देहरादून । मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में सेब की अति सघन बागवानी योजना सम्बन्ध में शासन में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक हुई। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने प्रदेश में सेब, कीवी और ड्रैगनफ्रूट का उत्पादन बढ़ाए जाने के सम्बन्ध में अधिकारियों से चर्चा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय उत्पादन क्षमता एवं अन्य राज्यों की उत्पादन क्षमता के सापेक्ष उत्तराखण्ड की उत्पादन क्षमता पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्य सचिव ने कहा कि “सेब की अति सघन बागवानी योजना” के अंतर्गत सेब की नवीनतम प्रजातियों के बागान स्थापित करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य करने की आवश्यकता है। इसके लिए मुख्य सचिव ने जनपदों में किसानों को क्लस्टर बेस्ड एप्रोच अपनाए जाने हेतु प्रेरित किया जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य राज्य में सेब उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। प्रदेश में अभी सेब उत्पादन क्षेत्र बढ़ाए जाने की अत्यधिक सम्भावना है, जो प्रदेश में सेब, कीवी और ड्रैगनफ्रूट उत्पादन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगा।

मुख्य सचिव ने सेब, कीवी और ड्रैगनफ्रूट की उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रदेश की उत्पादन क्षमता विशेषकर सेब की उत्पादन क्षमता का आंकलन किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपदों को सेब उत्पादन में क्षमता के अनुरूप 2030, 2040 एवं 2050 में कितना उत्पादन होगा, इसके लिए उत्पादन लक्ष्य निर्धारित करते हुए योजना को धरातल पर उतारा जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि झाला (हर्षिल, उत्तरकाशी) स्थिति कोल्ड स्टोरेज की तर्ज पर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी कोल्ड स्टोरेज तैयार किए जाएं। इससे किसान अपना सेब और अन्य उत्पाद ऑफ सीजन में मार्केट में उतार कर अधिक लाभ ले सकेंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के अधिकतम क्षेत्रों में अभी भी पुरानी कम उत्पादन क्षमता वाली किस्म की फसलों का उत्पादन हो रहा है। उन्हें हाई डेंसिटी ऐपल प्लांट्स से रिप्लेस करने की आवश्यकता है। इसके लिए बड़े स्तर पर किसानों से संवाद करते हुए इस दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने इसकी भावी मांग के अनुरूप नर्सरियों को अपग्रेड किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि बड़े पैमाने पर हाई डेंसिटी प्लांट्स तैयार किए जाने के लिए नर्सरियां विकसित की जाएं। फुल टाईम टैक्निकल सपोर्ट के लिए पीएमयू गठित किया जाना चाहिए, ताकि वृहद स्तर पर इस योजना को संचालित किया जा सके। इससे धरातल पर योजनाओं को सफल बनाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा सकेगी।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री दिलीप जावलकर, डॉ. वी. षणमुगम एवं डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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