‘‘जनपद चमोली में 42 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी स्वयं सहायता समूहों से, 25 हजार से अधिक महिलाएं बनी लखपति दीदी‘‘

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण‘ सेवा पखवाड़े के तहत आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगवाना नहीं, बल्कि प्रशासन को स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचाकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर में छह लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की तथा 60 हजार से अधिक लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेवा, सुशासन एवं समर्पण के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सरकार जनता के बीच पहुंचकर अपनी जवाबदेही निभा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के भारत के सीमान्त गांवांे को प्रथम गांव के रूप में पहचान दिलाये जाने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त ‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा‘ का संकल्प आज विकास कार्यों के माध्यम से धरातल पर साकार हो रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने बीते वर्षों में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। पहली बार राज्य में जी-20 की बैठकों का सफल आयोजन हुआ, राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की गई, शीतकालीन यात्रा प्रारंभ की गई, जिससे पर्यटन और स्थानीय रोजगार को नया विस्तार मिला। उन्होंने बताया कि राज्य में 3.75 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं, जिनमें एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर कार्य शुरू हो चुका है। राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जीएसटी संग्रह बढ़ा है, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि दर्ज हुई है तथा स्टार्टअप, पर्यटन और होमस्टे के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन की सकारात्मक तस्वीर सामने आ रही है और युवा अपने गांव लौटकर स्वरोजगार अपना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर देश में ऐतिहासिक पहल की है। साथ ही धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर प्रदेश में अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

चमोली जनपद के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में जिले में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। बदरीनाथ धाम, माणा, नीति एवं आसपास के क्षेत्रों में मास्टर प्लान के अंतर्गत व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज भी 155 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 63 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया, जो जनपद के विकास को नई दिशा देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे भविष्य में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि हेली एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से वर्ष 2024 से अब तक चमोली के 76 गंभीर मरीजों को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाकर उनका जीवन बचाया गया है इसके साथ ही हजारों परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चमोली की 42 हजार से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है तथा 25 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। किसान सम्मान निधि के तहत 48 हजार से अधिक किसानों को 196 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है। दीनदयाल होमस्टे योजना के अंतर्गत जिले में 872 नए होमस्टे स्थापित हुए हैं, जिससे हजारों लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने आमजन से ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ अभियान और सेवा पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित शिविरों में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा विकास की इस यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बद्रीनाथ मंदिर चोरी प्रकरण अत्यंत गंभीर मामला है और सरकार इस पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होने देगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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