Signboards at public places will be in Sanskrit, हरिद्वार में हिंदी के संस्कृत भाषा में लगेंगे सार्वजनिक स्थलों के बोर्ड
Signboards at public places will be in Sanskrit, Haridwar to have boards in Hindi and Sanskrit for public places
संस्कृत के प्रचार-प्रसार को नाम पट्टिकाएं द्विभाषीय करने के निर्देश, शासकीय कार्यालयों, सार्वजनिक स्थलों पर होगा परिवर्तन।
संस्कृत में तैयार की गई नाम पट्टिकाओं का छायाचित्र संबंधित अधिकारियों के व्हाट्सएप नंबर पर प्रेषित करना जरूरी- ललित नारायण मिश्रा
Signboards at public places will be in Sanskrit, हरिद्वार के मुख्य विकास अधिकारी डॉक्टर ललित नारायण मिश्र के अनुसार मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन के निर्देशों के अनुपालन में जनपद हरिद्वार में संस्कृत भाषा के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं प्रोत्साहन को आवश्यक कार्यवाही तेज कर दी गई है।
शासन द्वारा जिला प्रशासन को मिले निर्देशों के अनुसार राज्य की द्वितीय राजभाषा संस्कृत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी शासकीय कार्यालयों, बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों, राज्य के प्रवेश द्वारों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर हिन्दी के साथ-साथ संस्कृत भाषा में भी नाम पट्टिकाएं एवं सूचना बोर्ड स्थापित किए जाएं।
इसी क्रम में जनपद हरिद्वार के अंतर्गत संचालित समस्त शासकीय कार्यालयों एवं संस्थानों के कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने कार्यालयों तथा अधीनस्थ कार्यालयों की नाम पट्टिकाओं/बोर्डों को तत्काल प्रभाव से हिन्दी के साथ संस्कृत भाषा में भी अंकित कराना सुनिश्चित करें।
संस्कृत अनुवाद में किसी प्रकार की कठिनाई होने पर सहायक निदेशक, संस्कृत शिक्षा, हरिद्वार (मो. 9410180880) अथवा जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा नामित नोडल अधिकारी वाणी भूषण भट्ट, प्रभारी प्रधानाचार्य, जय भारत साधु संस्कृत महाविद्यालय, हरिद्वार (मो. 9410902262) से संपर्क कर सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त, सभी कार्यालयों/संस्थानों को यह भी निर्देशित किया गया है कि संस्कृत में तैयार की गई नाम पट्टिकाओं का छायाचित्र संबंधित अधिकारियों के व्हाट्सएप नंबर पर प्रेषित करना सुनिश्चित करें, ताकि प्रगति की समीक्षा की जा सके।
जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि उक्त निर्देशों का अनुपालन शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
