*कुम्भ मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगमता सुनिश्चित करने के साथ ही कुम्भ क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाना मेला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : मेलाधिकारी*

*अखाड़ों एवं धर्मगुरुओं की सम्मति तथा राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप कुम्भ मेला-2027 दिव्य एवं भव्य रूप से आयोजित करने की तैयारियां तेज*

*कुम्भ मेला की व्यवस्थाओं हेतु ₹1224 करोड़ का परिव्यय प्रस्तावित*

*₹219 करोड़ की लागत के 35 स्थायी कार्यों की स्वीकृति संबंधी शासनादेश जारी*

*दो दर्जन योजनाओं पर कार्य प्रारंभ, शेष कार्य शीघ्र होंगे प्रारंभ*

*हरिद्वार।मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कहा कि आगामी कुम्भ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगमता सुनिश्चित करने के साथ ही कुम्भ क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाना मेला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अखाड़ों एवं धर्मगुरुओं की सम्मति तथा राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप कुम्भ मेला-2027 को दिव्य एवं भव्य रूप से आयोजित करने के लिए मेला प्रशासन द्वारा विस्तृत कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध ढंग से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में मेला क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के कार्य संपन्न कराए जा रहे हैं। कुम्भ मेला की व्यवस्थाओं के लिए ₹1224 करोड़ का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। शासन द्वारा अभी तक ₹219 करोड़ की लागत के 35 स्थायी कार्यों की स्वीकृति संबंधी शासनादेश जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग दो दर्जन योजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। शेष कार्य भी शीघ्र प्रारंभ कर दिए जाएंगे।

मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बुधवार को प्रेस क्लब (रजि.) हरिद्वार द्वारा आयोजित ‘संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए आगामी कुम्भ मेला की तैयारियों की जानकारी दी तथा व्यवस्थाओं के संबंध में पत्रकारों के सुझाव भी सुने। उन्होंने कहा कि पत्रकारों एवं विभिन्न संगठनों से प्राप्त फीडबैक से मेले के सफल आयोजन में सहूलियत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि कुम्भ मेला के सुव्यवस्थित आयोजन हेतु प्रथम चरण में स्थायी प्रकृति के कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेला क्षेत्र में सड़कों, पुलों एवं घाटों के निर्माण से संबंधित अनेक योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। मेला कार्यालय में अधिकारियों एवं कार्मिकों की तैनाती की जा चुकी है तथा व्यवस्थाओं के लिए लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग के विभिन्न डिवीजनों को विशेष दायित्व सौंपे गए हैं।

कुम्भ मेला के कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की निगरानी हेतु विशेष प्रबंध किए गए हैं। सभी कार्यस्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जा रही है। गुणवत्ता नियंत्रण के लिए आईआईटी रुड़की सहित तीन संस्थाओं के माध्यम से थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिनकी रिपोर्ट प्रत्येक तीन माह में शासन को प्रेषित की जाएगी।

मेलाधिकारी ने कहा कि कुम्भ मेला में अधिकाधिक डिजिटल अनुप्रयोग सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना की जा रही है। श्रद्धालुओं के आवागमन में सुगमता सुनिश्चित करने के लिए कुम्भ क्षेत्र को पैदल यात्रियों के अनुकूल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रमुख स्नान पर्वों पर बुजुर्ग श्रद्धालुओं एवं स्थानीय निवासियों के लिए विशेष प्रबंध सुनिश्चित किए जाएंगे।

हरिद्वार के प्रवेश मार्गों पर समुचित पार्किंग व्यवस्था की जाएगी तथा वहां से आंतरिक क्षेत्रों के लिए शटल सेवा संचालित की जाएगी। मेला क्षेत्र के संकरे मार्गों एवं चौराहों के चौड़ीकरण एवं सुधार के कार्य भी किए जा रहे हैं। चंडी चौक से नजीबाबाद की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के संकरे हिस्से के चौड़ीकरण हेतु एनएचएआई से अनुरोध किया गया है।

उन्होंने कहा कि कुम्भ मेला के दौरान आने वाले श्रद्धालु यहां से बेहतर अनुभव लेकर लौटें, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी एवं महामंत्री दीपक मिश्रा सहित प्रेस क्लब के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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