-परमार्थ निकेतन गंगा आरती बा की राष्ट्र सेवा को समर्पित

ऋषिकेश। कस्तूरबा गांधी जी की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन से उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुये श्रद्धाजंलि अर्पित की। आज की परमार्थ गंगा आरती उन्हें समर्पित की।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, स्वामी शुकदेवानन्द ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्ट स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि ‘बा’ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की मौन शक्ति, सत्याग्रह की सहयात्री और सेवा, सहनशीलता तथा त्याग की साक्षात प्रतिमूर्ति थीं।
बा का जीवन सादगी और संस्कारों से ओतप्रोत था। उन्होंने एक सामान्य भारतीय नारी की तरह गृहस्थ जीवन का निर्वाह करते हुए असाधारण साहस और धैर्य का संदेश दिया। दक्षिण अफ्रीका से लेकर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन तक, हर कदम पर वे गांधी जी के साथ खड़ी रहीं। उन्होंने केवल परिवार की जिम्मेदारी ही नहीं निभाई, बल्कि सत्य, अहिंसा और सेवा के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। जेल यात्राएँ, कठिन परिस्थितियाँ, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ, इन सबके बीच भी उनका संकल्प कभी डगमगाया नहीं।
आज के समय में जब समाज भौतिकता, प्रतिस्पर्धा और आत्मकेंद्रित जीवनशैली की ओर बढ़ रहा है, बा का जीवन हमें संयम, सहनशीलता और सामूहिक उत्तरदायित्व का संदेश देता है। उन्होंने संदेश दिया कि परिवार, समाज और राष्ट्र तीनों के प्रति संतुलित कर्तव्य निभाना ही सच्ची सेवा है। वे नारी शक्ति का ऐसा उदाहरण हैं, जिन्होंने बिना किसी पद या प्रसिद्धि की आकांक्षा के, अपनी सेवा भावना से इतिहास रच दिया।
बा का व्यक्तित्व एक प्रेरणास्रोत है। उन्होंने यह सिद्ध किया कि नारी केवल घर की सीमाओं तक सीमित नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन की सशक्त वाहक भी है। शिक्षा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और चरित्र निर्माण के प्रति उनका आग्रह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने महिलाओं को आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनका जीवन बताता है कि सशक्त नारी ही सशक्त समाज और राष्ट्र का आधार होती है।

नई पीढ़ी के लिए बा का जीवन मूल्यों की पाठशाला है। बा का जीवन हमें संदेश देता है “मौन ही सबसे बड़ा परिवर्तन लाता है।” आइए, उनकी पुण्यतिथि पर हम संकल्प लें कि उनके आदर्शों को अपने व्यवहार में उतारेंगे, समाज में प्रेम और सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत करेंगे और एक संस्कारित, संवेदनशील तथा सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देंगे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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