भारतीय जनता पार्टी महानगर देहरादून की ओर से भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती सेवा पखवाड़े के अंतर्गत सर्वे चौक आईआरडीटी ऑडिटोरियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सर्वप्रथम कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश की युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी एवं सुधा यादव सदस्य संसदीय बोर्ड कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी खजनदास विधायक सविता कपूर उमेश शर्मा कोउ महापौर सौरभ थपलियाल एवं महानगर अध्यक्ष के द्वारा श्रद्धेय डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का कार्यक्रम की शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में महानगर के अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल जी के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी एवं सुधा यादव सदस्य संसदीय बोर्ड एवं अतिथियों का स्वागत अभिनंदन किया गया और कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रेरणादायक प्रेरणा स्रोत के रूप में हम सबके दिलों में निवास करते हैं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री आदरणीय पुष्कर सिंह धामी जी ने श्रद्धेय डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को कोटि-कोटि नमन करते हुए सभी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया स्वागत किया और कहा कि भारतीय जनता पार्टी में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सर्वोच्च स्थान है आपके द्वारा ही आपकी दूरगामी सोच के द्वारा ही आज भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता समाज हित में आपके विचारों से प्रेरित होकर आगे बढ़ रहा है आपके द्वारा कथित वचन इस देश में दो विधान तो निशान दो प्रधान नहीं चलेंगे इसके लिए देश की अखंडता और स्वाधीनता को मध्य नजर रखते हुए अपने अपने प्राणों का बलिदान दिया आज देश की यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा धारा 370 हटाकर उसको पूरा किया गया है। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन सामाजिक क्षेत्र में एवं राजनीतिक क्षेत्र में एक अमूल्य योगदान रहा है।
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी मात्र 33 वर्ष की आयु में सबसे युवा कुलपति बने जो उसे समय एशिया के सबसे महत्वपूर्ण विश्वविद्यालय में से एक था। देश के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी की नेतृत्व में भाजपा सरकार के द्वारा लाई गई जो नई शिक्षा नीति 2020 वह डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रत्यक्ष परिणति है उन्होंने ही कहा था कि कम से कम कक्षा 5 तक मातृभाषा को महत्वता देनी चाहिए।
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने नेहरू जी की सरकार से इस्तीफा दिया और राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाते हुए जनसंघ की स्थापना करते हुए 11 में 1953 में उन्होंने जानबूझकर और सचेत अवहेलना करते हुए बिना परमिट के जम्मू कश्मीर की सीमा पार की जहां उन्होंने गिरफ्तार कर लिया गया 45 दिनों तक हिरासत में रखा गया वहां उनका स्वास्थ्य खराब हुआ उन्हें उपचार भी नहीं मिला स्वास्थ्य खराब लगातार चलते रहने से 23 जून को उनका निधन हुआ।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी जो दिल्ली से डॉक्टर मुखर्जी के साथ यात्रा पर निकले थे और उन्हें पठानकोट से वापस लौटना पड़ा था वर्ष 2004 में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा जम्मू कश्मीर में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की गिरफ्तारी नेहरू जी की साजिश थी जो आज भी एक रहस्यमई बनी हुई है।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने 5 अगस्त 2019 को धारा 370 को निरस्त करके डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जीके 66 साल पुराने सपने को पूरा किया और एक देश एक संविधान के मंत्र को साकार किया यह हम सब की डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को एक सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित है।

कार्यक्रम में वक्ता के रूप में डॉ सुधा यादव सदस्य संसदीय बोर्ड ने भी डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी नेहरू जी की सरकार में उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में शामिल हुए उनकी क्षमता ईमानदारी और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसी नेताओं ने सरकार में उनके समावेश का समर्थन किया था वर्ष 1947 से 1950 तक लगभग ढाई वर्ष तक भारत के पहले उद्योग मंत्री के रूप में कार्य किया।
स्वतंत्र भारत की औद्योगिक व्यवस्था की बुनियादी संरचना खड़ी की जो आज भी एक मजबूत व्यवस्था है।
6 अप्रैल 1948 के भारत सरकार के ऐतिहासिक संकल्प के माध्यम से देश की पहली अधिक नीति की रूपरेखा तैयार की जो भारत की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का स्थापना चार्ट बनी भारत को राष्ट्रीय रक्षा के लिए आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन में आत्मरता बनाने के लिए निजी और सरकारी दोनों संस्थाओं को एक सरकारी प्रयास लाने का भी प्रयास किया। देश की रक्षा परमाणु ऊर्जा रेलवे और विमान सेवाएं भी देश को गति बनाने में सर्वोच्च स्थान पर रखी।
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपने पूरे कार्यकाल में राजनीतिक विरोधियों सहित समकालीनों द्वारा एक भी उंगली नहीं उठाई जा सकती उनका प्रशासनिक प्रदर्शन पूरी तरह निष्कलंक और पारदर्शी था।
दो मुखर्जी ने अपने सिद्धांतों को मजबूती देने के लिए इस्तीफा दिया सत्ता की जगह उन्होंने राष्ट्र को प्राथमिकता दी।
कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत द्वारा भी कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी हम सबके मार्गदर्शक हैं वह एक ऐसे नेता थे जो एक मंच की तलाश में थे राष्ट्र को उनकी दृष्टि के अनुरूप एक मंच की आवश्यकता थी।
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में जनसंख्या वैचारिक स्तंभ थे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद राष्ट्रीय एकीकरण स्वदेशी अर्थशास्त्र हिंदी को बढ़ावा देना अखंड भारत की भावना और सभी नागरिकों को पूर्ण समानता देना उनका लक्ष्य था।
1952 में स्वतंत्र भारत के पहले आम चुनाव में जनसंघ नई पार्टी के रूप में उभर कर संसद में तीन सिम जीती जिसमें डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक स्वयं शामिल थे।
1900 डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सर्वोच्च बलिदान के बाद जंक्शन पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्री अटल बिहारी वाजपेई और श्री एलके आडवाणी जी जैसे महान नेताओं के संरक्षण में निरंतर आगे बढ़ता रहा 1980 में भारतीय जनता पार्टी का जन्म हुआ जनसंख्या के प्रत्यक्ष उत्तराधिकारी के रूप में हुआ जो इस राष्ट्रवादी विचारधारा को आगे बढ़ा रही है जैसे डॉ मुखर्जी ने सोचा था।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास जी ने सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया और डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को कोटि-कोटि नमन करते हुए सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हम सब कार्यकर्ता आज उनको अपना प्रेरणादायक के रूप में मानते हैं उनका जीवन हमें सिखाता है कि वास्तविक जन सेवा क्या होती है समाज की सेवा में मित्रता का उपयोग भ्रष्टाचार से मुक्त सट्टा का संचालन व्यक्तिगत आराम से ऊपर अंतःकरण की आवाज को रखना और दल एवं स्वयं से ऊपर हमेशा राष्ट्र को सर्वोपरि मानना।

कार्यक्रम में दर्जाधारी मंत्री श्रीमती विनोद उनियाल डॉ देवेंद्र भसीन श्याम अग्रवाल विश्वास डाबर महानगर उपाध्यक्ष राजेंद्र ढिल्लों संकेत नौटियाल सुनील शर्मा महानगर महामंत्री विजेंद्र संदीप मुखर्जी मंत्री समीर डोभाल संतोष सेमवाल विनोद शर्मा मोतीराम सभी मंडल अध्यक्ष कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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