डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने नाराजगी व्यक्त की

विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता एवं लापरवाही क्षम्य नहीं की जाएगी – जिलाधिकारी

आपदा के दृष्टिगत संवेदनशील एवं जल भराव क्षेत्रों का जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण करने के दिए निर्देश

हरिद्वार ।  विभिन्न विभागों के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ समय से पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध हो, इसके सफल क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय एनआईसी सभागार में उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कृषि विभाग ,उद्यान विभाग एव गन्ना विकास विभाग द्वारा किसानो के खसरा,खतौनी के डिजिटल क्रॉप सर्वे की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की,उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि किसानों के खसरा,खतौनी के डिजिटल क्रॉप सर्वे को ऑनलाइन करने के लिए जो लक्ष्य दिया गया था,उस लक्ष्य को एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से हासिल करने के निर्देश दिए,यदि इस कार्य में किसी प्रकार की कोई ढिलाई बरती गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए है कि प्रत्येक किसानो कि खसरा, खतौनी का अंश/हिस्सा निर्धारण किया जाना है,उस कार्यों को शीघ्रता से शीघ्र करने के लिए संबंधित लेखपालों को त्वरित गति से कार्य कारण के लिए निर्देशित किया जाए,इस कार्य में किसी भी तरह से कोई विलंब न किया जाए। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए है कि उनके स्तर से जो भी प्रमाण पत्र निर्गत किए जाते है उन प्रमाण पत्र को समयबद्धता के साथ जारी कराना सुनिश्चित करे ताकि आवेदन कर्ता को समय से प्रमाण पत्र उपलब्ध हो सके।उन्होंने सीएचसी सेंटर के माध्यम से जारी किए जा रहे आधार कार्ड एवं अन्य प्रमाण पत्रों के संबंध में कोई अनियमितता न हो,इसके लिए उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को अपने अपने क्षेत्रों में सभी सीएचसी सेंटरो का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।प्रमाण पत्र निर्गत करने में यदि कही कोई अनियमितता पाई जाती है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए ।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए है कि आपदा के दृष्टिगत जनपद हरिद्वार संवेदनशील क्षेत्र है जिसमें मानसून के समय कई निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है,इसके लिए उन्होंने सभी उप जिलाधियारियों को निर्देश दिए है कि वह अपने अपने क्षेत्रों में संवेदनशील एवं जलभराव क्षेत्रों का निरीक्षण कर जलभराव से निपटने के लिए जो भी व्यवस्था की जा सकती है वह मानसून से पहले पूर्ण कर ली जाए,उन्होंने संबंधित क्षेत्रों में नालों, गदेरो एवं कलमटों की साफ सफाई समय से पहले कर ली जाए, जिससे कि मानसून के दौरान संबंधित क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।
बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचन्द्र सेठ,अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान,अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता,अपर उप जिलाधिकारी रुड़की हर गिरि,उप जिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी लक्सर अनिल कुमार शुक्ला, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी आकाश जोशी, मुख्य कृषि अधिकारी जी एस भंडारी,मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, तहसीलदार लक्सर दीवान सिंह राणा,तहसीलदार हरिद्वार सचिन कुमार, तहसीलदार रुड़की विकास अवस्थी,अपर तहसीलदार रुड़की शिवागनी, सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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