*नशामुक्त रुद्रप्रयाग के संकल्प के तहत NCORD बैठक में कड़े निर्देश जारी*
*जनपद में भांग की अवैध खेती, नशे के कारोबार और प्रतिबंधित दवाइयों पर सख्त निगरानी के निर्देश*
जनपद रुद्रप्रयाग को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी प्रतीक जैन के दिशानिर्देशों एवं मार्गदर्शन में अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में आज नार्को समन्वय केंद्र (Narco Coordination Centre–NCORD) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद को ड्रग्स फ्री बनाने हेतु प्रभावी ढंग से संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को ठोस कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में भांग की अवैध खेती, मादक पदार्थों के कारोबार तथा प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की बिक्री पर कठोर निगरानी रखी जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाए।
बैठक के दौरान पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर ने अवगत कराया कि मा० मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड की मंशा के अनुरूप पूरे राज्य सहित जनपद को ड्रग्स फ्री बनाने के लिए सभी रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों एवं आमजन के बीच व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही नारकोटिक्स पदार्थों की रोकथाम हेतु नियमित चेकिंग, छापेमारी एवं संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। अवैध नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर कठोर कार्रवाई की जा रही है। संयुक्त टीमों द्वारा समय-समय पर अवैध भांग की खेती का विनष्टीकरण भी किया गया है तथा जनपद के सभी चेक पोस्टों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि बंजर भूमि पर कृषि गतिविधियां न होने के कारण कई स्थानों पर भांग की अवैध खेती को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों को ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर प्रभावी रोकथाम एवं वैकल्पिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।
शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि जनपद के सभी विद्यालयों में नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में निरंतर जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं। विद्यार्थियों की नियमित निगरानी तथा समय-समय पर काउंसलिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही विद्यालय परिसरों के 100 मीटर के दायरे में मादक पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश भी दिए गए।
चिकित्सा विभाग को निर्देशित किया गया कि प्रतिबंधित एवं नियंत्रित दवाइयों की सूची पुनः तैयार कर संबंधित प्रतिष्ठानों को उपलब्ध कराई जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसी दवाइयों की अवैध बिक्री न हो। जनपद के सभी मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से स्थापित करने तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए कि टैक्सी एवं अन्य सार्वजनिक वाहनों के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने हेतु विशेष अभियान चलाया जाए तथा व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। वहीं वन विभाग को वन भूमि पर संभावित अवैध भांग एवं अन्य नशीली फसलों की खेती पर सतर्क दृष्टि रखने तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर. मलेठा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।