कुंभ की तैयारियों के साथ हरिद्वार नगर की पेयजल व्यवस्था भी हो रही मजबूत

हरिद्वार। नगर की जल वितरण व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के कार्य प्रगति पर; स्थानीय नागरिकों को मिलेगा बेहतर और अधिक भरोसेमंद पेयजल आपूर्ति का लाभ

हरिद्वार हरिद्वार में अगले वर्ष होने वाले कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के साथ शहर की पेयजल व्यवस्था को भी दीर्घकालीन जरूरतों के अनुरूप मजबूत किया जा रहा है। कुंभ के दौरान बढ़ने वाली पेयजल मांग को पूरा करने के लिए मेला क्षेत्र में नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, वहीं हरिद्वार नगर की मौजूदा जल वितरण व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका सीधा लाभ स्थानीय नागरिकों के साथ कुंभ के दौरान हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को भी मिलेगा।

हरिद्वार नगर में जल वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जल संस्थान के माध्यम से 9.69 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न महत्वपूर्ण कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें 5.61 करोड़ रुपये की लागत से लगभग साढ़े नौ किलोमीटर लंबाई की नई पेयजल लाइनें बिछाने और पुरानी लाइनों के प्रतिस्थापन का कार्य प्रमुख है। सप्त ऋषि रोड, दूधाधारी चौक से शांतिकुंज तक, ब्रह्मपुरी-मनसा देवी मार्ग, बिल्केश्वर कॉलोनी क्षेत्र तथा कनखल में बंगाली हॉस्पिटल से कनखल थाना तक के क्षेत्रों में पेयजल लाइनों को बदलने और नई लाइनें बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
इन कार्यों का उद्देश्य शहर की जल वितरण प्रणाली को अधिक सक्षम बनाना और मौजूदा नेटवर्क को बेहतर क्षमता के साथ उपयोग में लाना है। पुरानी पेयजल लाइनों के स्थान पर नई लाइनें बिछने से संबंधित क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा बढ़ती आबादी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नेटवर्क को तैयार करने में मदद मिलेगी।
पंपिंग पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। भूपतवाला पावन धाम पंपिंग पेयजल आपूर्ति योजना के पुनर्गठन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि प्राथमिक विद्यालय एवं श्यामलोक पंपिंग पेयजल आपूर्ति योजना के पुनर्गठन का कार्य अंतिम चरण में है। पंपिंग पेयजल आपूर्ति योजनाओं की पाइपलाइन के प्रतिस्थापन तथा वितरण पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी प्रगति पर है।
हरिद्वार नगर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के साथ कुंभ मेला क्षेत्र में अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए उत्तराखंड पेयजल निगम के माध्यम से 35 योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इन योजनाओं के लिए शासन से 29.39 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत है। बैरागी कैंप में 1500 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक तथा दो ट्यूबवेल का निर्माण अंतिम चरण में है।
लालजीवाला, दक्षद्वीप, गौरीशंकर और पंतद्वीप में पांच आरसीसी इन्फिल्ट्रेशन वेल का निर्माण भी अंतिम चरण में है। दक्षद्वीप, बजरीवाला, सतीद्वीप और बीएचईएल क्षेत्र में पांच ट्यूबवेल के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अलावा मेला क्षेत्र के सात स्थानों पर मिनी ट्यूबवेल विकसित करने और उनकी सफाई का कार्य भी किया जा रहा है।
नई पेयजल सुविधाओं के विकास के साथ मौजूदा व्यवस्थाओं को भी उपयोगी और सक्षम बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मेला क्षेत्र में पहले से निर्मित पेयजल आपूर्ति की 10 योजनाओं की मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य चल रहा है, जिन्हें अगले माह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मेला क्षेत्र से हरिद्वार शहर तक पेयजल आपूर्ति नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एफजीआई पाइपलाइन के प्रतिस्थापन और राइजिंग मेन पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी प्रगति पर है। हरिद्वार पेयजल आपूर्ति योजना के तहत लालजीवाला इंटेक वेल से भूपतवाला स्थित पावन धाम ओवरहेड टैंक एवं सूखी नदी तक राइजिंग मेन तथा वितरण नेटवर्क के प्रतिस्थापन का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

कुंभ की तैयारियों के साथ इन सभी कार्यों की प्रगति पर मेला प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका के निर्देश पर संबंधित विभागों के साथ योजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। अंतिम चरण में पहुंचे कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के साथ निर्माणाधीन योजनाओं में निर्धारित गति बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस तरह कुंभ मेला-2027 के लिए पेयजल की अतिरिक्त जरूरतों को पूरा करने के साथ हरिद्वार नगर की मौजूदा जल वितरण व्यवस्था को भी भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय नागरिकों के लिए भी अधिक सक्षम और भरोसेमंद पेयजल आपूर्ति का आधार मजबूत होगा।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *