भजन जैमिंग, जेन जी के जीवन में आध्यात्मिक क्रांति का नया स्वर
संगीत साधना बन रही है युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का महास्रोत
कोलकाता में आध्यात्मिकता, संगीत और युवा संवाद का अनूठा संगम
परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद और मार्गदर्शन
प्रसिद्ध भजन जैमिंग कलाकार राघव एवं प्राची की विशेष प्रस्तुति
परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने अपने भजनों से किया मंत्रमुग्ध सारेगामा के सौजन्य से आयोजित भजन जैमिंग कार्यक्रम में आदरणीय श्री संजीव गोयनका जी की गरिमामयी उपस्थिति
देशभर में मंदिरों, घाटों और धर्मस्थलों के पुनर्निर्माण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आदर्श शासन, लोकसेवा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करने वाली लोकमाता, अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती परमार्थ निकेतन से भावभीनी श्रद्धाजंलि
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर पूज्य स्वामी जी ने दिया संदेश-
नशे को ना, जीवन को हाँ
भ्रम नहीं, भजन चुनें
विनाश नहीं, विकास चुनें
स्वामी चिदानन्द सरस्वती
कोलकाता, 31 मई। आज की युवा पीढ़ी की दुनिया मोबाइल स्क्रीन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और तेजी से बदलते जीवन मूल्यों के बीच अपनी पहचान खोज रही है, ऐसे समय में परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में 10 हजार से अधिक युवाओं की उपस्थिति में कोलकाता में राघव व प्राची के द्वारा भजन जैमिंग का अद्भुत, अलौकिक, विलक्षण और ऊर्जावान कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर पूज्य स्वामी जी ने उस मां को भी सम्मानित किया जिन्होंने ऐसे सुन्दर संस्कार देकर अपने दोनों बच्चों के जीवन को भारतीय संस्कृति के संस्कारों से युक्त किया।
बचपन से अपने परिवार के साथ गंगा के पावन तट पर आने वाले ये दो विलक्षण प्रतिभा सम्पन्न युवा ’भजन जैमिंग’ के माध्यम से देश के युवाओं को अपनी जड़ों, संस्कृति और आत्मिक शक्ति से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। भजन जैमिंग एक ऐसी आध्यात्मिक क्रांति है जो आधुनिकता और सनातन के बीच एक सुंदर सेतु का निर्माण कर रही है।
जिस पीढ़ी को अक्सर तनाव, अकेलापन, अवसाद, डिजिटल व्यसन और पहचान के संकट से जूझता हुआ देखा जाता है, उसी पीढ़ी के युवा जब भजन जैमिंग में शामिल होते हैं तो उनके भीतर एक अद्भुत परिवर्तन दिखाई देता है। संगीत की लय, मंत्रों की शक्ति और भक्ति की ऊर्जा उनके मन को स्थिरता, सकारात्मकता और आत्मविश्वास प्रदान करती है। जहां शोर था वहां शांति है।
गिटार, तबला, ढोलक और भजनों के साथ जब भक्ति के स्वर गूंजें तो युवा केवल श्रोता नहीं बल्कि, सहभागी बनकर आज दस हजार से अधिक युवा पूज्य स्वामी जी और पूज्य साध्वी जी के पावन सान्निध्य में एक साथ गाते, झूमते व नाचते हुये भजन जैमिंग का आनंद लिया।
आज देश को ऐसे ही युवा नेतृत्व की आवश्यकता है जो केवल करियर ही नहीं, बल्कि कैरेक्टर निर्माण की बात करे, जो केवल सफलता नहीं, बल्कि सार्थकता का मार्ग दिखाए, जो केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अंतर्मन को प्रकाशित करने वाली प्रेरणा दे।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि आज का युवा केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान का सबसे शक्तिशाली परिवर्तनकारी माध्यम है। यदि युवा अपनी ऊर्जा को सही दिशा देे तो वह स्वयं के साथ समाज और राष्ट्र का भी उत्थान कर सकता है। भजन जैमिंग केवल संगीत का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक आंदोलन है। जब युवा भक्ति, संगीत और संस्कृति से जुड़ता है तो जीवन के प्रति एक नई दृष्टि का जन्म होता है।
पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग आवश्यक है, लेकिन तकनीक हमारे हाथों में रहे, हमारे मन और जीवन पर उसका नियंत्रण न हो। भजन, ध्यान और आध्यात्मिकता युवाओं को अपने भीतर की शांति, शक्ति और उद्देश्य से जोड़ते हैं। भारत की आध्यात्मिक विरासत ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और जब युवा अपनी जड़ों से जुड़ा रहेगा तभी वह विश्व का नेतृत्व कर सकता है।
पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि भजन जैमिंग युवाओं को आंतरिक जुड़ाव की ओर ले जाने का एक सुंदर माध्यम है। संगीत हृदय की भाषा है और भक्ति आत्मा की। जब दोनों का संगम होता है तो जीवन में आनंद, संतुलन और शांति का उदय होता है। यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता होती है कि हजारों युवा अपनी संस्कृति, आध्यात्मिकता और भारतीय मूल्यों से जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता किसी विशेष स्थान तक सीमित नहीं है इसकी शुरुआत अपने घर, अपने हृदय और अपने दैनिक जीवन से की जा सकती है। जब युवा स्वयं को पहचान लेता है, तब उसके जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल जाती हैं।
भजन जैमिंग इसी परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रहा है। गंगा की पवित्र धारा से निकला यह संगीत संदेश आज देश के कोने-कोने तक पहुंच रहा है और जेन जी को याद दिला रहा है कि उनकी सबसे बड़ी शक्ति उनकी आध्यात्मिक विरासत है। जब युवा अपनी जड़ों से जुड़ता है, तभी वह अपने पंखों को सही दिशा में फैलाकर आकाश की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
दस हजार से अधिक संख्या में उपस्थित युवाओं ने पूज्य स्वामी जी व पूज्य साध्वी जी से आधुनिक युग में बढ़ती डिजिटल कनेक्टिविटी के बावजूद लोगों के भीतर महसूस होने वाला अकेलापन, संबंधों में अस्थिरता, जीवनसाथी के चयन के मानदंड तथा घर से आध्यात्मिक यात्रा आरंभ करने की संभावनाओं पर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इस अवसर पर एक विशेष “वन-वर्ड रिफ्लेक्शन राउंड” भी आयोजित किया गया, जिसमें श्रीकृष्ण, युवा, प्रसन्नता, अहंकार, जुनून, भारत और भजन जैमिंग पर पूज्य स्वामीजी एवं साध्वीजी ने गहन आध्यात्मिक दृष्टिकोण युवाओं को प्रदान किया।
भजन जैमिंग के प्रसिद्ध युवा कलाकार राघव और प्राची “मौर्या रे” गीत की जीवंत प्रस्तुति देकर पूरे सभागार को संगीत और ऊर्जा से सराबोर कर दिया। कोलकाता की इस यादगार संध्या ने यह संदेश दिया कि आधुनिक जीवन की चुनौतियों के बीच भी आध्यात्मिकता, संगीत और सार्थक संवाद युवाओं के जीवन को दिशा और संतुलन प्रदान कर सकते हैं। सारेगामा के सौजन्य से आयोजित भजन जैमिंग कार्यक्रम में आदरणीय श्री संजीव गोयनका जी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा को और बढ़ाया।
देशभर में मंदिरों, घाटों और धर्मस्थलों के पुनर्निर्माण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आदर्श शासन, लोकसेवा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करने वाली लोकमाता, अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती परमार्थ निकेतन से भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुये आज की गंगा आरती उन्हें समर्पित की। उनका जीवन त्याग, धर्मनिष्ठा, न्यायप्रियता और जनकल्याण के प्रति अटूट समर्पण का अद्वितीय प्रतीक है। भारतीय नारी शक्ति की इस महान विभूति ने यह सिद्ध किया कि संवेदनशीलता, सेवा और दृढ़ नेतृत्व के बल पर समाज और राष्ट्र को नई दिशा दी जा सकती है। उनका प्रेरणादायी जीवन आज भी सुशासन, सांस्कृतिक संरक्षण और मानवता की सेवा के लिए मार्गदर्शक प्रकाशस्तंभ है।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *