-विख्यात आध्यात्मिक गायक, पद्मश्री श्री कैलाश खेर जी और कैलाशा बैंड का मंत्रमुग्ध कर देने वाला जादू
-श्री साइमन सेवन शेफर, प्रथम सचिव, स्विट्जरलैंड दूतावास, भारत का सहभाग
-माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने उत्तराखंड की दिव्य, अलौकिक और अद्भुत आध्यात्मिक विरासत को विश्व के 100 से अधिक देशों के प्रतिभागियों के साथ किया साझा
-देवभूमि की पावन धरा की अनमोल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवपूर्ण रूप से माननीय मुख्यमंत्री जी ने किया प्रस्तुत
-योग की उद्गाता भूमि उत्तराखंड में, विश्व भर के योगियों का हृदय से अभिनन्दन
-उत्तराखंड़ की पावन धरा ने योग की अनन्त परंपराओं, विधाओं और आध्यात्मिक ऊर्जा को दिया जन्म
-कहीं युद्ध की ज्वाला जल रही है वहीं दूसरी ओर शान्ति की शालायें
-योग की शालायें लग रही है
-उत्तराखंड, एक स्वर्ग : स्वामी चिदानन्द सरस्वती

-योग शारीरिक व्यायाम ही नहीं बल्कि सार्वभौमिक विज्ञान, योग एक जीवनदर्शन
-योग भौगोलिक सीमाओं को पार कर वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दे रहा है
-पूरी दुनिया अगर कहीं एक जगह पायी जाती है तो वह परमार्थ निकेतन : माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 
-पूज्य स्वामीजी ने माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी को उनके अंगवस्त्र, भगवान शिव की प्रतिमा, रूद्राक्ष का दिव्य पौधा भेंट कर अभिनन्दन किया
-परमार्थ निकेतन में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव आयुष मंत्रालय और भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय, अतुल्य भारत की साझेदारी से आयोजित
-अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में पूरे सप्ताह, 80 से अधिक देशों के प्रतिभागी, 33 देशों के विद्यार्थी और 15 से 20 देशों देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और राजनायिकों की गरिमामयी उपस्थिति

ऋषिकेश। अध्यात्म और संस्कृति का अनमोल केंद्र परमार्थ निकेतन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के पाँचवें दिन अपनी पूर्ण भव्यता और पावनता के साथ पूरे विश्व को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। इस दिव्य आयोजन में आज उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की गरिमामयी उपस्थिति ने इस महोत्सव की भव्यता की अनंत ऊँचाइयों तक पहुँचा दिया।
इस महोत्सव में योग और संगीत के अनूठे संगम का अनुभव कराने हेतु विख्यात आध्यात्मिक गायक और पद्मश्री श्री कैलाश खेर जी एवं कैलाशा बैंड ने मंत्रमुग्ध कर देने वाले स्वर संगीत के माध्यम से उपस्थित प्रत्येक हृदय को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराई। उनके गीतों में योग की गहन ऊर्जा और चेतना के विस्तार का संदेश दिया।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेष अतिथि श्री साइमन सेवन शेफर, प्रथम सचिव, स्विट्जरलैंड दूतावास, भारत ने भी इस दिव्य आयोजन में सहभाग किया। उनका यहाँ होना यह संदेश दे रहा है कि योग और आध्यात्मिक संस्कृति का संदेश अब केवल भारत ही नहीं, अपितु पूरी दुनिया में गूंज रहा है।माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने इस अवसर पर उत्तराखंड की दिव्य, अलौकिक और अद्भुत आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर साझा किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं है, बल्कि यह योग और ध्यान की जन्मभूमि भी है, जहाँ से जीवन की ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का प्रवाह सम्पूर्ण विश्व में फैल रहा है। उनके शब्दों से इस पावन धरा की गहन चेतना और इसका अनमोल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वैभव झलक रहा है। उन्होंने कहा कि हमने योग नीति सबसे पहले उत्तराखंड़ में लागू की है। हम पांच नये योगधाम स्थापित करने हेतु प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार आयुष वेलनेस सेंटर्स व योग वेलनेस सेंटर्स स्थापित करने की योजना बना रही है। इस राज्य में पोर्टल के माध्यम से आयुष परामर्श भी दिया जा रहा है। हमारी सरकार द्वारा योग व आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये अनेक कार्ययोजनायें बना रही है। परमार्थ निकेतन आकर मुझे 80 से अधिक देशों के योगियों के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है, इस अवसर को मैं खोना नहीं चाहता है।उन्होंने योग की उद्गाता भूमि उत्तराखंड में, विश्व भर के योगियों का हृदय से अभिनन्दन करते हुये कहा कि यह महोत्सव आध्यात्मिक मिलन और चेतना के विस्तार का प्रतीक है। उत्तराखंड़ की धरती जीवन और चेतना का स्रोत है। परमार्थ निकेतन के पावन गंगा तट से उन्होंने विश्व समुदाय को यह संदेश दिया कि योग, संगीत और आध्यात्मिक चेतना का संगम हर व्यक्ति के जीवन में संतुलन, शांति और आनंद ला सकता है आइए इससे जुड़ें और जोडें। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि देवभूमि की पावन धरा ने योग की अनंत परंपराओं, विधाओं और आध्यात्मिक ऊर्जा को जन्म दिया है। हर घाट, हर पर्वत और हर नदियों का जल यहां के योग और साधना के वातावरण को समृद्ध करता है। डा साध्वी भगवती सरस्वती जी ने सभी विशिष्ट अतिथियों और सम्पूर्ण योगी परिवार का परमार्थ परिवार की ओर से अभिनन्दन किया।श्री साइमन सेवन शेफर, प्रथम सचिव, स्विट्जरलैंड दूतावास, भारत, ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 जैसे आयोजनों की अत्यंत आवश्यकता है। यहां का वातावरण अत्यंत ही सहज और अतिथ्य से युक्त है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में युद्ध हो रहे हैं ऐसे में योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।अमेरिका से आयी योगाचार्या किया मिलर ने पूज्य स्वामीजी और पूज्य साध्वी जी को धन्यवाद देते हुये कहा कि अपने यहां मां गंगा के पावन तट पर हम सभी को एकत्र होने का एक सुन्दर अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि योग की ऊर्जा के माध्यम से आप सभी पूरे विश्व से जुड़ने की कोशिश करें। यहां से जाकर आप अपने समुदाय से जुड़ें, उन्हें सहयोग प्रदान करें। भारत से इस अद्भुत प्रेम को लेकर जाये और समुदायों में उसे बांटें।आयुर्वेद विशेषज्ञ मारिया अलेजांद्रा अवचारियन ने इस सुन्दर आयोजन के लिये माननीय मुख्यमंत्री जी, पूज्य स्वामीजी, पूज्य साध्वी जी और परमार्थ निकेतन परिवार को धन्यवाद देते हुये कहा कि आयुर्वेद और योग तकनीकि नहीं बल्कि जीवन पद्धति है। इस ज्ञान को आप अपने साथ लेकर जायें। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी को योग व आयुर्वेद के विस्तार के लिये धन्यवाद दिया।परमार्थ निकेतन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का पाँचवाँ दिन केवल आयोजन का दिन नहीं, बल्कि यह आध्यात्मिक अनुभव, सांस्कृतिक गौरव और विश्व मानवता के प्रति प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की उपस्थिति, श्री कैलाश खेर जी और कैलाशा बैंड का संगीत, और अंतरराष्ट्रीय अतिथियों की सहभागिता ने इसे एक अविस्मरणीय अनुभव बना दिया।इस अवसर पर गौतम भाई और प्रवीणा भाई, पीट्सबर्ग अमेरिका का अभिनन्दन किया।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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