*परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में हुआ निःशुल्क रोगी बस सेवा का शुभारम्भ*
*ऋषिकेश से देहरादून तक स्वास्थ्य सेवा की नई जीवनरेखा बनेगी फ्री पेशेंट बस सेवा*
*महंत श्री रघुवीर गिरि जी महाराज, वीरभद्र महादेव मंदिर, ऋषिकेश, महापौर, नगर निगम, ऋषिकेश, श्री शम्भू पासवान जी, जिला महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी, ऋषिकेश, महामंत्री, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, ऋषिकेश श्री प्रतीक कालिया जी*
*करुणा, सेवा और मानवता के संकल्प को मिलेगा नया आयाम*
*माधव सेवा मानव सेवा*
*स्वामी चिदानन्द सरस्वती*
ऋषिकेश, 2 जुलाई। परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में निःशुल्क रोगी बस सेवा का शुभारम्भ हुआ। पूज्य स्वामी जी ने हरी झंड़ी दिखाकर ऋषिकेश से देहरादून तक फ्री पेशेंट बस सेवा का आज उद्घाटन किया।
ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल, देहरादून द्वारा निःशुल्क रोगी बस सेवा का शुभारम्भ किया गया। इस ऐतिहासिक जनकल्याणकारी पहल का आज शुभारम्भ हुआ। वीरभद्र महादेव मंदिर, बैराज ऋषिकेश से चिकित्सा जगत, सामाजिक संगठनों, पूज्य संत, स्वयंसेवकों तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थित में हुआ।
वर्तमान समय में उत्तराखंड़ में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, परन्तु अनेक गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए अस्पताल तक पहुँचना भी एक बड़ी चुनौती है। अनेक मरीजों को लंबी प्रतीक्षा और परिवहन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में यह निःशुल्क रोगी बस सेवा पीड़ित मानवता के प्रति संवेदनशील समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है।
यह सेवा ऋषिकेश से ग्राफिक एरा हॉस्पिटल, देहरादून तक उन मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं निःशुल्क परिवहन उपलब्ध कराएगी, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तक पहुँचने में कठिनाई होती है। इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत मिलेगी और समय पर उपचार प्राप्त करने में सहायता होगी।

इस अवसर पर अपने संदेश में पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा सबसे बड़ी साधना है। रोगी की सेवा केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि ईश्वर की प्रत्यक्ष आराधना है। जब किसी पीड़ित के जीवन में आशा का दीप जलता है, तभी मानवता का वास्तविक उत्सव प्रारम्भ होता है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज आवश्यकता आधुनिक अस्पतालों के साथ साथ ऐसी संवेदनशील व्यवस्थाओं की भी है जो गरीब से गरीब व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करें। अनेक बार बीमारी से अधिक पीड़ा अस्पताल तक पहुँचने की असुविधा देती है। ऐसे में यह निःशुल्क रोगी बस सेवा उन परिवारों के लिए वरदान सिद्ध होगी, जो आर्थिक अभाव के कारण गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा से वंचित रह जाते हैं।

उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा भारतीय जीवन दर्शन का शाश्वत संदेश है। सेवा का वास्तविक स्वरूप यही है, जिसमें किसी अपेक्षा का स्थान न हो।

पूज्य स्वामी जी ने ग्राफिक एरा हॉस्पिटल और ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ कमल घनशाला जी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल अस्पताल की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वह प्रत्येक गाँव, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम संस्थानों का दायित्व केवल उत्कृष्ट सुविधाएँ उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन सुविधाओं को समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति तक पहुँचाना भी है। यही राष्ट्रधर्म, मानवधर्म और सनातन धर्म का वास्तविक स्वरूप है।

ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह सेवा पूर्णतः जनहित को समर्पित है तथा इसका उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर, सुरक्षित एवं निःशुल्क परिवहन उपलब्ध कराना है। भविष्य में इस सेवा का विस्तार उत्तराखण्ड के अन्य क्षेत्रों तक करने की भी योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि जब पूज्य संतों का आशीर्वाद और समाज का सहयोग एक साथ जुड़ता है, तब कई लोगों के जीवन में नई आशा, नया विश्वास और नया भविष्य जन्म लेता है। इस उत्कृष्ट पहल के लिये ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल का अभिनन्दन।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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