परमार्थ निकेतन में गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला का शुभारम्भ
नमामि गंगे, अर्थ गंगे, जल शक्ति मंत्रालय एवं परमार्थ निकेतन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विशेष कार्यशाला
🌼गंगा आरती केवल परम्परा नहीं, जन-जागरण का सशक्त माध्यम बने
✨वेदमंत्रों के दिव्य वातावरण में परमार्थ पीठाधीश्वर, स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में भारत के 5 राज्यों से आये पुरोहितों और नमामि गंगे के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में 13 वीं गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला का दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन
🌺भारत के पाँच राज्यों के अनेक घाटों, हराही पोखर घाट, हजारीनाथ मंदिर घाट, क्षमा मंदिर घाट, कोनहारा घाट, रसलपुर घाट, सुल्तानपुर घाट, शिवकर घाट, दक्षिण घाट, बिहू नदी, पीपरा घाट, कमला नदी, जीवछ घाट, मनीहारी, कड़ागोला घाट, दरोली घाट, सिमरिया घाट एवं देवकुंड मंदिर घाट से आए पुरोहितों ने किया सहभाग
ऋषिकेश, 19 जून। परमार्थ निकेतन में आज नमामि गंगे, अर्थ गंगे, जल शक्ति मंत्रालय एवं परमार्थ निकेतन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ।
वेदमंत्रों की दिव्य ध्वनि और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत वातावरण में परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में 13वीं गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला का दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया गया।
इस गरिमामयी अवसर पर भारत के पाँच राज्यों से आये पुरोहितगण, नमामि गंगे के पदाधिकारी एवं गंगा संरक्षण के प्रति समर्पित अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य गंगा आरती को केवल आस्था का अनुष्ठान न बनाकर जन-जागरण का सशक्त माध्यम बनाना है, ताकि प्रत्येक आरती के साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन का संदेश जन-जन तक पहुँचे।
यह कार्यशाला पुरोहितों को समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत की संस्कृति में नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं, बल्कि जीवनधाराएँ हैं। मां गंगा हमारी आस्था, संस्कृति, सभ्यता और आध्यात्मिक चेतना की आधारशिला हैं। हम प्रतिदिन गंगा मैया की आरती करते हैं, उन्हें माँ कहकर प्रणाम करते हैं, किन्तु यदि उसी गंगा में प्लास्टिक, कचरा, पूजा सामग्री और अन्य अपशिष्ट डालते हैं, तो यह हमारी श्रद्धा और आध्यात्मिकता नहीं है।
इस कार्यशाला का विशेष उद्देश्य है कि देशभर के पुरोहितों और आचार्यों के माध्यम से जागरूकता की प्रखर ज्योति प्रज्वलित करना है। भारत में लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन मंदिरों और घाटों पर पुरोहितों के मार्गदर्शन में पूजा-अर्चना करते हैं। यदि प्रत्येक पुरोहित आरती के माध्यम से केवल दो मिनट का संदेश और गंगा जी को स्वच्छ और निर्मल करने का संकल्प लें तो विलक्षण परिवर्तन हो सकता है।
पूज्य स्वामी जी ने कहा कि गंदगी और बंदगी साथ-साथ नहीं चल सकते। जहाँ गंदगी होगी, वहाँ पवित्रता कैसे टिकेगी? जहाँ प्रदूषण होगा, वहाँ पूजा कैसे जीवित रहेगी? पूजा और प्रदूषण साथ-साथ नहीं हो सकते इसलिये अपने भीतर सेवा का दीप जलाना होगा।
साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि मां गंगा नदी नहीं, बल्कि भारत की आत्मा हैं। उनकी निर्मलता हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। जब हम मां गंगा की रक्षा करते हैं, अर्थात् हम अपने भविष्य, अपनी संस्कृति और अपने अस्तित्व की रक्षा करते हैं।
आइए, इस कार्यशाला के माध्यम से हम सभी यह संकल्प लें कि मां गंगा में कचरा नहीं, केवल श्रद्धा प्रवाहित करें। हर पुरोहित जन-जागरण का दूत बने, हर श्रद्धालु मां गंगा के प्रहरी बने।
तीन दिवसीय गंगा आरती जागरूकता कार्यशाला में भारत के पाँच राज्यों के अनेक घाटों, हराही पोखर घाट, हजारीनाथ मंदिर घाट, क्षमा मंदिर घाट, कोनहारा घाट, रसलपुर घाट, सुल्तानपुर घाट, शिवकर घाट, दक्षिण घाट, बिहू नदी, पीपरा घाट, कमला नदी, जीवछ घाट, मनीहारी, कड़ागोला घाट, दरोली घाट, सिमरिया घाट एवं देवकुंड मंदिर घाट से आए पुरोहितों ने सहभाग किया।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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