर पर्याप्त संसाधन, मशीनरी एवं आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरे किए जा सकें।

बैठक में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की जानकारी देने के साथ ही कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के लिए कार्यों की निरंतर निगरानी और समीक्षा की जा रही है।

बैठक में मुख्य नगर अधिकारी श्री नंदन कुमार, अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती, उप मेला अधिकारी श्री आकाश जोशी, श्री मनजीत सिंह, अधीक्षण अभियंता लोनिवि श्री डीपी सिंह, एसई जल संस्थान श्री यशबीर मल्ल, एसई सिंचाई श्री मनजीत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

हरिद्वार भ्रमण के दौरान शहरी विकास मंत्री ने बैरागी कैंप में निर्माणाधीन नलकूपों एवं ओवरहेड टैंक का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए इन सभी कार्यों को आगामी 31 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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