तीन वर्ष में धामी सरकार ने लिए कई ऐतिहासिक निर्णय-डा.देवेंद्र भसीन

हरिद्वार, 22 मार्च। धामी सरकार के तीन साल पूरे होने पर 22 मार्च से 30 मार्च तक पूरे प्रदेश में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। प्रैस क्लब में आयोजित पत्रकारवार्ता में जानकारी देते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्य सरकार में दायित्वधारी डा.देवेंद्र भसीन ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरे कार्यकाल व उनके नेतृत्व में भाजपा सरकार के ऐतिहासिक तीन वर्ष 23 मार्च को पूरा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन व आशीर्वाद के साथ हुए कार्याेें के कारण ये तीन वर्ष ऐतिहासिक महत्व के और गौरवपूर्ण हैं। डा.भसीन ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के वर्तमान कार्यकाल के तीन वर्ष सेवा, सुशासन व विकास के वर्ष है। इन तीन वर्षों को लेकर पूरे प्रदेश में सरकार सेवा थीम पर एक सप्ताह तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। जिसमें भाजपा अपनी पूर्ण सहभागिता निभाते हुए सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगी। कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए डा.भसीन ने बताया कि 22 मार्च को मुख्यमंत्री अल्मोडा में एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। 23 मार्च को सेवा दिवस मनाया जाएगा और मुख्यमंत्री देहरादून में आयोजित एक विशाल कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की जनता को संबोधित करेंगे। जिसका लाईव प्रसारण किया जाएगा। इस अवसर पर विकास पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा और स्वास्थ्य शिविर व बहुउद्देश्यीय शिविर भी लगाए जाएंगे। इसके पश्चात 30 मार्च तक प्रदेश के ब्लॉकों/विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न सेवा शिविर आयोजित होंगे इनमें स्वास्थ्य परीक्षण रक्तदान शिविर व जनता से जुड़े विभिन्न कार्यों को यथास्थान पूरा करने के लिए बहुउद्देशीय शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों में अधिकारी जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह कार्यकाल ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण निर्णयों वाला है। जिनकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। तीन वर्षो में सरकार ने समान नागरिक संहिता, सशक्त भू कानून, नकल विरोधी, दंगा विरोधी कानून, महिला आरक्षण, राज्य आंदोलनकारी आरक्षण आदि महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। डा.भसीन ने कहा कि ये तीन वर्ष उत्तराखंड के तेज व चहुंमुखी विकास, मातृ शक्ति के सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार, पूर्व सैनिकों, किसानों, व्यापारियों, समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के वर्ष रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धाम ताप की जो दिशा दिखाई है वह राज्य के बारह माह के पर्यटन के विकास में गेम चेंजर सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री अपने विकल्प रहित संकल्प को पूरा करने व प्रदेश को देश के अग्रणी राज्य बनाने की दिशा तेज गति से आगे बढ़े हैं। ये तीन वर्ष हमारी सनातन संस्कृति, उत्तराखंड की रक्षा और विरासत के प्रसार के वर्ष भी हैं। तीन वर्षों में भ्रष्टाचार पर तेज प्रहार हुए हैं और अपराधियों को जेल का रास्ता दिखाया गया है। साथ ही जनता के लिए सीधे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने का तंत्र विकसित किया गया। जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। राज्य में लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद आदि प्रदेश व सनातन विरोधी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। प्रदेश में पांच हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। 24,000 रिक्त सरकारी पदों में से 19,000 पदों पर पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां प्रदान की जा चुकी है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार को लेकर जीरों टोलरेंस की नीति के चलते जहां एक और भ्रष्टाचार के अनेको मामलों में अधिकारियों व कर्मचारियों को जेल भेजा गया है और यह प्रक्रिया लगातार जारी है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं को भ्रष्टाचार और नकल से मुक्त करने का जो संकल्प लिया गया। उसके परिणामस्वरूप प्रदेश में कड़ा नकल विरोधी कानून परित किया गया। जिसके आधार पर केन्द्र सरकार ने भी इस दिशा में कार्यवाही की वहीं दूसरी और जनता को भ्रष्टाचार करने की शिकायत करने का अधिकार देने के लिए 1064 ऐप जारी किया गया है। जिसमें दी गई सूचनाओं को गोपनीय रखा जाता है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस क्रम में महिलाओं के लिए सरकारी नौकरीयों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। महिलाओं को स्वाबलंबी बनाने के लिए लखपति दीदी योजना प्रगति पर है। वहीं उनके रोजगार के लिए महत्वपूर्ण योजना चल रही है। जिसके परिणामस्वरूप 30,000 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री सशक्त बहिना उत्सव योजना के माध्यम से 3.18 करोड़ के स्थानीय उत्पादों का विपणन किया गया है

डा.भसीन ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकरियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुये राज्य सरकार द्वारा जहां उन्हें सम्मान राशि प्रदान की जाती है। वहीं सरकार ने आंदोलनकरियों व उनके पात्र अश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया है। उत्तराखण्ड सैन्य बहुल्य प्रदेश है और सैनिकों का सम्मान हमारा सम्मान है। पूर्व सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन का लाभ देने के साथ कई अन्य सुविधाएं प्रदान की। उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एक मुश्त राशि में वृृद्धि की गई है। इनमें परमवीर चक्र विजेताओं को दी जाने वाली राशि 30 लाख से बढ़ाकर 50 लाख की गई है। इसी प्रकार अशोक चक्र 30 लाख से 50 लाख, महावीर चक्र 20 लाख से 35 लाख, कीर्ति चक्र 20 लाख से 35 लाख, वीर चक्र और शौर्य चक्र 15 लाख से 25 लाख और सेना गैलेंट्री मेडल 07 लाख से 50 लाख मैन्सइनडिस्पेच 3 लाख से 10 लाख किया गया है।

उत्तराखण्ड में आम जनता को सस्ता व सुुलभ उपचार दिलाने के लिए जहां सरकारी अस्पतालों व प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रों की संख्या बढ़ायी गयी। वहीं अटल आयुषमान योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी परिवारों को 5 लाख रूपये वार्षिक की मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान कि जा रही है। इसके अंतर्गत 50 लाख लोगों ने आयुष्मान कार्ड बना लिये है और लाखों लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं।

डा.भसीन ने कहा कि राज्य के विकास में कनेक्टविटी की विशेष भूमिका रही है। इसलिए राज्य में सड़क रेल हवाई मार्गों के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड के गढ़वाल व कुमांऊ से कई नई ट्रेन शुरू की गई हैं। इनमें मानस खण्ड एक्सप्रेस वन्दे भारत, पर्यटन ट्रेन शिद्धबली एक्प्रेस, पूर्णागिरी एक्प्रेस आदि शमिल है। इसी प्रकार पिथौरागढ़ के लिए नई हेली सेवा प्रारम्भ हुई है। साथ ही हल्द्वानी मुनस्यारी, आदि कैलाश व ओम पर्वत के लिए नई हवाई सेवा प्रारम्भ हुई है। ऑल वेदर रोड और भारत माला योजना के अंतर्गत सड़कों का विस्तार हो रहा है। जिसका लाभ सीमांत जिलों को भी मिल रहा है। श्री केदारनाथ व श्री हेमकुण्ड साहिब रोपवे का निर्माण प्रगति पर है। इनके अतरिक्त बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में जनहित के कार्य चल रहे है। इनमें गरीब परिवारों को 3 सिलेंडर मुफ्त देना। किसान निधि, गेहुं खरीद पर 20 प्रतिशत का बोनस आदि शामिल हैं। राज्य आर्थिक दृष्टि से तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस वर्ष बिना कोई नया कर लगाये एक लाख करोड़ से अधिक का ऐतिहासिक बजट पेश किया गया है। इन सब का परिणाम है कि उत्तराखण्ड ने सतत विकास लक्ष्य 2023-24 में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

प्रैसवार्ता में भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी संजीव वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी नितिन चौहान, युवा मोर्चा अध्यक्ष विक्रम भुल्लर, जिला कोषाध्यक्ष सचिन शर्मा भी मौजूद रहे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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