कन्नड़ एवं तमिल फिल्म जगत की अभिनेत्री संचिता शेट्टी आयी परमार्थ निकेतन पूज्य स्वामी जी का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में अपनी आध्यात्मिक जिज्ञासाओं का प्राप्त किया समाधान
पूज्य स्वामी जी व साध्वी जी के पावन सान्निध्य में मासिक श्री राम कथा, विश्व शान्ति हवन और परमार्थ निकेतन की दिव्य गंगा आरती में किया सहभाग
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं साध्वी भगवती सरस्वती जी के सान्निध्य में पाया आध्यात्मिक ऊर्जा, शान्ति और जीवन का दिव्य मार्गदर्शन

ऋषिकेश, 23 मई। आज के आधुनिक, चकाचैंध और तीव्र गति से भागते जीवन में जहाँ लोग बाहरी उपलब्धियों के पीछे स्वयं को खोते जा रहे हैं, वहीं कन्नड़ एवं तमिल फिल्म इंडस्ट्री की प्रसिद्ध अभिनेत्री संचिता शेट्टी ने आध्यात्मिकता की उस ज्योति को आत्मसात करने का संकल्प लिया, जो केवल जीवन को ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण मानवता को प्रकाशित करती है। विगत कुछ दिनों से संचिता शेट्टी हिमालय की गोद में बसे विश्वप्रसिद्ध आध्यात्मिक केन्द्र परमार्थ निकेतन में रह रही हैं, जहाँ वे ध्यान, साधना, योग, मौन, आत्मचिंतन एवं भारतीय आध्यात्मिक जीवन शैली का अभ्यास कर रही हैं।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में संचिता शेट्टी ने अपनी आध्यात्मिक जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। उन्होंने जीवन, कर्म, आत्मा, शान्ति, सफलता, प्रसिद्धि और आंतरिक संतुलन जैसे गहन विषयों पर पूज्य स्वामी जी से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि “सफलता तब तक अधूरी है जब तक मन शान्त और संतुष्ट नहीं है। वास्तविक उपलब्धि वही है जहाँ व्यक्ति स्वयं से जुड़ जाए। आज की युवा पीढ़ी को केवल करियर नहीं, बल्कि चरित्र, संस्कार और आत्मिक संतुलन की भी आवश्यकता है।”
साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि “आध्यात्मिकता संसार से भागना नहीं, बल्कि स्वयं को पहचानकर संसार को और अधिक प्रकाशित करना है। जब कलाकार स्वयं से जुड़ता है, तब उसका जीवन केवल अभिनय नहीं बल्कि प्रेरणा बन जाता है।”
संचिता शेट्टी ने कहा कि “परमार्थ निकेतन स्वयं को जागृत करने वाली दिव्य चेतना का केन्द्र है। यहाँ आकर मैंने महसूस किया कि वास्तविक शान्ति बाहरी दुनिया में नहीं, बल्कि अपने भीतर होती है। पूज्य स्वामी जी और साध्वी जी का स्नेह, मार्गदर्शन और आध्यात्मिक ऊर्जा जीवन को नई दिशा देने वाली है।”
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक तनाव, अकेलापन और असंतुलन केवल सामान्य लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि लगभग सभी आयु वर्ग के लोग इन चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे समय में योग, ध्यान, प्रार्थना और आध्यात्मिकता ही जीवन को स्थिरता और सकारात्मकता प्रदान कर सकती है।
संचिता शेट्टी ने परमार्थ निकेतन में आयोजित मासिक श्री राम कथा में सहभाग कर भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, त्याग और धर्ममय जीवन के संदेशों को आत्मसात किया। उन्होंने विश्व शान्ति हवन में आहुतियाँ अर्पित कर सम्पूर्ण विश्व के कल्याण, मानवता की शान्ति और प्रकृति के संतुलन हेतु प्रार्थना की।
माँ गंगा के पावन तट पर आयोजित परमार्थ निकेतन की विश्वविख्यात दिव्य गंगा आरती में सहभाग किया। परमार्थ निकेतन का दिव्य वातावरण, हिमालय की आध्यात्मिक ऊर्जा, गंगा की पवित्रता और संतों का सान्निध्य विश्वभर के लोगों को भारतीय संस्कृति और सनातन जीवन दर्शन की ओर आकर्षित कर रहा है। संचिता शेट्टी का यह आध्यात्मिक प्रवास इस बात का जीवंत उदाहरण है कि आधुनिकता और आध्यात्मिकता एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक संतुलित और समृद्ध जीवन के दो महत्वपूर्ण आयाम हैं।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *