*उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन माॅडल के रूबरू हुए एचपीएसडीएमए के उपाध्यक्ष दीपक राठौर*

*आपसी सहयोग और समन्वय की इच्छा व्यक्त की

देहरादून। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मा0 उपाध्यक्ष श्री दीपक राठौर ने शुक्रवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) का भ्रमण कर प्राधिकरण द्वारा आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच आपदा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए आपसी समन्वय एवं सहयोग को और सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से विभिन्न आपदाओं के दौरान राज्य में किए जाने वाले राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। वे उत्तराखण्ड की आईआरएस प्रणाली से भी रूबरू हुए। साथ ही यूएसडीएमए द्वारा निर्मित विभिन्न एसओपी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने ग्लेशियर लेक आउटबस्र्ट फ्लड के खतरों को कम करने की दिशा में उत्तराखण्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली तथा इस दिशा में आपसी समन्वय व सहयोग को बढ़ाने की इच्छा जाहिर की।

श्री दीपक राठौर ने कहा कि उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील एवं समान प्रकृति वाले पर्वतीय राज्य हैं। दोनों राज्यों की सीमाएं भी आपस में जुड़ी हुई हैं, जिसके कारण प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियां भी लगभग समान हैं। उन्होंने कहा कि यदि दोनों राज्य आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में समन्वित रणनीति के साथ मिलकर कार्य करें, तो बेहतर एवं प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से भूस्खलन, अतिवृष्टि तथा पर्वतीय जोखिमों के प्रबंधन में संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस दौरान उन्होंने उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संचालित चारधाम यात्रा की मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली को विस्तार से समझा। उन्होंने विशेष रूप से राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के माध्यम से केदारनाथ यात्रा की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम, भीड़ प्रबंधन, मौसम एवं मार्ग की सतत निगरानी तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच त्वरित समन्वय की व्यवस्था का अवलोकन किया।

इस दौरान सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने यूएसडीएमए के क्रियाकलापों एवं नवाचारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों में प्राधिकरण द्वारा विभिन्न आपदाओं का प्रभावी ढंग से सामना करते हुए त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए गए हैं। साथ ही, तकनीकी नवाचारों एवं सुदृढ़ संस्थागत तंत्र के माध्यम से आपदा प्रबंधन व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

इस अवसर श्री दीपक राठौर ने यूएसडीएमए द्वारा तहसील स्तर पर गठित क्विक रिस्पांस टीमों (क्यूआरटी) की विशेष सराहना की। उन्होंने क्यूआरटी की संरचना, कार्यप्रणाली एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को नजदीक से समझा और इसे आपदा प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

श्री दीपक राठौर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) की कार्यप्रणाली से भी रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्रोतों तथा एजेंसियों से प्राप्त होने वाले अलर्ट तथा उन्हें समयबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से आम जनता तक पहुंचाए जाने की प्रक्रिया को समझा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यूएसडीएमए द्वारा तैयार की गई मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) एवं भूदेव एप की भी प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से भूस्खलन प्रबंधन के क्षेत्र में दोनों राज्यों के बीच संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता व्यक्त की।

इस अवसर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री प्रकाश चंद्र,, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री दिनेश कुमार पुनेठा, यूएलएमएमसी के निदेशक डाॅ. शांतनु सरकार, यूप्रिपेयर के एपीडी श्री एसके बिरला, डाॅ. पीडी माथुर के साथ ही यूएसडीएमए के विशेषज्ञ आदि उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist. For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction. Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan. शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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