देहरादून में आयोजित हुआ अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स अकादमिक मिड-टर्म सम्मेलन का आयोजन

• दून विश्वविद्यालय में आयोजित हुए सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया सहित 11 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया

* भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 की थीम “रिज़िलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” पर केंद्रित रहा सम्मेलन

* हरित औद्योगिक परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण एवं जलवायु वित्त जैसे विषयों पर हुई चर्चा

शुक्रवार को देहरादून में अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स अकादमिक मिड-टर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। दून विश्वविद्यालय में आयोजित हुए सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया सहित 11 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में समकालीन वैश्विक चुनौतियों तथा उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया गया।

सम्मेलन का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के उपाध्यक्ष प्रो. हर्ष वी. पंत तथा भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव एवं ब्रिक्स उप-शेरपा श्री शंभू एल. हक्की द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र में रिसर्च एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज़ (RIS) के महानिदेशक प्रो. सचिन कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे।
सम्मेलन की थीम “बिल्डिंग फॉर रिज़िलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” रही, जो वर्ष 2026 के लिए भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की केंद्रीय थीम है। हिमालयी राज्य उत्तराखंड में आयोजित इस सम्मेलन में विशेष रूप से लचीलापन और सतत विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

सम्मेलन में तीन प्रमुख विषयगत सत्र आयोजित किए गए। इनमें खंडित वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच हरित औद्योगिक परिवर्तन, स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण तथा न्यायसंगत हरित परिवर्तन के लिए जलवायु वित्त के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।

ब्राजील का प्रतिनिधित्व इंस्टीट्यूट फॉर एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च के शोधकर्ता एवं बीटीटीसी समन्वयक वाल्टर एंटोनियो डेसिडेरा नेटो तथा क्षेत्रीय, शहरी एवं पर्यावरण अध्ययन विभाग के निदेशक एलेक्जेंडर डॉस सैंटोस कुन्हा ने किया। चीन की ओर से जिमेई विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शी शिनफेंग तथा यूनिवर्सिटी ऑफ इंटरनेशनल बिजनेस एंड इकोनॉमिक्स के शोधकर्ता युकांग हुआंग सम्मेलन में शामिल हुए।

रूस के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विक्टोरिया पैनोवा ने किया, जो ब्रिक्स विशेषज्ञ परिषद की प्रमुख, एचएसई विश्वविद्यालय की उप-कुलपति तथा रूसी डब्ल्यू-20 शेरपा हैं। उनके साथ रूस के प्राकृतिक संसाधन अर्थशास्त्र एवं जलवायु परिवर्तन संस्थान के विशेषज्ञ इगोर मुरावेव तथा ब्रिक्स विशेषज्ञ परिषद की उप-प्रमुख एलेना पेरिशकिना भी उपस्थित रहीं।

दक्षिण अफ्रीका से सर्वाधिक प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। ज़ुलुलैंड विश्वविद्यालय की मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय की डीन अल्लुसिया लुलु शोकेन, दक्षिण अफ्रीकी ब्रिक्स थिंक टैंक के अध्यक्ष एवं सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में शिक्षण एवं अधिगम के उप-कुलपति मोगोम्मे अल्फियस मासोगा सहित कई विशेषज्ञों ने दक्षिण अफ्रीका तथा अन्य ब्रिक्स देशों से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए। थंडीवे सेचेले तथा सेन्खु डोनाटियानस मैमाने ने भी सार्थक चर्चा में योगदान दिया।

सम्मेलन में ईरान के विदेश मंत्रालय से जुड़े राजनयिक एवं शोधकर्ता ओमिद बाबेलियन की भागीदारी उल्लेखनीय रही। मिस्र का प्रतिनिधित्व आर्थिक विशेषज्ञ फात्मा हमदोन तथा प्रधानमंत्री तकनीकी कार्यालय के राजनीतिक शोधकर्ता महमूद मोहसेन अहमद अली ने किया।

इस अवसर पर उत्तराखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के कुलपतियों, निदेशकों, शिक्षाविदों तथा शोधार्थियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए शोधार्थियों ने सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में सक्रिय सहभागिता करते हुए वैश्विक मुद्दों पर विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित किया।

सम्मेलन में हुए विचार-विमर्श से हरित औद्योगिक परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण तथा जलवायु वित्त के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने तथा भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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