जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में विद्युत पोलों पर विभिन्न कंपनियों द्वारा लगाए गए केबल/तारों को हटाने का कार्य शुरू

नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी के नेतृत्व में जिला प्रशासन एवं नगर निगम की संयुक्त टीम कर रही कार्रवाई

देवपुरा चौक से रानीपुर मोड़ के बीच बिना अनुमति लगाए गए केबल तारों को हटाया जा रहा

जिलाधिकारी की बैठक में केबल ऑपरेटरों को स्वयं तार हटाने के लिए दिया गया था समय, समयावधि बीतने के बाद भी नहीं हटाए तार

अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन सख्त, निरंतर जारी रहेगी कार्रवाई

हरिद्वार।  जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में नगर क्षेत्र में विद्युत पोलों पर विभिन्न कंपनियों एवं केबल ऑपरेटरों द्वारा बिना अनुमति एवं अनियोजित तरीके से लगाए गए केबल/तारों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी के नेतृत्व में जिला प्रशासन एवं नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा अभियान चलाकर विद्युत पोलों पर लगे अनधिकृत एवं अव्यवस्थित केबल तारों को हटाया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा पूर्व में संबंधित केबल ऑपरेटरों एवं विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई थी। बैठक में विद्युत पोलों एवं सार्वजनिक संपत्तियों पर बिना अनुमति तथा अनियोजित तरीके से लगाए गए केबल एवं तारों को स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए थे। जिला प्रशासन द्वारा संबंधित केबल ऑपरेटरों को इसके लिए पर्याप्त समय भी प्रदान किया गया था, ताकि वे अपने स्तर से विद्युत पोलों से केबल एवं तारों को हटा लें।
निर्धारित समय दिए जाने के बावजूद संबंधित केबल ऑपरेटरों द्वारा विद्युत पोलों पर लगे केबल/तारों को नहीं हटाया गया। इस पर जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में अब जिला प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अनधिकृत एवं अव्यवस्थित केबल तारों को हटाने का अभियान शुरू किया गया है।
इसी क्रम में देवपुरा चौक से रानीपुर मोड़ के बीच विद्युत पोलों पर बिना अनुमति लगाए गए विभिन्न कंपनियों के केबल एवं तारों को चिन्हित कर हटाया जा रहा है। नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी के नेतृत्व में टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर विद्युत पोलों का निरीक्षण किया जा रहा है तथा अनधिकृत रूप से लगाए गए केबल एवं तारों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि नगर क्षेत्र में विभिन्न कंपनियों एवं सेवा प्रदाताओं द्वारा अपनी सेवाओं के लिए विद्युत पोलों पर बड़ी संख्या में केबल एवं तार लगाए गए हैं। कई स्थानों पर ये तार बिना अनुमति, अनियोजित एवं बेतरतीब तरीके से लगाए गए हैं, जिससे शहर की सुंदरता प्रभावित होने के साथ ही सार्वजनिक संपत्तियों पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
अनियोजित तरीके से लगाए गए केबल एवं तारों के कारण विद्युत पोलों पर अतिरिक्त भार एवं अव्यवस्था की स्थिति भी बन रही है। साथ ही सड़क एवं सार्वजनिक स्थानों का स्वरूप भी प्रभावित हो रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा संबंधित कंपनियों एवं केबल ऑपरेटरों को पूर्व में ही आवश्यक निर्देश जारी करते हुए स्वयं अपने केबल एवं तार हटाने के लिए समय दिया गया था।
समयावधि समाप्त होने के बाद भी जब संबंधित ऑपरेटरों द्वारा निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया, तो जिला प्रशासन द्वारा अब स्वयं अभियान चलाकर ऐसे केबल एवं तार हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में सार्वजनिक स्थानों एवं सरकारी संपत्तियों पर किए गए अनधिकृत अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। संबंधित कंपनियों एवं सेवा प्रदाताओं को नियमानुसार आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद ही केबल एवं तार लगाने होंगे। बिना अनुमति विद्युत पोलों अथवा अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर केबल एवं तार लगाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा शहर को व्यवस्थित, स्वच्छ एवं अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। विद्युत पोलों पर अनियोजित तरीके से लगाए गए केबल एवं तारों को हटाने की कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है। देवपुरा चौक से रानीपुर मोड़ के बीच शुरू की गई यह कार्रवाई आगे भी आवश्यकता के अनुसार अन्य क्षेत्रों में जारी रखी जाएगी।
जिला प्रशासन ने संबंधित केबल ऑपरेटरों, कंपनियों एवं सेवा प्रदाताओं से अपील की है कि वे सार्वजनिक संपत्तियों पर बिना अनुमति किसी भी प्रकार के केबल, तार अथवा अन्य सामग्री न लगाएं तथा पूर्व में लगाए गए अनधिकृत केबल एवं तारों को तत्काल हटाएं। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अतिक्रमण एवं सार्वजनिक संपत्तियों के अनधिकृत उपयोग के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist. For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction. Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan. शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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