हरिद्वार ।”इंडियन रेडक्रॉस के तत्वाधान में 480 फर्स्ट मेडिकल रेस्पोन्डरस आपदाओं एवं सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि को न्यूनिकरण करने हेतु तैयार किए गए”।

जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के सभागार में जनपद हरिद्वार के विभिन्न कॉलेजों के 480 छात्र-छात्राओं को प्राथमिक उपचार के लिए प्रशिक्षित किया गया। इन सभी छात्र-छात्राओं को इंडियन रेडक्रॉस सचिव डॉ० नरेश चौधरी ने प्राथमिक उपचार का सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। डॉ० नरेश चौधरी ने इंडियन रेडक्रॉस के तत्वाधान में 480 फर्स्ट मेडिकल रेस्पोन्डर को सी०पी०आर०(कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिल की धमनी को पुनः चालू करना” का विशेष रूप से डिमोंस्ट्रेशन करते हुए अभ्यास कराया। साथ ही साथ सभी मेडिकल रेस्पोन्डर की रक्त समूह की भी डायरेक्टरी भी तैयार की, जिसके तहत आवश्यकता पड़ने पर जरूरत बंद को आकस्मिक दुर्लभ रक्त भी रक्तदाता के द्वारा उपलब्ध कराया जा सके। जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि जनपद हरिद्वार में इंडियन रेडक्रॉस की अच्छी पहल हुई है। जिसके अंतर्गत प्रशिक्षत हुए फर्स्ट मेडिकल रेस्पोन्डरस की सक्रीय सहभागिता से आपदाओं एवं आकस्मिक होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भी जनहानि को कम किया जा सकेगा। जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह ने इंडियन रेडक्रॉस सचिव डॉ० नरेश चौधरी को यह भी निर्देश दिए कि जनपद हरिद्वार में जन समाज को विशेष रूप से सी०पी०आर० के लिए जागरूक करने हेतु अधिक से अधिक अभियान चलाकर प्रशिक्षत किया जाए। जिससे प्रशिक्षित व्यक्ति समय रहते हुए प्राथमिक सहायता से किसी का बहुमूल्य जीवन भी बचा सके। जिलाधिकारी ने कहा, जनपद हरिद्वार में शतप्रतिशत वॉलेन्टरी जरूरतबंद को रक्त दिलाने के लिए भी इंडियन रेडक्रॉस को अग्रणी रहकर समय-समय पर जन समाज में जागरूकता फैलानी होगी, और रक्तदाताओं की सूची रक्त कोषों के साथ-साथ चिकित्सालयों में उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने इंडियन रेडक्रॉस सचिव डॉ० नरेश चौधरी को समर्पित सामाजिक सेवा एवं उत्कृष्ठ कार्यो के लिए विशेष रूप से सम्मानित भी किया। डॉ० नरेश चौधरी को सम्मानित होने पर आयुष अपर सचिव डॉ० विजय जोगेण्डे, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ०) अरुण त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती आकांक्षा कोण्डे, कुलसचिव रामजीशरण शर्मा, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, उपकुलसचिव संजीव पाण्डे, उपनिर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड किशन सिंह नेगी ने भी विशेष रूप से बधाई दी।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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