*भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सांसद डा. नरेश बंसल ने सदन मे स्वदेश दर्शन के अंतर्गत परियोजनाएं संबंधित प्रश्न किया।*

डा. नरेश बंसल ने पश्न किया कि क्या पर्यटन मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः-
क- स्वदेश दर्शन तथा स्वदेशन दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत संस्वीकृत परियोजनाओं की संख्या कितनी-कितनी है।
ख- अब तक पूर्ण की गई परियोजनाओं की संख्या कितनी है
ग- चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी) पहल के उद्देश्य क्या हैं और इसके अंतर्गत समर्थित परियोजनाओं की श्रेणियां कौन-कौन सी हैं
घ- क्या दीर्घकालिक ब्याज रहित वित्तीय सहायता का उपयोग प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों के विकास के लिए किया जा रहा है और
ड- यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है?

इस प्रश्न् के उत्तर मे माननीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सदन मे बताया कि-:

क से डः पर्यटन मंत्रालय ने वर्ष 2014-15 में देश में विषयगत परिपथ विकसित करने के विचार के साथ स्वदेश दर्शन नामक अपनी योजना शुरू की और देश में पर्यटन अवसंरचना का विकास करने के लिए 5290.33 करोड़ रूपये की 76 पर्यटन संबंधी परियोजनाओं को मंजूरी दी और इनमें से 75 परियोजनाओं के भौतिक रूप से पूरा होने की सूचना है। इस योजना को स्थायी और उत्तरदायी पर्यटन स्थलों का विकास करने के उद्देश्य से स्वदेश दर्शन 2.0 (एसडी 2.0) के नाम से बाद में नया रूप दिया गया। और मंत्रीयल ने 53 परियोजनाओं के लिए 2208.31 करोड़ रूपये की मंजूरी दी, जो संबंधित राज्य सरकारों/संघ राज्यक्षेत्र प्रशासनों की ओर से कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। मंत्रालय ने स्वदेश के दर्शन के तहत चुनौती आधारित गंतव्य विकास-सीबीडीडी नामक अपनी पहल के तहत राज्य सरकारों/संघ राज्यक्षेत्र प्रशासनों से प्रस्ताव आमंत्रित किए और 4 श्रेणियों अर्थात संस्कृति और विरासत आध्यात्मिक पर्यटन, जीवंत ग्राम और पारिस्थितिकी-पर्यटन एवं अमृत धरोहर स्थल के तहत 697.94 करोड़ रूपये की 38 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सीबीडीडी पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यटक के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए गंतव्यों का समग्र विकास करना और पर्यटन स्थलों को स्थायी और उत्तरदायी स्थलों के रूप में परिवर्तित करना है।
देश में प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों का विकास करने के उद्देश्य से पर्यटन मंत्रालय ने पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) नामक योजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के टेम्पलेट के साथ परिचालन संबंधी दिशानिर्देश जारी किए। तद्नुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना के तहत 3295.76 करोड़ रूपये की 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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