*कुम्भ-2027 को लेकर सड़क व रेल यातायात से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा*

*कुम्भ क्षेत्र में एनएच से जुड़ी परियोजनाओं को अविलंब पूरा करें : मेला अधिकारी**सभी सड़कों पर ब्लैक टॉप, सुरक्षा व सौंदर्यीकरण तथा चौराहों के सुधार के निर्देश*

*रेलवे स्टेशनों पर श्रद्धालुओं के लिए हों सुनिश्चित हों सभी आवश्यक व्यवस्थाएं*

*हरिद्वार।कुम्भ मेला-2027 के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए मेला प्रशासन ने सड़क एवं रेल यातायात से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की मुहिम शुरू कर दी है। इसी क्रम में मेला अधिकारी श्रीमती सोनिका ने गुरुवार को कुम्भ मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर), हर की पैड़ी में प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), रेलवे तथा सड़क निर्माण से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर कुम्भ क्षेत्र की सड़कों व चौराहों को सुधारने व संवारने तथा हरिद्वार और इसके निकटवर्ती सभी रेलवे स्टेशनों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान कुम्भ मेला क्षेत्र से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर चल रहे निर्माण कार्यों, सड़क चौड़ीकरण, मरम्मत, यातायात प्रबंधन तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। मेला अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण और सुधार कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि कुम्भ मेला-2027 के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मेला अधिकारी श्रीमती सोनिका ने कहा कि कुम्भ मेला विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति, सुचारु यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि कुम्भ क्षेत्र से होकर गुजरने वाले सभी राजमार्गों एवं प्रमुख चौराहों को अविलंब दुरुस्त किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी सड़कों पर ब्लैक टॉप किया जाए तथा मार्गों का सौंदर्यीकरण, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और चौराहों का सुधार सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए स्पष्ट साइनेज तथा मार्गदर्शन से जुड़े सूचना बोर्ड लगाए जाएं, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को मार्ग ढूंढने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, सुरक्षा संकेत तथा अन्य व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं।

मेला अधिकारी ने एनएचएआई के अधिकारियों को हरिद्वार-नजीबाबाद राजमार्ग तथा हरिद्वार रिंग रोड से जुड़े कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले के दौरान यातायात प्रबंधन की सफलता काफी हद तक इन महत्वपूर्ण मार्गों पर निर्भर करती है, इसलिए इन परियोजनाओं पर युद्धस्तर पर कार्य किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की दैनिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि कार्यों की प्रभावी निगरानी की जा सके।

मेला अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि कार्यों में किसी प्रकार की हीलाहवाली या अनावश्यक देरी पाई जाती है, तो इसकी जानकारी एनएचएआई के शीर्ष अधिकारियों को देकर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि कुम्भ मेले जैसी विशाल व्यवस्था के लिए सभी विभागों को पूर्ण जिम्मेदारी और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

बैठक में मोतीचूर क्षेत्र में स्थित पुराने मार्ग का कुम्भ मेले के दौरान उपयोग किए जाने की संभावना पर भी चर्चा की गई। इस संदर्भ में मेला अधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि उस मार्ग की स्थिति का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए तथा इस मार्ग पर स्थित पुराने पुल की तकनीकी जांच कर उसकी मजबूती सुनिश्चित की जाए, ताकि कुम्भ मेला के दौरान आवश्यकता पड़ने पर उसे वैकल्पिक मार्ग के रूप में सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सके।

बैठक में कुम्भ मेला के दौरान रेलवे द्वारा प्रस्तावित व्यवस्थाओं एवं कार्यों की समीक्षा करते हुए मेला अधिकारी ने कहा कि हरिद्वार के साथ ही मोतीचूर, ज्वालापुर सहित कुम्भ क्षेत्र एवं आसपास के रेलवे स्टेशनों पर मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं अभी से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने हरिद्वार रेलवे स्टेशन से हिल बाईपास की ओर संभावित निकास मार्ग की संभावना तलाशने के लिए लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

मेला अधिकारी ने सभी विभागों से समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर देते हुए कहा कि कुम्भ मेला-2027 की सफलता के लिए समयबद्ध योजना, सतत निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियों की नियमित समीक्षा की जाए और कार्यों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए।

बैठक में जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित, प्रभागीय वनाधिकारी हरिद्वार श्री स्वप्निल अनिरुद्ध, एसपी सिटी श्री अभय प्रताप सिंह, एसपी जीआरपी सुश्री अरुणा भारती, अपर मेला अधिकारी श्री दयानंद सरस्वती सहित जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग आदि विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। देहरादून से एसपी (ग्रामीण) श्रीमती जया बलूनी सहित कई अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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