
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के निर्देशों के अनुपालन में, उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के मार्गदर्शन तथा माननीय अध्यक्ष महोदया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जनपद न्यायाधीश, रुद्रप्रयाग के निर्देशानुसार, सचिव महोदया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रुद्रप्रयाग *श्रीमती पायल सिंह* के नेतृत्व में *‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के द्वितीय दिवस पर जनपद के चार विद्यालयों में व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।*

दिनांक *26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026* तक संचालित इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके *विधिक अधिकारों, बाल संरक्षण से संबंधित कानूनों, लैंगिक अपराधों से सुरक्षा तथा किसी भी प्रकार के शोषण, दुर्व्यवहार एवं उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठाने और सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया* के संबंध में जागरूक करना है। अभियान के अंतर्गत न्यायिक अधिकारियों एवं पैनल अधिवक्ताओं की सहभागिता से जनपद के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
### *1. ख्रीस्त ज्योति एकेडमी, रैंतोली — विधिक जागरूकता शिविर*
ख्रीस्त ज्योति एकेडमी, रैंतोली में माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रुद्रप्रयाग *श्री अमित कुमार* की अध्यक्षता में पैनल अधिवक्ता *श्री प्यार सिंह नेगी* की सहभागिता से विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को *बाल अधिकारों, बाल संरक्षण तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act)* के प्रमुख प्रावधानों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों को *सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा किसी विश्वसनीय वयस्क को इसकी जानकारी देने* के महत्व से अवगत कराया गया।
### *2. सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बेलनी, रुद्रप्रयाग — बाल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम*
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बेलनी, रुद्रप्रयाग में माननीय सिविल जज (जू० डि०), रुद्रप्रयाग *श्री विकास कुमार* की अध्यक्षता में पैनल अधिवक्ता *श्री गोविंद प्रसाद मैखुरी एवं सुश्री आरती* की सहभागिता से विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को *उनके विधिक अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों तथा POCSO अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध कानूनी संरक्षण* के संबंध में जानकारी दी गई। उन्हें समझाया गया कि *किसी भी प्रकार के शोषण, दुर्व्यवहार अथवा अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें* तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित प्राधिकारी से सहायता प्राप्त करें।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को *अपने व्यक्तिगत सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति सजग रहने* के लिए प्रेरित किया गया।
### *3. अनूप नेगी मेमोरियल, रुद्रप्रयाग — बाल सुरक्षा एवं विधिक जागरूकता शिविर*
अनूप नेगी मेमोरियल, रुद्रप्रयाग में माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, रुद्रप्रयाग *श्री सिद्धार्थ कुमार* की अध्यक्षता में पैनल अधिवक्ता *श्री पंकज चौधरी* की सहभागिता से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को *बाल यौन शोषण की रोकथाम, सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान तथा बच्चों की सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों* के विषय में जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि *उनके अधिकारों एवं सुरक्षा की रक्षा के लिए कानून में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं* और किसी भी अनुचित घटना की स्थिति में उन्हें बिना भय या संकोच के सहायता प्राप्त करनी चाहिए।
कार्यक्रम के माध्यम से *बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करने तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने* के लिए प्रोत्साहित किया गया।
### *4. सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, उखीमठ — बाल अधिकार एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम*
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, उखीमठ में माननीय सिविल जज (जू० डि०)/न्यायिक मजिस्ट्रेट, बाह्य न्यायालय, उखीमठ *श्री संतोष पश्चिमी* की अध्यक्षता में पैनल अधिवक्ता *श्री सुधीर कुमार शुक्ला* की सहभागिता से जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को *बाल अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, बाल शोषण की रोकथाम तथा POCSO अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों* की जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि *किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार अथवा उत्पीड़न की स्थिति में उन्हें चुप नहीं रहना चाहिए*, बल्कि अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
इसके अतिरिक्त, बच्चों को *ऑनलाइन सुरक्षा, इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के सावधानीपूर्वक उपयोग तथा अपनी निजी जानकारी और तस्वीरों को अनजान व्यक्तियों के साथ साझा करने से जुड़े जोखिमों* के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। अभियान के अंतर्गत बच्चों एवं आमजन को आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त करने हेतु 1098 — चाइल्ड हेल्पलाइन*
112 — पुलिस आपातकालीन सहायता, 1930 — साइबर अपराध हेल्पलाइन 15100 — नालसा हेल्पलाइन नंबर* हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी प्रदान की गयी।
### *अभियान का उद्देश्य एवं महत्व*
*‘सुरक्षित बचपन अभियान’ का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, बाल यौन अपराधों की रोकथाम करना तथा उन्हें सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए परिवार, विद्यालय और समाज को संवेदनशील बनाना है।*
अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया जा रहा है कि *प्रत्येक बच्चे को सम्मान, सुरक्षा एवं संरक्षण के साथ जीवन जीने का अधिकार है।* बच्चों को उनके अधिकारों एवं कानूनी संरक्षण के संबंध में जानकारी प्रदान करना तथा उन्हें किसी भी प्रकार के शोषण एवं दुर्व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित करना अत्यंत आवश्यक है।
*बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों, शिक्षकों एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है*, ताकि प्रत्येक बच्चा अपनी समस्याओं को बिना किसी भय या संकोच के साझा कर सके और समय पर उचित सहायता प्राप्त कर सके।
अभियान के अंतर्गत *दिनांक 31 अक्टूबर 2026 तक जनपद के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे*, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक बाल संरक्षण एवं विधिक जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा सके।
