परमार्थ निकेतन दर्शनार्थ आये राजस्थान के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री किरोड़ीलाल मीणा जी
पौधारोपण, कृषि समृद्धि, हॉर्टीकल्चर विकास और पर्यावरण संरक्षण हेतु पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने किया प्रेरित
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के प्रेरक संदेशों से राजस्थान सहित देशभर में हुआ हरित चेतना का विस्तार
माँ जानकी जयंती की शुभकामनायें
आज विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर पूज्य स्वामी जी ने स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत हेतु किया प्रेरित
कथाओं में पेड़े नहीं, पेड़ बाँटें
पौधारोपण मानवता के भविष्य का सुरक्षा कवच
स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश, 25 अप्रैल। राजस्थान सरकार के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री किरोड़ीलाल मीणा जी परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश दर्शनार्थ आये। उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट कर आशीर्वाद लिया तथा दिव्य गंगा आरती में सहभाग कर पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, किसान समृद्धि और हरित राजस्थान के निर्माण का संकल्प कराया।
गंगा आरती के पावन अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने श्री किरोड़ीलाल मीणा जी को रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर उनका अभिनन्दन करते हुए कहा कि भारत की संस्कृति सदैव प्रकृति पूजक रही है। आज जब विश्व जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जल संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है, तब पौधारोपण मानवता के भविष्य का सुरक्षा कवच बन सकता है।
परमार्थ निकेतन की गंगा आरती केवल पूजा-अर्चना का माध्यम नहीं, बल्कि जनजागरण का भी विराट मंच है। यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं को जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण रक्षा और पौधारोपण के लिए संकल्प कराया जाता है। इसी प्रेरणा से अनेक संकल्पवान साधक आगे आए हैं, जिन्होंने राजस्थान ही नहीं भारत सहित विदेश की धरती पर हजारों-हजारों पौधे लगाने का संकल्प लिया और उसे धरातल पर उतारा भी।
पूज्य स्वामी जी ने अपने भावपूर्ण संदेश में कहा कि “कथाओं में पेड़े न बाँटें, पेड़ लगाएँ।” यदि धार्मिक, सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों में मिठाइयों के साथ पौधे भी वितरित किए जाएँ, तो यह परंपरा समाज में हरित क्रांति का आधार बन सकती है। आज समय की मांग है कि उत्सवों को पर्यावरण से जोड़ा जाए, तभी संस्कृति और प्रकृति दोनों सुरक्षित रहेंगी।
पूज्य स्वामी जी ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति सदियों से वीरता, स्वाभिमान, त्याग और पराक्रम की अमर गाथाओं से जगमगाती रही है। इस पावन धरती ने ऐसे वीर सपूत दिए जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। अब समय की पुकार है कि यही राजस्थान पर्यावरण वीरों की भी भूमि बने। जो जल संरक्षण करें, वृक्षारोपण करें, मिट्टी को बचाएँ, जैव विविधता का संरक्षण करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य तैयार करें। अब तलवार नहीं, पौधे हमारे अस्त्र बनें और प्रकृति रक्षा हमारा धर्म बने। आज विश्व मलेरिया दिवस के पावन अवसर पर पूज्य स्वामी जी ने स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के राष्ट्रीय संकल्प हेतु सभी को प्रेरित किया। उन्होंने आज विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर कहा कि मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय स्वच्छता, सजगता और सामूहिक जिम्मेदारी है। घर, गांव, नगर और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव न होने दें, स्वच्छ जल का उपयोग करें और स्वच्छ वातावरण बनाए रखें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व है। जब नागरिक जागरूक होंगे, तभी राष्ट्र निरोग होगा। स्वच्छता अपनाएँ, रोग हटाएँ और स्वस्थ भारत का निर्माण करें।
श्री किरोड़ीलाल मीणा जी ने कहा कि राजस्थान जैसे विशाल राज्य में कृषि और ग्रामीण विकास का भविष्य जल संरक्षण, आधुनिक खेती, बागवानी विस्तार और पौधारोपण से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती तपती अवश्य है, परंतु यदि सामूहिक प्रयास हों तो यही भूमि हरियाली, समृद्धि और कृषि नवाचार की मिसाल भी बन सकती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई संसाधनों को मजबूत करने, जैविक खेती को प्रोत्साहन देने तथा हॉर्टीकल्चर सेक्टर को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। फलोत्पादन, सब्जी उत्पादन, औषधीय पौधों की खेती और ड्रिप सिंचाई जैसी योजनाएँ किसानों के लिए नई संभावनाएँ लेकर आई हैं।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने पौधा रोपण का संकल्प कराते हुये कहा कि वृक्ष केवल ऑक्सीजन हीं नहीं देते, वे जीवन देते हैं। वृक्ष जल चक्र को संतुलित रखते हैं, मिट्टी को बचाते हैं, पक्षियों को आश्रय देते हैं और मानव जीवन को स्वस्थ बनाते हैं। यदि हम आज वृक्ष नहीं लगाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें क्षमा नहीं करेंगी इसलिये आइए सभी मिलकर भारत में हरित क्रांति का नया अध्याय लिखने की तैयारी करें।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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