त्रियुगीनारायण क्षेत्र के विकास को लेकर जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश

सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मार्ग, मंदिर परिसर एवं विभिन्न सुविधाओं का लिया जायजा, ग्रामीणों से संवाद कर सुनी समस्याएं

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को त्रियुगीनारायण क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर सड़क मार्ग, मंदिर परिसर एवं श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सोनप्रयाग से त्रियुगीनारायण तक सड़क मार्ग की स्थिति का निरीक्षण करते हुए मार्ग को श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए सुरक्षित एवं सुगम बनाए रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने त्रियुगीनारायण मंदिर परिसर का निरीक्षण करते हुए श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली तथा भविष्य में यहां विकसित की जाने वाली सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, पार्किंग, हेलीपैड सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास की संभावनाओं का भी जायजा लिया। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना कर उन्होंने जनपदवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुलभ शौचालय का भी निरीक्षण किया तथा वहां स्वच्छता व्यवस्था, पानी की उपलब्धता एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने त्रियुगीनारायण में नए शौचालय निर्माण के लिए आवश्यक भूमि का भी स्थलीय निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शौचालय निर्माण हेतु आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस दौरान जिलाधिकारी ने त्रियुगीनारायण ग्रामवासियों के साथ परिचर्चा कर उनकी विभिन्न समस्याएं एवं मांगें सुनीं। ग्रामीणों ने क्षेत्र में महिलाओं को फूलों की खेती से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा उद्यान विभाग के माध्यम से आवश्यक सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया। साथ ही पॉलीहाउस उपलब्ध कराने, त्रियुगीनारायण स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियुक्ति, राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी दूर करने तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में भी समस्याएं एवं मांगें रखीं।

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के अनुसार संबंधित विभागों के माध्यम से समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं से भी संवाद कर उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों, स्वरोजगार की गतिविधियों एवं स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों की जानकारी ली।

त्रियुगीनारायण के आध्यात्मिक एवं पर्यटन महत्व को देखते हुए क्षेत्र के समग्र एवं विश्वस्तरीय विकास को लेकर भी चर्चा की गई। ग्रामीणों द्वारा त्रियुगीनारायण को पंवालीकांठा एवं गंगोत्री क्षेत्र से जोड़ने तथा पर्यटन की दृष्टि से क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने का अनुरोध किया गया। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में पार्किंग, हेलीपैड, मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण तथा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास की मांग भी रखी गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि त्रियुगीनारायण धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही स्थानीय लोगों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर उनकी आजीविका के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र की आवश्यकताओं का परीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सोनप्रयाग स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट हेतु स्थापित कॉम्पेक्टर प्लांट का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्लास्टिक वेस्ट की बेल्स तैयार कर उसे अधिक व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक स्वरूप में रखने तथा निर्धारित समय पर निस्तारण हेतु भेजने के निर्देश दिए गए। इसके पश्चात सोनप्रयाग में घोड़े-खच्चरों के ठहरने के लिए बनाई गई सुविधा का भी निरीक्षण किया गया। संबंधित अधिकारियों को परिसर में जमा घोड़े की लीद एवं अन्य अपशिष्ट को नियमित रूप से हटाते हुए साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने तथा प्रत्येक पशु के स्वास्थ्य, चारा-पानी एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। पशु चिकित्सा विभाग को सभी पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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