*एमडीडीए की अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर कार्रवाई, चार स्थानों पर चला अभियान*

*धर्मपुर और कॉवली में अवैध निर्माण सील, सेलाकुई में 20 बीघा प्लॉटिंग ध्वस्त*

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाते हुए दो स्थानों पर अवैध निर्माण सील किए, जबकि सेलाकुई क्षेत्र में लगभग 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित विकास सुनिश्चित करना तथा बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण और भूखंडों के अनधिकृत विकास पर अंकुश लगाना है। एमडीडीए की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में निर्माण और प्लॉटिंग के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है। नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे निर्माणों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

*धर्मपुर और कॉवली में बहुमंजिला निर्माण सील*

प्राधिकरण की टीम ने धर्मपुर स्थित प्रगति विहार की लेन नंबर छह में उपेन्द्र अग्रवाल द्वारा किए गए अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। इसके अतिरिक्त देहरादून की मानसरोवर कॉलोनी, कॉवली में कैलाश, सतीश और हरीश डोभियाल द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर भी कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को सील किया। इन कार्रवाइयों के माध्यम से एमडीडीए ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि बिना आवश्यक स्वीकृति निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्ती बरती जाएगी। प्राधिकरण क्षेत्र में भवन निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों और स्वीकृत मानचित्र का पालन करना अनिवार्य है।

*सेलाकुई में लगभग 20 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण*

अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एमडीडीए की टीम ने न्यू हाईवे, शिमला बाईपास क्षेत्र के कल्याणपुर, सेलाकुई में देवेंद्र रावत एवं अन्य द्वारा लगभग 10 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया। इसी क्षेत्र में न्यू हाईवे, सेलाकुई में नवाज अली और भू-स्वामी द्वारा लगभग 10 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस तरह दोनों मामलों में लगभग 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार ध्वस्तीकरण अभियान संचालित किया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्रीय सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहे।

*नियोजित विकास के लिए एमडीडीए सख्त*

प्राधिकरण का कहना है कि शहर के सुनियोजित विकास, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता और भवन निर्माण संबंधी नियमों के पालन के लिए अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान महत्वपूर्ण है। अनधिकृत प्लॉटिंग से भविष्य में सड़क, जल निकासी, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में आम नागरिकों को भी भूमि खरीदने से पहले संबंधित भूखंड की वैधानिक स्थिति और आवश्यक स्वीकृतियों की जांच करनी चाहिए।

*नियोजित विकास के लिए एमडीडीए सख्त*

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का कहना है कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नियोजित विकास और बेहतर शहरी व्यवस्था के विजन के अनुरूप प्राधिकरण की प्राथमिकता है कि विकास कार्य नियमों के दायरे में हों। बिना स्वीकृति निर्माण करने और अवैध प्लॉटिंग के माध्यम से नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हमारा उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना भी है। आम नागरिकों से अपील है कि भूमि खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति और संबंधित स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें।

*शिकायतों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई*

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शिकायतों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। धर्मपुर, कॉवली और सेलाकुई में की गई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। आमजन से अपील है कि भवन निर्माण अथवा भूखंड विकसित करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें। नियमों का पालन कर ही शहर के व्यवस्थित और सुरक्षित विकास में सहयोग किया जा सकता है।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist. For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction. Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan. शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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