*जनपद में एलपीजी गैस की जमाखोरी एवं कालाबाजारी एवं किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम किया स्थापित*

*हरिद्वार । जनपद में एलपीजी गैस की जमाखोरी एवं कालाबाजारी रोकने एवं किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी ने जिला आपदा प्रबंधन केंद्र में कंट्रोल रूप स्थापित किया है।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आदेश निर्गत करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनिमय आदेश 2026 का अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु दिनांक 13-03-2026 से प्राकृतिक गैस, घरेलू पी०एन०जी० तथा सी०एन०जी० का समान वितरण एवं निरन्तर उपलब्धता तथा किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा प्राकृतिक गैस, एल०पी०जी० या सी०एन०जी० की जमाखोरी अथवा कालाबाजारी की शिकायत, समस्या के समाधान हेतु जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र (DEOC) हरिद्वार में तत्काल प्रभाव से कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है।

कन्ट्रोल रूम में के सुचारू संचालन हेतु अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), हरिद्वार को नोडल अधिकारी तथा जिला पूर्ति अधिकारी व जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नामित किया गया है। कन्ट्रोल रूम के दूरभाष नम्बर निम्नवत है :-

दूरभाष नम्बर 01334-239444

दूरभाष नम्बर। 01334-1077 (टोल-फ्री)

मोबाइल नम्बर। 9068197350

मोबाइल नम्बर 9528250926 (व्हाट्सएप)।

उन्होंने कन्ट्रोल रूम में आई०ओ०सी०एल०, से नामित नोडल अधिकारी मो0- 8859049049 बी०पी०सी०एल० से नामित नोडल अधिकारी मो0- 7500256452 व एच०पी०सी०एल० से नामित नोडिल अधिकारी मो – 8655436284 अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

उन्होंने समस्त नामित नोडल अधिकारियों निर्धारित प्रारूप में सूचना के साथ दिनांक 13.03.2026 से आपदा कन्ट्रोल रूम में गैस आपूर्ति/वितरण विषयक अद्यतन सूचना उपलब्ध कराते हुए दर्ज समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना सुनिश्चित करेंगे ताकि गैस की कालाबाजारी, अवैध संग्रहण तथा रिफिलिंग आदि के सम्बन्ध में सामान्य जनमानस में आपूर्ति से सम्बन्धी किसी भी प्रकार का भय अथवा संशय उत्पन्न न हो।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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