मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में फर्जी प्रमाण पत्र निर्गत करने वाले के विरुद्ध जिला प्रशासन की सख्त कार्यवाही।*

*जिलाधिकारी ने सीएससी सेंटरों के माध्यम से जारी होने वाले प्रमाण पत्र के संबंध में सभी उपजिलाधिकारियों को पूर्व में ही औचक निरीक्षण करने के दिए गए थे निर्देश*

*सीएससी केंद्र संचालक साजिद निवासी मुस्तफाबाद पो० धनपुरा तहसील हरिद्वार द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अस्थाई निवास प्रमाण पत्र निर्गत करने पर प्राथमिकी दर्ज करने की गई संस्तुति*

*हरिद्वार । उप जिलाधिकारी हरिद्वार जितेंद्र कुमार ने अवगत कराया है कि तहसीलदार हरिद्वार सचिन कुमार की जांच आख्या द्वारा अवगत कराया गया कि साजिद निवासी मुस्तफाबाद पो० धनपुरा तहसील व जिला हरिद्वार जिसकी सी०एस०सी० की आई०डी० 354772620014 तथा मोबाइल नम्बर 7017561312 है। जिनके द्वारा संचालित सी०एस०सी० से आवेदन कर्ता नवाजिश पुत्र नूरआलम निवासी ग्राम मुस्तफाबाद पोस्ट धनपुरा तहसील व जिला हरिद्वार का स्थाई निवास प्रमाण पत्र आवेदन संख्या UK25ES0100585235 दिनांक 09.11.2025 को ई-सर्विसेस पोर्टल पर आवेदन किया गया। आवेदन के उपरान्त स्थाई निवास प्रमाण पत्र के दस्तावेजो के जांच में पाया गया कि कामन सर्विस केन्द्र के द्वारा आवेदन के साथ संलग्न साक्ष्यो में एक कूटरचित उद्धरण खतौनी संलग्न की गयी है। उपरोक्त के द्वारा अपलोड की गयी कूटरचित उद्वरण नकल खतौनी ग्राम मुस्तफाबाद परगना ज्वालापुर तहसील व जिला हरिद्वार की षटवार्षिक खतौनी 1421-1426 के खाता संख्या 12 के खसरा संख्या 74 क्षेत्रफल 0.2770 है० पर मुस्तकीम पुत्र सददीक नि०ग्राम का नाम बतौर संकमणीय भूमिधर के रूप में अंकित है। जबकि भूलेख उद्वरण नकल खतौनी के अनुसार ग्राम मुस्तफाबाद परगना ज्वालापुर तहसील व जिला हरिद्वार की षटवार्षिक खतौनी 1421-1426 के खाता संख्या 12 के खसरा संख्या 74 क्षेत्रफल 0.2770 है० पर अब्दुल मजीद पुत्र अल्लादीन नि०ग्राम का नाम बतौर संकमणीय भूमिधर के रूप में अंकित है।

उन्होंने अवगत कराया है कि आवेदन पत्र के साथ संलग्न कर फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र निर्गत कराये जाने हेतु ऑनलाईन पोर्टल (अपणी सरकार) में दस्तावेज अपलोड किये गये। व्यक्ति उपरोक्त के द्वारा अपने सी०एस०सी० का दुरूपयोग कर विभिन्न लोगो के साथ आर्गेनाईजड तरीके से विभिन्न क्षेत्रों के लोगो के साथ मिलजुलकर सरकारी दस्तावेज प्राप्त कर फर्जी प्रमाण पत्र निर्गत कराये जाते है। स्थायी प्रमाण पत्र व अन्य प्रमाण पत्र का उपयोग राज्य सरकार के कल्याणकारी योजनाओं व राज्य सेवा अन्तर्गत रोजगार हेतु किया जाता है। फर्जी प्रमाण पत्र बनने से राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनायें व रोजगार प्रभावित होने के कारण प्रमाणिक लाभार्थी को उसका लाभ नहीं मिल पाता। सरकारी एवं आर्थिक कल्याणकारी योजनाओं का नाजायज फायदा उठाते हुये राजस्व के भी नुकसान होने की पूर्ण संभावना बनती है।

उन्होंने अवगत कराया है कि तहसीलदार के दस्तावेजो के अवलोकन, निरीक्षण व तथ्यों के आलोक में ऐसा प्रतीत होता है कि साजिद निवासी मुस्तफाबाद पो० धनपुरा तहसील व जिला हरिद्वार व अन्य के द्वारा कूटरचना करते हुए साक्ष्य तैयार कर विभिन्न प्रमाण पत्र गैर कानूनी तरीके से निर्गत कराये जाते है तथा उपरोक्त के दृष्टिगत साजिद निवासी मुस्तफाबाद पो० धनपुरा तहसील व जिला हरिद्वार व अन्य के विरूद्ध नियमानुसार प्रार्थिमिकी दर्ज करने की कार्यवाही की जा रही है।

उप जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि जिलाधिकारी के निर्देशन में विगत पांच वर्षों में निर्गत प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है तथा वर्तमान समय में निर्गत होने वाले प्रमाण पत्रों की गहन जांच की जायेगी तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत करने वाले सीएससी संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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