Mandakini Samman समाजसेवी स्व. हरिदत्त बेंजवाल की 124वीं जयंती पर उपहार समिति के अध्यक्ष विपिन सेमवाल को मंदाकिनी सम्मान और डिजिटल क्रिएटर अविजीत जमलोकी को मंदाकिनी युवा प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर स्मृति चिह्न एवं सम्मान पत्र भेंट किया। हरिदत्त बेंजवाल अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज अगस्त्यमुनि में आयोजित समारोह में कार्यक्रम शुभारंभ से पूर्व अतिथियों ने विद्यालय परिसर में लगी स्वर्गीय हरिदत्त बेंजवाल की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह का शुभारंभ शैलारानी सामाजिक ट्रस्ट की संस्थापक शैलपुत्री ऐश्वर्या रावत, प्रधान संगठन के अध्यक्ष विजयपाल राणा, वरिष्ठ शिक्षाविद श्रीधर भट्ट, प्रभारी प्रधानाचार्य अउराइंका जगदीप बिष्ट एवं प्रधानाचार्य राबाइका रागिनी नेगी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस मौके पर समाजसेवी हरिदत्त बेंजवाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्य अतिथि शैलपुत्री ऐश्वर्या रावत ने कहा कि ऐसे महापुरूषों के कार्यों से प्रेरणा लेकर हमें समाज में उदाहरण बनना होगा। तभी हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे पायेंगे। Mandakini Samman

  • डिजिटल क्रिएटर अविजीत भी हुए मंदाकिनी युवा प्रतिभा सम्मान से सम्मानित

  • समाजसेवी स्व. हरिदत्त बेंजवाल की 124वीं जयंती पर सम्मान समारोह का आयोजन

प्रधान संगठन के अध्यक्ष विजयपाल राणा ने कहा कि समाज सेवा में रत रहने वाले ऐसे विरले महापुरूष की पुण्य तिथि पर उन्हें याद करते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लेना होगा। शिक्षाविद श्रीधर भट्ट ने समाजसेवी हरिदत्त बेंजवाल के साथ बिताए क्षणों को याद करते हुए उन्हें मन्दाकिनी घाटी का विकास पुरूष बताया। मन्दाकिनी सम्मान से सम्मानित होने पर उपहार समिति के अध्यक्ष विपिन सेमवाल ने कहा कि सम्मान मिलने से उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में अपनी यात्रा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि निर्धन निराश्रित बेटियों की मदद का सेवा संकल्प समिति के सभी सुधीजनों के सहयोग से पूर्ण होता है, समाज में ऐसे बहुत से जरूरतमंद है जिन्हें मदद चाहिए, इसके लिए संपन्न लोगों को आगे आना होगा, आप सभी की छोटी छोटी मदद किसी के जीवन की खुशियाँ बन सकती है।

उन्होंने सम्मान के लिए आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। वही मन्दाकिनी युवा सम्मान से सम्मानित अविजीत जमलोकी ने कहा कि अपने गृहक्षेत्र में अपनों के बीच सम्मानित होना मेरे लिए गौरव का क्षण है। मेरा हर अभिभावक से अनुरोध है अपने बच्चों की रूचि को प्रोत्साहित करें, नये दौर में नया करके नाम के साथ अवसर भी मिलता है। कार्यक्रम के आयोजक हरिदत्त बेंजवाल स्मृति समिति के अध्यक्ष हरीश गुसाईं ने अतिथियों का स्वागत एवं आभार प्रकट करते हुए कहा कि समाज सेवी हरिदत्त बेंजवाल ने शिक्षा के क्षेत्र में अगस्त्यमुनि को बड़ी सौगातें दी। उन्होंने न केवल इसके लिए संघर्ष किया बल्कि अपनी जमीन को दान कर संस्थानों को खोलने के रास्ते भी दिखाये। उन्हीं का संघर्ष आज रंग ला रहा है तथा अगस्त्यमुनि शिक्षा के बड़े केन्द्र के रूप में विकसित हो रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि ऐसे महान समाजसेवी के नाम से स्थापित विद्यालय में कार्य करना उनके लिए गौरव की बात है। उनका प्रयास है कि सभी के सहयोग से यह विद्यालय नाम के अनुरूप उत्कृष्ट बन सके। स्व हरिदत्त बेंजवाल के सुपुत्र एवं समिति के सचिव हर्षवर्धन बेंजवाल ने आगन्तुक अतिथियों का स्वागबत एवं आभार प्रकट किया। इस अवसर पर राबाइका अगस्त्यमुनि की छात्राओं ने सरस्वती वन्दना एवं स्वागत गीत की शानदार प्रस्तुति दी। जबकि नेहा नेगी ने गढ़वाली गीत गाकर सबका दिल जीता। वहीं शिक्षा नौटियाल ने स्व0 हरिदत्त बेंजवाल के कृतित्व को अंग्रेजी कविता के माध्यम से साझा किया। कवियित्री उपासना सेमवाल ने भी अपनी कविता से खूब रंग जमाया। वीरांगना समूह की महिलाओं ने पहाड़ के विलुप्त होते रीति-रिवाजों पर भावुक प्रस्तुति दी।

समूह की अध्यक्षा माधुरी नेगी ने स्व हरिदत्त बेंजवाल के जीवन वृत पर आधारित कविता का भावपूर्ण पाठ कर आगन्तुक को भावविह्वल कर दिया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के शिक्षक सुधीर बर्त्वाल और माधव सिंह नेगी ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में स्व0 हरिदत्त बेंजवाल की पुत्रवधू देवकी देवी, पुत्री मंजू नौटियाल, संयोजक विक्रम नेगी, व्यापार संघ अध्यक्ष त्रिभुवन नेगी, कैलाश नौटियाल, गंगाराम सकलानी, दीपा देवी आर्य, देवेश्वरी नेगी, ममंद की अध्यक्ष सर्वेश्वरी गुसाईं, उमा कैन्तुरा, श्रीनन्द जमलोकी, चन्द्र सिंह नेगी, उमा भट्ट, ममता नौटियाल, सनोज गुसाईं सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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