हरेला पर्व पर जनपद में गूंजा प्रकृति संरक्षण का संदेश, “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत हुआ व्यापक वृक्षारोपण

“हर गांव का यही पैगाम, एक पेड़ मां के नाम” के तहत जनभागीदारी से आयोजित हुए कार्यक्रम

जिले में हरेला पर्व के अवसर पर 30 हजार से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य, वर्षाकाल तक निरंतर चलेंगे वृक्षारोपण अभियान

आज संपूर्ण उत्तराखंड में हरेला पर्व अत्यंत उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग में भी हरेला पर्व भव्य एवं जनभागीदारीपूर्ण वातावरण में मनाया गया। हरेला पर्व के अवसर पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत जनपदभर में व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो वर्षाकाल तक निरंतर संचालित किए जाएंगे।

मुख्य कार्यक्रम जवाड़ी (रतनपुर कक्ष संख्या-11) में आयोजित किया गया, जहां इस जनआंदोलन का हिस्सा बनकर प्रकृति संरक्षण में सक्रिय योगदान देने हेतु मा० कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार श्री भरत सिंह चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति में वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस वर्ष हरेला पर्व की थीम “हर गांव का यही पैगाम, एक पेड़ मां के नाम” निर्धारित की गई है।

हरेला पर्व के अवसर पर जनपद के समस्त शासकीय कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं आम जनमानस की सहभागिता से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। जनपद में आयोजित समस्त वृक्षारोपण गतिविधियों का अभिलेखीकरण जियो टैग्ड फोटोग्राफ एवं डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इस दौरान फलदार एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। साथ ही संबंधित विभागों को रोपित पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों, स्कूली छात्र-छात्राओं, अधिकारी-कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित रुद्रप्रयाग एवं उत्तराखंड के निर्माण का संदेश दिया।

इस अवसर पर मा० कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी का दायित्व है कि प्रकृति संरक्षण की भावना को आत्मसात करते हुए हरियाली से समृद्ध उत्तराखंड एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।

उन्होंने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, कृतज्ञता और भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है। जहां हरियाली होगी वहीं खुशहाली होगी और जहां वृक्ष होंगे वहीं जीवन होगा। उन्होंने हरेला के पावन अवसर पर सभी लोगों से संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक हाथ एक पौधा लगाए, प्रत्येक परिवार एक वृक्ष को अपनाए तथा प्रत्येक गांव हरियाली से महके, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं समृद्ध पर्यावरण उपहार स्वरूप मिल सके।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरेला उत्तराखंड का लोकपर्व है, जो मानव और प्रकृति के बीच गहरे संबंध को स्थापित करता है। वर्षा ऋतु के अनुकूल मौसम में आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने वन विभाग को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान पूरे पखवाड़े तक सफलतापूर्वक संचालित होगा।

उन्होंने कहा कि मा० प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से चल रहे “एक पेड़ मां के नाम” अभियान की तर्ज पर आगामी 5 सितंबर से “एक पेड़ गुरु के नाम” अभियान भी प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों, अध्यापकों एवं विद्यार्थियों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की और कहा कि यह पहल भी भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

इस अवसर पर जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने जनपदवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी लोग बढ़-चढ़कर वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हरेला उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपरा, संस्कृति एवं रीति-रिवाजों का प्रतीक होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी देता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद रुद्रप्रयाग में हरेला पर्व के उपलक्ष्य में 30 हजार से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों द्वारा बढ़-चढ़कर इस अभियान में सहभागिता की जा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाएगा तथा रोपित पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभागों द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

इस अवसर पर वन संरक्षक/ नोडल अधिकारी हरेला रुद्रप्रयाग डॉ. विनय भार्गव, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उप प्रभागीय वनाधिकारी रुद्रप्रयाग देवेंद्र पुंडीर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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