*डीएम ने सात बेटियों का सपना साकार कर, सीडीओ संग किया जनपद में ‘प्रोजेक्ट नन्दा सुनंदा’ का विधिवत शुभारंभ*

*डीएम और उनकी टीम हर हफ्ते करेगी किसी न किसी नंदा या सुनंदा रूपक बेटियों को सशक्तः*

*डीएम का ब्रेनचाईल्ड ‘प्रोजेक्ट नन्दा सुनंदा’ के तहत 07 बालिकाओं को मिला रू0 244731 का चैक*

*बेटियों के लिए ऐतिहासिक शुभारंभ कर, आज लौटा दी सात बेटियों के चेहरे पर मुस्कान*

*जिले में परिवार त्रासदी या आर्थिक तंगी अब नही रोक पाएगी बेटियों की उड़ान : डीएम*

*जनता दरबार एवं बहुद्देशीय शिविरों में के माध्यम से किया जा रहा चयन।*

*नैनीताल में डीएम रहते भी कर चुके है, 60 बालिकाऐं समृद्ध, सशक्त, सुदृढ़*

देहरादून। ।जिलाधिकारी सविन बंसल ने गरीब अनाथ, असहाय बालिकाओं स्नातक, स्नात्तकोत्तर एवं कौशल शिक्षा की जिम्मेदारी उठाते बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इसके लिए डीएम ने बालिकाओं की शैक्षणिक भविष्य संवारने के लिए जनपद में प्रोजेक्ट ‘नंदा-सुनंदा’ शुरू किया है, जिसमें बालिकाओं के चयन के लिए multimultidisciplinary ( बहु विषयक ) समिति बनाई है, जिससे चयन निष्पक्ष, पारदर्शी एवं वास्तविक हो।

जनपद में प्रोजेक्ट ‘नंदा-सुनंदा’ का आज जिलाधिकारी सविन बंसल एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने 07 बालिकाओं को संयुक्त रूप से रू0 244731 का चैक वितरण कर योजना का विधिवत शुभारंभ किया। अनाथ रोशनीं, असहाय एवं गरीब बेटियों रोनक, शशांक, मीना, आकांश, मानसी साहू एवं विधि को “नन्दा सुनंदा प्रोजेक्ट“ और “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ“ योजना के तहत, जिला प्रशासन द्वारा वित्तीय सहायता दी गई। इन बालिकाओं का चयन उनकी विषम परिस्थितियों को देखते हुए किया गया है, ताकि वे उच्च शिक्षा/कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्म निर्भर बन सकें। जिनमें अनाथ रोशनी को श्री गुरू राम राय विश्वविद्यालय, देहरादून से बी.एससी (योगिक साइंस) कोर्स हेतु रू0 28,975 की सहायता राशि दी गई। जबकि सहाय एवं गरीब, रोनक राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से स्नातक की पढाई हेतु रू0 25,000, शशांक को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से 12वीं अध्ययन हेतु रू0 15,000, मीना को पूजा मेकओवर, ठाकुरपुर चौक, डांडी, मोथरोवाला, देहरादून से ब्यूटीशियन कोर्स हेतु 50,000, अकांक्षा को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से 12वीं अध्ययन हेतु रू.15,000, मानसी साहू को उत्तरांचल विश्वविद्यालय, देहरादून से पीएचडी की पढ़ाई हेतु रू. 52,500 तथा विधि को उत्तरांचल विश्वविद्यालय, देहरादून से होटल मैनेजमेंट का कोर्स हेतु रू0 58,256 की अर्थिक सहायता दी गई।

योजना के शुभारंभ अवसर पर जिलाधिकारी से बालिकाओं ने साझा किया अपने भावी भविश्य निर्माण की संकल्प, वही जिलाधिकारी ने उत्सुकता से जाना बालिकाओं के सपनों की उड़ान की बाते, कहा कि आप सभी के सपनों को साकार करने में जिला प्रशासन हर संभव मदद करेंगे। साथ ही जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी, डीपीओ (आईसीडीएस) का विशेश आभार जताते हुए कहा कि इस नेक आडिया को मूर्त रूप देने में उत्साह पूर्वक सहयोग किया।

जिलाधिकारी के ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ से जिले की गरीब, अनाथ एवं असहाय तथा अन्य विषम परिस्थितियों में अध्ययन कर रही बालिकाओं को उच्च शिक्षा स्तर तक शिक्षित करने एवं कौशल शिक्षा प्रदान करते हुए रोजगार से जोड़ा जाएगा। समिति के सदस्यों द्वारा अग्रिम कार्यवाही किये जाने की सहमति के क्रम में गरीब, अनाथ एवं असहाय तथा अन्य विषम परिस्थितियों में अध्ययन कर रही बालिकाओं को न्यूनतम स्नातक स्तर तक शिक्षित किये जाने एवं कौशल शिक्षा प्रदान करते हुए रोजगार से जोड़ने हेतु कार्ययोजना निर्धारित की गई है। बालिकाओं का चयन जनता दरबार एवं बहुद्देशीय शिविरों में जनपद में विभिन्न सरकारी कार्यालयों के माध्यम ये प्राप्त प्रार्थना पत्र, जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी के अधीन बालिका गृहों में निवासरत बालिकायें, जनपद की समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ती के माध्यम से सर्वे के आधार पर किया जाएगा।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने यह अभिनव कार्य जनपद नैनीताल में डीएम रहते भी कर चुके है, उक्त प्रोजेक्ट के तहत उन्होने 60 बालिकाओं को शैक्षणिक विकास में समृद्ध, सशक्त, सुदृढ़ कर भविश्य को संवारा है।

जिलाधिकारी का यह अभिनव कार्य जनपद देहरादून के उन बालिकाओं के लिए सपने साकार करने का एक सुनहरा अवसर है, जो आर्थिकीय तंगी, पारिवारिक असहाय के चलते स्कूली शिक्षा छोड़कर अपना जीवन व्यतीत कर रही है। प्रोजेक्ट ‘नंदा-सुनंदा’ उन बालिकाओं की सपनों को साकार करने में जिलाधिकारी का यह प्रयास सार्थक साबित होगी।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी न्यायिक कुमकुम जोशी, डीपीओ (आईसीडीएस) जितेन्द्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी पूनम चमोली, प्रशासनिक अधिकारी कपिल कुमार सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी गण उपस्थित थे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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