वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ एवं पारदर्शी करने के उद्देश्य से महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), उत्तराखण्ड द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यशाला का आयोजन किया गया

वित्तीय साक्षरता कार्यशाला में जिलास्तरीय अधिकारी एवं आहरण वितरण अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया

हरिद्वार। वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ एवं पारदर्शी करने के उद्देश्य से महालेखाकार मोहम्मद परवेज़ आलम की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में वित्तीय साक्षरता कार्यशाला का आयोजन किया गया,इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित भी मौजूद रहे।
कार्यशाला में  जिलास्तरीय अधिकारियों एवं आहरण वितरण अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।कार्यशाला को संबोधित करते हुए महालेखाकार उत्तराखंड मोहम्मद परवेज़ आलम ने कहा कि वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ करना एवं उसमें पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है,जिसके माध्यम से सभी जिलास्तरीय अधिकारी एवं आहरण वितरण अधिकारियों को शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए बजट का संबंधित जन कल्याणकारी योजनाओं एवं मदो में ही उपयोग किया जाए,जिस मद एवं लेखा शीर्षक में धनराशि स्वीकृत की गई है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना, सामान्य भविष्य निधि (GPF) से जुड़ी जागरूकता बढ़ाना, मिलान (reconciliation) की प्रक्रियाओं में सुधार करना तथा लेखांकन कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के क्षमता-विकास कार्यक्रम राज्य के विभिन्न जिलों में नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे तथा वित्तीय प्रबंधन में किसी आहरण वितरण अधिकारियों को समस्यातो का कार्यशाला में निदान करते हुए तथा सुझाव भी लिए जा रहे है।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी जिला स्तरीय अधिकारयों एवं आहरण वितरण अधिकारियों से कहा कि यह एक सुनहरा अवसर है कि महालेखाकार द्वारा वित्तीय प्रबन्धन को बेहतर करने के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है,उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि महालेखाकार एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वित्तीय प्रबन्धन के संबंध में जो भी जानकारी दी जा रही है,सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ ग्रहण करे ताकि वित्तीय मामलों में किसी प्रकार की समस्या न होने पाए।
इस वित्तीय साक्षरता कार्यशाला में बजट निर्माण सरकारी लेखांकन में गलत वर्गीकरण प्राप्ति एवं व्यय डीडीओ के अपने बैंक खातों में सरकारी निधि स्थानांतरण जीपीएफ से संबंधित मुद्दे और उसके समाधान, बकाया एसी, डीसी बिलों का निपटान और उपयोगिता प्रमाण पत्र श्रम उपकर का परिचय एवं लेखांकन तथा ट्रेजरी इंस्पेक्शन के बकाया पैरा का निपटान आदि के संबंध में पीपीटी के माध्यम से महालेखाकार के अधिकारियों द्वारा संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई गई।
कार्यशाला में मुख्य कोषाधिकारी अजय कुमार द्वारा महालेखाकार एवं उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा वित्तीय प्रबन्धन को ओर बेहतर करने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया,जिसमें वित्तीय प्रबन्धन के संबंध में विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई गई,जिसका वित्तीय प्रबन्धन को बेहतर करने में सभी आहरण वितरण अधिकारियों को इसका लाभ होगा।
कार्यशाला में वरिष्ठ उप महालेखाकार लोकेश दताल,मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा,अपर जिलाधिकारी वित्त एवं व्रजस्व दीपेंद्र सिंह नेगी,उप महालेखाकार सुभाष चंद्र ममगाई,वरिष्ठ खंडीय लेखाअधिकारी सुनील निगम सहित महालेखाकार के अधिकारी,जिला स्तरीय अधिकारी एवं आहरण वितरण अधिकारी मौजूद रहे ।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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