*दिव्य और भव्य कुंभ आयोजन के लिए मेला प्रशासन एवं मेला क्षेत्र के आश्रमों का साझा संकल्प*

*मेला प्रशासन द्वारा आयोजित बैठक में आश्रमों के साथ मेला की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श*

*हरिद्वार।आगामी कुंभ मेले के सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए अखाड़ों, धार्मिक संस्थाओं और साधु-संतों की सम्मति से व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने हेतु मेला प्रशासन द्वारा इन दिनों मेले से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ निरंतर विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को सीसीआर भवन में मेला अधिकारी श्रीमती सोनिका की अध्यक्षता में कुंभ क्षेत्र के आश्रम संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में आश्रमों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों ने कुंभ मेले को लेकर राज्य सरकार एवं मेला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस विराट धार्मिक आयोजन में सभी आश्रम अपनी पूर्ण सामर्थ्य और प्रतिबद्धता के साथ सहयोग करते हुए दिव्य और भव्य कुंभ आयोजन सुनिश्चित करने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर मेला अधिकारी श्रीमती सोनिका ने आश्रम संचालकों को आश्वस्त किया कि कुंभ मेले के लिए आश्रमों को समुचित सुविधाएं एवं आवश्यक सहूलियतें प्रदान की जाएंगी। उन्होंने मेला प्रशासन के अधिकारियों के दूरभाष नंबर उपलब्ध कराते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या, सहायता या सुझाव के लिए आश्रम प्रतिनिधि किसी भी समय संबंधित अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेले की व्यवस्थाओं को लेकर अखाड़ों, आश्रमों, धार्मिक संगठनों और साधु-संतों सहित सभी हितधारक पक्षों से निरंतर संवाद एवं समन्वय बनाए रखने की प्रभावी व्यवस्था की गई है।

मेला अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि कुंभ मेले के अंतर्गत हरिद्वार में लाइट एवं साउंड शो के आयोजन की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही संपूर्ण कुंभ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और सजावट के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण के साथ-साथ सुव्यवस्थित सुविधाएं भी प्राप्त हो सकें।

मेला अधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला आस्था, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक परंपरा का महापर्व है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु भाग लेते हैं। इतनी विशाल संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए आश्रमों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था का मुख्य दायित्व आश्रमों पर ही रहता है। इसके अतिरिक्त मेले की विभिन्न व्यवस्थाओं में भी आश्रमों का विशेष सहयोग अपेक्षित होता है। उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन आश्रमों को हर संभव सहयोग देने के लिए तत्पर है तथा उनके सुझावों पर समुचित विचार कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रशासन और संत समाज के समन्वित एवं साझा प्रयास ही कुंभ मेले को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और अनुकरणीय बना सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित विभागों, आश्रम संचालकों और स्वयंसेवकों के सहयोग से कुंभ मेले का आयोजन भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया जाएगा।

बैठक में अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती ने मेले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मेले से संबंधित सभी प्रमुख स्थायी कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं तथा इन्हें आगामी अक्टूबर माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण कुंभ क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सड़कों, पुलों और घाटों के सुधार एवं विस्तार का कार्य प्रगति पर है। स्वच्छता, सुरक्षा और आवागमन की सुगमता को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

बैठक में महामंडलेश्वर यतीन्द्रानंद गिरी, महामंडलेश्वर रूपेन्द्र प्रकाश, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी, महामंडलेश्वर मैत्री गिरी, महामंडलेश्वर हेमा सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद तथा महंत ऋषेश्वरानंद सहित अन्य संतों ने मेले की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि कुंभ मेले के दिव्य आयोजन को भव्यता के साथ सफल बनाने के लिए सभी आश्रम पूर्ण रूप से तैयार हैं। आश्रम प्रतिनिधियों ने कुंभ क्षेत्र में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के विशेष प्रबंध सुनिश्चित करने तथा पॉलीथीन पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान यातायात प्रतिबंध लागू होने की स्थिति में रेलवे स्टेशन और बस अड्डों से शटल वाहन सेवा संचालित करने, मोतीचूर और रायवाला स्टेशनों पर सभी ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने, मेला अवधि में आश्रमों द्वारा श्रद्धालुओं की सेवा को देखते हुए बिजली और पानी के बिलों में राहत प्रदान करने, तथा सड़कों और घाटों के सुधार एवं विस्तार जैसे महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।

बैठक में महंत दुर्गादास, महंत आशुतोष मुनि, महंत कपिल मुनि, महंत कृष्ण मुनि, महंत दिनेश दास, महंत गंगा दास, महंत ओम दास, महंत संदीप वेदालंकार, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी शिवम महंत, आचार्य हरिहरानंद, स्वामी ज्ञानानंद, जयपाल शर्मा और बलजिंदर शास्त्री सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत करते हुए आश्रमों के लिए आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने का आग्रह किया तथा मेले के सफल आयोजन में पूर्ण सहयोग देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

बैठक में उप मेला अधिकारी आकाश जोशी, मनजीत सिंह गिल, एसएओ इंद्रेश लोहनी, व्यवस्थाधिकारी विकास शर्मा सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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