रूद्रपुर ।जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि 20 मई 2026 को देहरादून हरिद्वार रोड स्थित पैनेसिया हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड के AIR Conditioner (AC) में आग लग जाने से आगजनी की घटना के दृष्टिगत जनपद में विभिन्न स्थानों में घटित घटनाओं एवं सम्भावित जोखिमो के दृष्टिगत जनपद के जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एंव प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, निजी सरकारी नर्सिंग होम, क्लीनिक एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा, भवन सुरक्षा, आपदा निवारण उपायों के परीक्षण हेतु सयुक्त सुरक्षा ऑडिट कराया जाना अत्यन्त आवश्यक हैं।

जिलाधिकारी ने जनपद क्षेत्रान्तर्गत संचालित समस्त चिकित्सालयों निजी/सरकारी, नर्सिंग होम क्लीनिक, ट्रॉमा सेन्टर आदि संस्थानों के संयुक्त निरीक्षण एवं सुरक्षा ऑडिट हेतु निरीक्षण दल का गठन किया है। उन्होने बताया कि निरीक्षण दल में सम्बन्धित नगर मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी/तहसीलदार, मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा नामित्त अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सम्बनिधत अधिशासी अभियन्ता लोनिवि, सम्बन्धित अधिशासी अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड, सम्बन्धित अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम/सम्बन्धित अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत, सचिव जिला विकास प्राधिकरण द्वारा नामित सहायक/अवर अभियन्ता शामिल रहेगें।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिये है कि गठित संयुक्त निरीक्षण समिति अपने क्षेत्रान्तर्गत संचालित समस्त चिकित्सालयों-निजी/सरकारी, नर्सिंग होम, क्लीनिक, ट्रॉमा सेन्टर आदि संस्थानों को संयुक्त निरीक्षण कर निर्धारित बिन्दुओं की जॉच सुनिश्चित करेगी। उन्होने निर्देश दिये है कि चिकित्सा परिसरों/संस्थानों में अग्निशमन विभाग द्वारा निर्धारित सभी अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन किया जा रहा है अथवा नहीं। सभी संस्थानों में फायर एनओसी वैधता, अग्निशमन यंत्र, फायर आलर्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, आपाताकलीन निकास द्वार सुलभता व साइनेज प्रदर्शन, विद्युत सुरक्षा उपकरण, एम्बुलेंस/वाहन की कार्यशीलता की जांच, विद्युत वायरिंग सुरक्षा एवं आपातकालीन जल आपूर्ति व्यवस्था, उपलब्धता एवं क्रियाशीलता का निरीक्षण स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित बिन्दुओं पर कमेटी से समन्वय बनाकर किया जाये। संस्थानों में भवन संरचनात्मक सुरक्षा हेतु भवन मानचित्र की स्वीकृति/पंजीकरण विवरण एवं वास्तविक निर्माण की स्थिति, अवस्थित पांर्किंग, बेसमेंट पार्किंग विवरण, अवैध अतिक्रमण विवरण एवं जोखिमपूर्ण संरचनाएँ हेतु सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन। आपदा प्रबन्धन उपायों अन्तर्गत एमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान का निर्माण, ऑक्सीजन सप्लाई, व्यवस्था व ऑक्सीजन सिलेंडर एवं ज्वलनशील पदार्थों का सुरक्षित भण्डारण, कार्यरत अस्पताल स्टाफ को फायर एवं आपदा सुरक्षा में प्रशिक्षण, सीसीटीवी, कन्ट्रोल रूम व्यवस्था विवरण। वैधानिक अभिलेख जैसे पंजीकरण प्रमाण पत्र, प्रदूषण नियन्त्रण एवं विद्युत सुरक्षा प्रमाण पत्र तथा अग्निशमन विभाग के पूर्व निर्देशो का अनुपालन। उन्होने निर्देश दिये है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा सुरक्षा मानकों के उल्लघंन की स्थिति में सम्बन्धित संस्थान के विरूद्ध आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 की सुसंगत धाराओ के अन्तर्गत वैधानिक कार्यवाही की जाए।

उन्होने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों व अनियमिताओं का तत्काल निराकरण तथा सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जीवन एवं जनसुरक्षा हेतु अत्यधिक जोखिम पाए जाने पर नियमानुसार सीलिंग/संचालन प्रतिबंध की कार्यवाही प्रस्तावित की जाए। उन्होने निर्देश दिये है कि संयुक्त निरीक्षण उपरान्त टीम अपनी विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट, कमियों एवं आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही के सुझाव सहित संलग्न प्रारूप में जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगें। उन्होने कहा कि आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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