To make singing of national anthem and songs mandatory, 2027 में विधानसभा चुनाव के नामांकन पत्र में राष्ट्र गान और गीत गाने की अनिवार्यता अंकित किए जाने की मांग।
To make singing of national anthem and songs mandatory, in the nomination papers for the assembly elections in 2027.
“मैं राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत का महत्व जानता व मानता हूं व मेरी पार्टी समय-समय पर राष्ट्रगान ,राष्ट्रीय गीत गाएंगे और पूर्ण सम्मान करेंगे ,राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत मुझे अभ्यर्थी को पूरी तरह से कंठस्थ/याद है” यह संशोधन किए जाने से प्रत्येक हिंदुस्तान वासी चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी के अंदर देशभक्ति की भावना हमेशा बनी रहे क्योंकि कुछ लोग अन्य देशों के नाम लेकर विधानसभा या लोकसभा की गरिमा को गिरने का असफल प्रयास करते हैं।
To make singing of national anthem and songs mandatory, उत्तराखंड राज्य में वर्ष 2027 में विधानसभा के चुनावों से पूर्व नामांकन पत्र में चुनाव जीतने के बाद विधायक जो हिंदुस्तान में रहते हुए राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान का सम्मान ना करके शपथ ग्रहण के दौरान अन्य देशों की जयकार करते हैं उन पर देश हित में रोक लगाई के उद्देश्य से नामांकन पत्र में संशोधन की मांग की है।
हरिद्वार के एडवोकेट अरुण भदोरिया ,कमल भदोरिया और ,चेतन भदोरिया LLB अध्यनरत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर नामांकन पत्र 2027 में संशोधन किए जाने की मांग करते हुए भदोरिया एसोसिएट ने चुनाव जीतने के बाद विधायक जो हिंदुस्तान में रहते हुए राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान का सम्मान ना करके शपथ ग्रहण के दौरान अन्य देशों की जयकार करते हैं आदि के नारे लगाते हैं, देश में समाज में उनकी इस हरकत का गलत असर पड़ता है।
इसलिए नामांकन पत्र में इन शब्दों के तहत संशोधन किया जाए कि “मैं राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत का महत्व जानता व मानता हूं व मेरी पार्टी समय-समय पर राष्ट्रगान ,राष्ट्रीय गीत गाएंगे और पूर्ण सम्मान करेंगे ,राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत मुझे अभ्यर्थी को पूरी तरह से कंठस्थ/याद है” यह संशोधन किए जाने से प्रत्येक हिंदुस्तान वासी चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी के अंदर देशभक्ति की भावना हमेशा बनी रहे क्योंकि कुछ लोग अन्य देशों के नाम लेकर विधानसभा या लोकसभा की गरिमा को गिरने का असफल प्रयास करते हैं।
संशोधन वर्तमान में 2027 में विधानसभा चुनाव में नामांकन पत्र में तत्काल प्रभाव से अंकित किए जाने के निर्देश व आदेश की मांग की गई है जिसमें भदोरिया एसोसिएट के द्वारा यह भी जानकारी दी गई है यदि सरकार के द्वारा इस और ध्यान नहीं दिया गया तो माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखंड में इस संबंध एक अपील भी दाखिल की जाएगी।
