ग्रीष्मकाल में पेयजल व विद्युत समस्याओं के त्वरित निदान हेतु जिले के कंट्रोल रूम में जल संस्थान, जल निगम, विद्युत स्मार्ट सिटी, यूयूएसडीए प्रत्येक अधिष्ठान से एक-एक जेई रहेंगे अनिवार्यत: तैनात: डीएम

अपने contingency plans व संपर्क सूची सहित पेयजल के हर डिविजन से तैनात रहेंगे जिम्मेवार, जारी होगा रोस्टर:

प्रत्येक दिवस पर प्रात: व सांय करना होगा डिस्ट्रेस कॉल्स का समाधान

गर्मियों में पेयजल स्रोत वितरण और सप्लाई बाबत डीएम ने की समीक्षा बैठक

टैंकर्स टेंडर्स किए फाइनल, स्रोतों की सफाई संपन्न के सख्त निर्देश

प्रत्येक डिवीजन विंग के हेल्पलाइन नंबर किया जाए बार-बार सार्वजनिक

पेयजल संकट एरिया में वैकल्पिक व्यवस्था, ट्यूबवैल पर अतिरिक्त पंप व मोटर रखने के निर्देश।

प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता

निर्बाध पेयजल आपूर्ति रखने के लिए विभागों को मिलेगा पर्याप्त बजट-डीएम

देहरादून ।ग्रीष्म ऋतु में पेयजल और विद्युत समस्याओं का त्वरित समाधान और नियमित आपूर्ति को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को ऋषिपर्णा सभागार में जल संस्थान एवं यूपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देशित किया कि ग्रीष्मकाल में निर्बाध रूप से पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्बाध पेयजल आपूर्ति रखने के लिए विभागों को मिलेगा पर्याप्त बजट है।

डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रीष्म पेयजल तनाव में मंथर प्रतिक्रिया की कोई गुंजाइश नहीं है, उन्होंने ग्रीष्मकाल में पेयजल व विद्युत समस्याओं के त्वरित निदान हेतु जिले के कंट्रोल रूम में जल संस्थान, जल निगम, विद्युत स्मार्ट सिटी, यूयूएसडीए प्रत्येक अधिष्ठान से एक-एक जेई रहेंगे अनिवार्यत: तैनात करने के निर्देश दिए। विभागों के जिम्मेदार अधिकारी अपने contingency plans व संपर्क सूची सहित पेयजल के हर डिविजन से रोस्टरवार तैनाती रहेंगे तथा

प्रत्येक दिवस प्राप्त होने वाली पेयजल, विद्युत समस्या सम्बन्धी डिस्ट्रेस कॉल्स का समाधान करेगे। उन्होंने टैंकर्स टेंडर्स किए फाइनल, स्रोतों की सफाई संपन्न के सख्त निर्देश दिए।

उन्होंने जल संस्थान , पेयजल निगम, विद्युत के प्रत्येक डिवीजन विंग के हेल्पलाइन नंबर को बार-बार सार्वजनिक किया जाए। डीएम ने पेयजल संकट एरिया में वैकल्पिक व्यवस्था, ट्यूबवैल पर अतिरिक्त पंप व मोटर रखने के निर्देश।

जिलाधिकारी ने सभी अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए कि पेयजल संकट वाले क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए उन क्षेत्रों में वैकल्पिक रूप से नियमित पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था की जाए। पेयजल लीकेज ठीक करने और लाइनों के रखरखाव हेतु पर्याप्त संख्या में लाइनमैन, ट्यूबवेल ऑपरेटर तैनात किए जाए। जहां पर आवश्यकता है, वहां पर मैनपावर बढ़ाई जाए। कहा कि इसके लिए विभाग को पर्याप्त बजट भी उपलब्ध कराया जाएगा। हिदायत दी कि मैनपावर की वजह से कही पर दिक्कत नहीं आनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु जिले स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। उन्होंने सभी अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए कि ग्रीष्मकाल के लिए अपने सभी डिविजनों से एक सक्षम अधिकारी/कार्मिक को कंट्रोल में तैनात रखें। पेयजल संकट वाले क्षेत्रों का नाम, संबंधित क्षेत्र के एई, जेई का नाम, टैंकरों के फिलिंग प्वाइंट्स, पेयजल लाइन, पपिंग स्कीम, हँड पंप, वैकल्पिक व्यवस्था, मैनपावर की तैनाती के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तत्काल कंट्रोल रूम को उपलब्ध करें। सभी ट्यूबवैल पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी डिवजनों के टोल फ्री नंबर का प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान किया सके। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को सभी डिविजनों के साथ बैठक करते हुए ग्राउंड लेवल की समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने यूयूएसडीए, जल निगम, जल संस्थान, ईएनएम, डीडब्लूएसएम, यूपीसीएल, स्मार्ट सिटी, यूपीसीएल आदि विभागों के माध्यम से ग्रीष्म काल में नियमित आपूर्ति को लेकर किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।

बैठक में पेयजल के अधीक्षण अभियंताओं ने अपने डिवीजन से संबंधित जानकारी से अवगत कराया गया। बताया कि जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति व जनरेटर स्थापित करने हेतु निविदा कर ली गई है। नलकूपों पर किराए के जनरेटर स्थापित कर विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। सभी डिविजनों में समस्याओं के निस्तारण के लिए टोल फ्री नंबर भी प्रचारित किए गए है।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, एसडीएम कुमकुम जोशी, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम निशा सिन्हा, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान नमित रमोला, अधीक्षण अभियंता प्रवीण, अधीक्षण अभियंता राजीव सैनी सहित सभी डिवीजनों के अधिशासी अभियंता उपस्थित थे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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