*सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा अभियान के अंतर्गत विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित*

उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशन एवं माननीय अध्यक्ष महोदया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश, रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन तथा *सचिव महोदया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग श्रीमती पायल सिंह की अध्यक्षता* में दिनांक 13 जून 2026 को *”सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा अभियान”* के अंतर्गत रैतोली, जनपद रुद्रप्रयाग में *विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम* का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सचिव महोदया श्रीमती पायल सिंह द्वारा उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सड़क सुरक्षा के महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने सभी से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने तथा नशे की अवस्था में वाहन न चलाने की अपील की। साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने तथा सड़क संकेतों एवं ट्रैफिक नियमों का पालन करने हेतु प्रेरित किया।

सचिव महोदया द्वारा सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्तियों की सहायता के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया तथा बताया गया कि दुर्घटना के पश्चात प्रथम एक घंटे (Golden Hour) के भीतर घायल व्यक्ति को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराना जीवन रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने “गुड सेमेरिटन” (Good Samaritan) योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की निस्वार्थ सहायता करने वाले नागरिकों को विधिक संरक्षण प्रदान किया जाता है तथा उन्हें सम्मानित भी किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा से संबंधित व्यावहारिक गतिविधियां भी संचालित की गईं। वाहन चालकों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने हेतु प्रेरित किया गया तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर होने वाली दंडात्मक कार्यवाही एवं चालान संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही जिन वाहनों पर रेडियम रिफ्लेक्टर उपलब्ध नहीं थे, उन पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए गए तथा वाहन चालकों को फर्स्ट एड बॉक्स एवं अग्निशामक यंत्र रखने के महत्व एवं आपातकालीन परिस्थितियों में उनके उपयोग के संबंध में जागरूक किया गया।

इस अवसर पर सड़क चिह्नों (Road Markings) एवं यातायात संकेतों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उपस्थित व्यक्तियों को बताया गया कि सड़क पर बनी खंडित (Broken) सफेद रेखा सामान्यतः सुरक्षित परिस्थितियों में ओवरटेकिंग की अनुमति को दर्शाती है, जबकि सतत (Solid) रेखा वाले स्थानों पर ओवरटेकिंग करना प्रतिबंधित एवं जोखिमपूर्ण होता है। इसके अतिरिक्त विभिन्न यातायात संकेतकों, चेतावनी संकेतों तथा सुरक्षित ड्राइविंग से संबंधित नियमों की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम के अंतर्गत यातायात एवं सड़क सुरक्षा संबंधी पुस्तिकाएं, जागरूकता सामग्री एवं पम्पलेट भी वितरित किए गए, ताकि आमजन सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी प्राप्त कर उनका पालन कर सकें। साथ ही वाहन की नियमित जांच, वैध दस्तावेज रखने, सीट बेल्ट एवं हेलमेट के नियमित प्रयोग तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, मध्यस्थता एवं नालसा टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के संबंध में भी जानकारी दी गई। उपस्थित व्यक्तियों को बताया गया कि आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है ताकि कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। साथ ही उनकी समस्याओं को सुनकर आवश्यक विधिक जानकारी एवं परामर्श प्रदान किया गया।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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