जिलाधिकारी ने सकलाना क्षेत्र में आपदा पुनःनिर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति परखी

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण एवं राहत कार्यों की जमीनी स्थिति का आकलन करने हेतु जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल द्वारा बुधवार को तहसील धनोल्टी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

जिलाधिकारी ने बुधवार को तहसील धनोल्टी अंतर्गत सकलाना क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं एवं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिफल्डी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन ट्रॉली पुल, भूतसी में बन्दल नदी पर बन रहे लाल पुल तथा सकलाना क्षेत्र के रगड़ गांव स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के प्री-फैब्रिकेटेड भवन का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

चिफल्डी में ग्रामीणों ने क्षेत्र में यातायात की समस्या से अवगत कराते हुए पुल निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पुल के अभाव में लगभग दस गांव प्रभावित हो रहे हैं तथा वर्षा एवं आपदा के समय आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता गणेश नौटियाल ने बताया कि पुल का स्पान बढ़ाया गया है तथा कार्य को दिसंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारी ने निर्माणदायी संस्था को कड़ी चेतावनी देते हुए 30 जून तक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण में विलंब के कारण सरकार को वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त व्यय करना पड़ रहा है तथा गत आपदा के दौरान प्रभावित क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचानी पड़ी थी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने भुत्सी के सीतापुर में बान्दल नदी पर निर्माणाधीन लाल पुल का निरीक्षण किया। लोक निर्माण विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि 27 मीटर स्पान एवं 1.5 मीटर चौड़ाई वाले इस पुल का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। विभाग ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर पुल पर आवाजाही प्रारंभ कर दी जाएगी तथा आगामी 15 दिनों में शेष सिविल कार्य भी पूर्ण कर लिया जाएगा।

इस अवसर पर ग्रामीणों ने नदी कटाव से कृषि भूमि को हुए नुकसान तथा सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग रखी। वहीं ग्राम तोलिया काटल की प्रधान कविता देवी ने वर्ष 2025 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइन की मरम्मत शीघ्र कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

सकलाना क्षेत्र के रगड़ गांव स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान मधु देवी ने विद्यालय में नई कक्षाओं के निर्माण हेतु जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि गत आपदा में विद्यालय की चार कक्षाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिसके बाद समयबद्ध रूप से नई कक्षाओं का निर्माण कराया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में 169 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा पुल निर्माण पूर्ण होने के बाद छात्र संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। ग्रामीणों ने विद्यालय भवन निर्माण की गुणवत्ता की सराहना करते हुए बताया कि खनिज न्यास मद से 50 लाख रुपये की लागत से छह कक्ष एवं एक कंप्यूटर लैब का निर्माण किया गया है।

इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में पेयजल, सड़क एवं आपदा सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को भी जिलाधिकारी के समक्ष रखा। सौंदाना गांव के विस्थापित परिवारों के लिए संपर्क मार्ग निर्माण, बरसात के दौरान वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था तथा वर्ष 2022 एवं 2025 की आपदाओं में क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण की मांग की गई।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा से प्रभावित परिवारों को लंबित किराया सहायता उपलब्ध कराने तथा खतरे की जद में रह रहे परिवारों की सूची तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश तहसीलदार को दिए।

जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा भी आपदा पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जाती है। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों पर ग्रामीणों की संतुष्टि को सकारात्मक बताते हुए अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी बच्चों द्वारा शिक्षा के प्रति दिखाई जा रही प्रतिबद्धता प्रेरणादायी है और सरकार उनकी बेहतर सुविधाओं के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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