
अपराध गोष्ठी

एसएसपी नवनीत सिंह की अध्यक्षता में अपराध गोष्ठी आयोजित
जनपद के सभी राजपत्रित पुलिस ऑफिसर्स सहित समस्त थाना/ शाखा प्रभारी हुए सम्मिलित
बीते माह घटे अपराधों की समीक्षा, अनावरण व रिकवरी के आंकड़ों को भी परखा
ऑपरेशन प्रहार के तहत सभी थाना प्रभारियों द्वारा की जा रही कार्यवाही को सराहा
त्योहारी सीजन की तैयारियों का भी लिया फीड़ बैक, क्राउड कंट्रोल के लिए मातहत से मांगे सुझाव
निर्धारित समय में विवेचक विवेचनाओं में करें पूरी कार्यवाही लापरवाही पाए जाने पर होगी विभागीय कार्रवाई
थानेदारों को सख्त निर्देश :- “नशा तस्करों की संपत्ति अटेच करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं।”
आज दिनांक 24.10.2026 को सैनिक सम्मेलन के उपरांत पुलिस कार्यालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में माह सितंबर की अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। कप्तान नवनीत सिंह द्वारा अपराध गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए पिछले माह जनपद में घटे विभिन्न अपराधों की शीर्षकवार समीक्षा करते हुए कुछ थाना प्रभारियों को प्रदर्शन सुधारने व रिकवरी रेट बेहतर बनाने की नसीहत दी। साथ ही सभी थाना प्रभारियों को नशा तस्करी, वाहन चोरी, हुड़दंग आदि आपराधिक कार्यों में लिप्त तत्वों के खिलाफ और अधिक सक्रियता से कार्यवाही करने के सुस्पष्ट निर्देश दिए गए।

एसएसपी हरिद्वार द्वारा जारी त्योहारी सीजन में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने व वाहनों के सुगम आवागमन के लिए की गई तैयारियों का फीड़ बैक लेते हुए व्यवस्थाओं में और अधिक सुधार के लिए मातहत पुलिस ऑफिसर्स से सुझाव मांगे।
श्री नवनीत सिंह द्वारा सभी थाना प्रभारियों को क्रमवार तरीके से मातहत से ड्यूटी बदलने व चेतक पर नियुक्त कर्मियों के कार्यों की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि चेतक कर्मी किसी भी प्रकार के अवैध कार्यों में संलिप्त न हों।

नशा तस्करी को समाज के लिए घातक बताते हुए एसएसपी हरिद्वार द्वारा नशा तस्करी पर रोक लगाने के लिए और अधिक गंभीरता से कार्य करने पर जोर देते हुए तस्करी में लिप्त पेशेवर अपराधियों की संपत्ति (चल+अचल) जब्तीकरण के लिए संबंधित से पत्राचार में तेजी लाने एवं संबंधित सर्किल प्रभारियों को इन मामलों की मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति की रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए गए।

सभी विवेचकों को श्री नवनीत सिंह द्वारा विवेचनाओं को तयशुदा समय के भीतर पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि किन्ही कारणों से विवेचना पूरी करने के लिए और समय कि आवश्यकता हो तो संबंधित अधिकारी से अनुमति प्राप्त करें। निर्देश जारी होने के बाद भी यदि कोई विवेचक विवेचना पूरी करने में अनावश्यक देरी करते हुए पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।

सभी राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को आवंटित किए गए सीयूजी नंबर पर कॉल रिसीव करने एवं जनता की समस्याओं को सुन उनके निस्तारण के प्रयास करने के भी निर्देश दिए गए।
