हरिद्वार कुंभ मेला 2027: रेलवे और मेला प्रशासन ने तेज की तैयारियाँ

रेलवे एवं मेला प्रशासन की उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय

हरिद्वार। हरिद्वार में अगले वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ मेले में रेल मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावनाओं को देखते हुए मेला प्रशासन एवं रेलवे ने अपनी तैयारियों को तेज करने के साथ ही भीड़ प्रबंधन को लेकर समन्वित कार्ययोजना एवं सटीक रणनीति को अंतिम रूप देने की कवायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में मेला प्रशासन एवं रेलवे के अधिकारियों की सोमवार को मेला नियंत्रण भवन में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में हरिद्वार एवं नजदीकी रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं के सुधार एवं विस्तार के साथ ही आधुनिक तकनीकों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित व्यवस्थाओं को लागू करने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि रेलवे एवं मेला प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा हरिद्वार सहित आसपास के स्टेशनों का संयुक्त निरीक्षण कर कुंभ मेले में रेल यातायात तथा रेलवे स्टेशनों से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट तथा पिछले अनुभवों और आंकड़ों का विश्लेषण कर मेला प्रशासन एवं रेलवे द्वारा कुंभ मेले के सुव्यवस्थित आयोजन की संयुक्त कार्ययोजना जारी की जाएगी।
यह भी तय किया गया कि मेला के केंद्रीयकृत नियंत्रण कक्ष में रेलवे की अलग से समन्वय डेस्क स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही रेलवे के नियंत्रण कक्ष में भी मेला प्रशासन के स्तर से समन्वय की व्यवस्था की जाएगी।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कहा कि आगामी कुंभ मेले में बड़ी संख्या में सड़क एवं रेल मार्ग से श्रद्धालुजन हरिद्वार आएंगे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ का आयोजन शहर के केंद्र में होता है, इसलिए यहां भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण की चुनौतियां इसे अन्य स्थानों से अलग एवं विशेष बनाती हैं। इसे देखते हुए सभी संबंधित विभागों एवं संगठनों को अभी से पूरी तैयारी के साथ एक समन्वित, सुनियोजित एवं सुव्यवस्थित रणनीति तय करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ नई तकनीकों का बेहतर समावेश कर भीड़ प्रबंधन की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से हरिद्वार सहित आसपास के सभी रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं के विकास एवं विस्तार के साथ-साथ स्टेशन के सौंदर्यीकरण का भी आग्रह किया।

मेलाधिकारी ने रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन के लिए बेहतर व्यवस्थाएं, होल्डिंग एरिया तथा बफर जोन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी स्टेशनों पर निकास के वैकल्पिक मार्गों की संभावनाएं भी तलाशी जाएं। उन्होंने होल्डिंग एरिया एवं रेलवे स्टेशनों पर पर्याप्त संख्या में एआई कैमरे स्थापित किए जाने पर भी जोर दिया, जिससे भीड़ का सटीक आकलन कर श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित रूप से प्रस्थान कराने में सुविधा मिल सके।

मेलाधिकारी ने कहा कि रेलवे की भीड़ प्रबंधन एवं विशेष ट्रेनों के संचालन की कार्ययोजना को मेला प्रशासन की ट्रैफिक एवं भीड़ प्रबंधन योजना के साथ पूर्ण तालमेल में रखा जाए।

बैठक में उत्तर रेलवे की मुरादाबाद मंडल की मंडलीय रेल प्रबंधक श्रीमती विनीता श्रीवास्तव ने कहा कि हरिद्वार में अगले वर्ष होने वाले कुंभ मेले के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए मेला प्रशासन को रेलवे पूरा सहयोग प्रदान करेगा। कुंभ मेले के दौरान रेलवे श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगमता के लिए सभी आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित करेगा।

उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए रेलवे ने कुंभ मेला हरिद्वार के लिए अलग से मेलाधिकारी (रेलवे) की नियुक्ति की है। इसके साथ ही मेला नियंत्रण कक्ष में भी अलग से एक अधिकारी की तैनाती की जाएगी। उन्होंने कुंभ मेले को लेकर रेलवे की तैयारियों एवं रेलवे स्टेशनों के सुदृढ़ीकरण की जानकारी देते हुए कहा कि हरिद्वार एवं इसके निकटवर्ती कुल 11 स्टेशनों को कुंभ मेला कार्ययोजना के दायरे में लाकर वहां सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं।कुंभ मेले के दौरान सामान्य दिनों में संचालित होने वाली 33 जोड़ी ट्रेनों के साथ ही प्रमुख स्नान दिवसों पर लगभग 15 अतिरिक्त ट्रेनें संचालित करने की प्रारंभिक योजना प्रस्तावित है। आवश्यकता अनुसार विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर एक स्थायी होल्डिंग एरिया के साथ ही कुल पांच होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे, जिनकी क्षमता लगभग उन्नीस हजार से अधिक होगी।

बैठक में जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, आईजी (कुंभ) योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी (कुंभ) आयुष अग्रवाल, एडीआरएम प्रेम शंकर झा, रेलवे मेला अधिकारी चेतन तनेजा, एसपी (ट्रैफिक) निशा यादव, एसपी (जीआरपी) अरुणा भारती, अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती, अपर पुलिस अधीक्षक विपिन कुमार, सीओ बिपेंद्र कुमार एवं अनुज, उप मेला अधिकारी मनजीत सिंह सहित रेलवे, पुलिस विभाग, प्रशासन एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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