परमार्थ निकेतन दर्शनार्थ पहुँचे उत्तराखंड के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी*

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के पावन सान्निध्य में की दिव्य गंगा आरती*

उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, जनकल्याणकारी योजनाओं और कांवड यात्रा के समय प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर हुआ सार्थक संवाद*

ऋषिकेश, उत्तराखंड, 19 जुलाई। उत्तराखंड के माननीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी आज परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश दर्शनार्थ आये। उन्होंने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के पावन सान्निध्य में माँ गंगा का पूजन एवं विश्वप्रसिद्ध दिव्य गंगा आरती में सहभाग किया। आध्यात्मिक वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार एवं गंगा तट की दिव्य ऊर्जा ने उन्हें शांति एवं आध्यात्मिक अनुभूति से अभिभूत कर दिया।

पूज्य स्वामी जी ने डॉ. धन सिंह रावत जी को अंगवस्त्र एवं हिमालय की हरित संस्कृति के प्रतीक स्वरूप रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर आत्मीक अभिनन्दन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, देवभूमि है, योग, आयुर्वेद, आध्यात्मिक चेतना और प्रकृति संरक्षण की वैश्विक राजधानी बनने की अद्भुत क्षमता रखता है। यदि स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और मानवीय मूल्यों का समन्वय किया जाए तो उत्तराखंड देश ही नहीं, विश्व के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है।

उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने, योग एवं आयुर्वेद आधारित समग्र स्वास्थ्य प्रणाली तथा जनजागरूकता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि स्वास्थ्य केवल रोगों के उपचार का विषय नहीं, बल्कि शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के संतुलन का नाम है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ योग, प्राणायाम, आयुर्वेद, स्वच्छता, संतुलित आहार और सकारात्मक जीवनशैली को जोड़कर ही स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं।

माननीय डॉ. धन सिंह रावत जी ने परमार्थ निकेतन द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता, योग, महिला सशक्तिकरण एवं मानवीय सेवा के क्षेत्रों में किए जा रहे बहुआयामी कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि परमार्थ निकेतन आध्यात्मिकता को सेवा से जोड़ने का उत्कृष्ट उदाहरण है। यहाँ आने वाले श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी बोध लेकर लौटते हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने, चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ बनाने तथा आधुनिक स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सहज रूप से उपलब्ध हों तथा चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक सुलभ, प्रभावी एवं जनोन्मुख बनाया जाए।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि जब शासन की संवेदनशील नीतियाँ, समाज की सहभागिता और सेवा की भावना एक साथ आती हैं, तब विकास का वास्तविक स्वरूप सामने आता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर रहा है जो पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

दिव्य गंगा आरती के समापन पर माँ गंगा, हिमालय एवं समस्त मानवता के कल्याण, स्वस्थ जीवन, पर्यावरण संरक्षण, विश्व शांति और उत्तराखंड की निरंतर प्रगति के लिए विशेष प्रार्थना की गई।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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