शनिवार को आपके फोन में आएगा अलर्ट, बजेगी घंटी
घबराएं नहीं, टेस्टिंग के लिए है यह अलर्ट
देहरादून। शनिवार को राज्य में सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से एक परीक्षण अलर्ट जारी किया जाएगा। इस परीक्षण का उद्देश्य राज्य में स्थापित आपातकालीन सूचना प्रसारण प्रणाली की कार्यक्षमता का मूल्यांकन करना तथा यह सुनिश्चित करना है कि आपदा की स्थिति में चेतावनी संदेश समयबद्ध एवं व्यापक रूप से प्रसारित हो सकें। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस परीक्षण अलर्ट को परीक्षण अलर्ट ही समझे। इस अलर्ट से किसी भी प्रकार से घबराने की आवश्यकता नहीं है।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार, नई दिल्ली के सहयोग से राज्य में आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को सुदृढ़ बनाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मौसम पूर्वानुमान एवं आपदा संबंधी सूचनाओं को आम जनमानस तक समय पर और प्रभावी ढंग से पहुँचाना है, ताकि संभावित आपदाओं के प्रति लोगों को पहले से सचेत किया जा सके और जन-धन की हानि को न्यून किया जा सके।
यह परीक्षण विभिन्न मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाताओं के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में किया जाएगा, जिससे यह आकलन किया जा सके कि अलर्ट संदेशों का प्रसारण कितनी प्रभावशीलता से हो रहा है तथा किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। साथ ही, विभिन्न परिस्थितियों में संदेशों की त्वरितता एवं सटीकता का भी परीक्षण किया जाएगा।
इस समग्र प्रक्रिया का उद्देश्य भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में राज्य के नागरिकों को समय रहते सचेत करना है, ताकि वे आवश्यकतानुसार सावधानी बरत सकें। इसके अतिरिक्त, इस प्रणाली के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन एवं आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
भविष्य में किसी भी प्रकार के आपदा के सम्भावना होने पर वास्तविक अलर्ट जारी किया जायेगा। ऐसे अलर्ट को गंभीरता से लिया जाना होगा तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाना आवश्यक होगा। ऐसा करने से हमें आपदा के पूर्व ससमय चेतावनी प्राप्त हो सकेगी तथा हम अपना, परिजनों, अपने सुभचिन्तकों, अपने मित्रों तथा जनसामान्य का बचाव कर सकेंगे। भविष्य में समय-समय पर इस प्रणाली के बारे में जागरूकता कार्यक्रम चलाते हुए लोगों को जागरूक किया जायेगा। यह संयुक्त प्रयास राज्य को आपदाओं के प्रति अधिक सजग, सुरक्षित एवं सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

यह संदेश आएगा
देहरादून। भारत द्वारा स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए अपने नागरिकों के लिए त्वरित आपदा चेतावनी सेवा हेतु सेल ब्रॉडकास्ट की शुरुआत की जा रही है।
सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र।
इस संदेश की प्राप्ति पर जनता से किसी प्रकार की कोई कार्रवाई अपेक्षित नहीं है।
यह एक परीक्षण संदेश है।
गृह मंत्रालय

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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