*सफाई कर्मचारियों के हितों पर सख्त हुए राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष, अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश*

*ईएसआई, गोल्डन कार्ड, समय पर वेतन और स्वास्थ्य परीक्षण पर विशेष जोर, कुंभ मेले में स्थानीय सफाई कर्मियों को रोजगार देने की बात*

*खुले नालों और सेफ्टी टैंक में कार्यरत सफाई कर्मचारियों का सर्वे कर सूची आयोग को भेजने के निर्देश*

*हरिद्वार।  राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दूसरे दिन सोमवार को सीआर सभागार में जनपद के सभी शहरी निकायों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में उन्होंने सफाई कर्मियों के वेतन, ईएसआई कार्ड, श्रम कार्ड, ईपीएफ, स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षा उपकरणों तथा अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में नगर निगम हरिद्वार, नगर निगम रुड़की, नगरपालिका शिवालिक नगर, नगर पंचायत लक्सर, मंगलौर, ढंडेरा तथा झबरेड़ा में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की स्थिति की समीक्षा की गई।

समीक्षा बैठक में मा.उपाध्यक्ष ने अधिकारियों से प्रत्येक निकाय में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या, रिक्त पदों, स्वीकृत पदों, आउटसोर्स कर्मचारियों की स्थिति तथा कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

बैठक के दौरान उपाध्यक्ष ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। उन्होंने जिला चिकित्सालय में कार्यरत सफाई कार्मिकों की संख्या की जानकारी लेते हुए उनके वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने नगर निगम हरिद्वार को निर्देशित किया कि सभी पात्र सफाई कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड 20 जुलाई तक तैयार कराए जाएं। साथ ही आगामी कुंभ मेले के लिए सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता का प्रस्ताव तैयार करने तथा अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में सफाई कर्मचारियों के ईएसआई कार्ड शीघ्र जारी करने, वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा ईएसआई से संबंधित समस्त अभिलेख एवं डेटा आयोग कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा लाभों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

नगरपालिका शिवालिक नगर की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी सफाई कर्मचारी को बिना नोटिस और स्पष्टीकरण के सेवा से नहीं हटाया जाए तथा सभी कर्मचारियों का वेतन नियमानुसार समय पर दिया जाए।

नगर निगम रुड़की की समीक्षा करते हुए उपाध्यक्ष ने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि सफाई कर्मचारियों की सभी लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। साथ ही कर्मचारियों को समय पर वेतन, सुरक्षा जूते, दस्ताने, आवश्यक उपकरण एवं अन्य सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराई जाए ताकि वे सुरक्षित वातावरण में कार्य कर सकें।

बैठक में उन्होंने जनपद के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों को निर्देश दिए कि खुले नालों एवं सेफ्टी टैंकों में कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों का सर्वेक्षण कर विस्तृत सूची तैयार की जाए और उसे आयोग कार्यालय को भेजा जाए, जिससे उनके सुरक्षा एवं कल्याण से संबंधित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सफाई कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कर्मचारियों को उनके सभी वैधानिक अधिकार समय पर मिलें, यह सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समीक्षा बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का निर्धारित समय सीमा के भीतर पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सफाई कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उप जिलाधिकारी हरिद्वार योगेश मेहरा, उप नगर आयुक्त हरिद्वार दीपक गोस्वामी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम रुड़की अमरजीत कौर, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत पिरान कलियर कुलदीप सिंह चौहान, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत मंगलौर, एसीएमओ स्वास्थ्य विभाग हरिद्वार, सफाई निरीक्षक श्रम विभाग संजीत पवार सहित सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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