परमार्थ निकेतन में बहुधार्मिक एक्शन कोऑर्डिनेशन कमेटी की अनुवर्ती बैठक का आयोजन
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में आयोजित
कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय, पूर्व केंद्रीय मंत्री, डॉ. महेन्द्रनाथ पाण्डे जी, पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी और पूज्य संत मुरलीधर जी की गरिमामयी उपस्थिति में बहुधार्मिक एक्शन कोऑर्डिनेशन कमेटी का दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन
धर्मगुरु, सामाजिक संस्थाएँ एवं साझेदार संगठन की विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति में भविष्य की कार्ययोजना पर संयुक्त मंथन
प्रख्यात पर्यावरण चिंतक, चिपको आंदोलन के अग्रदूत एवं पद्म विभूषण से सम्मानित श्री सुंदरलाल बहुगुणा जी की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन से अर्पित की भावभीनी श्रद्धाजंलि

ऋषिकेश। विश्व में शांति, सद्भाव, स्वच्छता, जल संरक्षण और मानवीय मूल्यों को सशक्त करने की दिशा में निरंतर कार्यरत बहुधार्मिक एक्शन कोऑर्डिनेशन कमेटी की महत्वपूर्ण अनुवर्ती बैठक आज परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस जीवा के सहसंस्थापक पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव, जीवा, डा साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में आयोजित की गयी। इस विशेष बैठक में विभिन्न धर्मों के पूज्य संतों, आध्यात्मिक नेताओं, सामाजिक संगठनों, नीति-निर्माताओं, सहयोगी संस्थानों एवं साझेदार प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारम्भ ऋषिकुमारों द्वारा वेदमंत्रों के उच्चारण, सर्वमंगल प्रार्थना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। आज का यह कार्यक्रम “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना को स्पष्ट रूप से साकार कर रहा है। विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने शांति, करुणा, सेवा और सामूहिक उत्तरदायित्व के संदेश के साथ मंगलाचरण किया। इसके पश्चात् ग्लोबल इंटरफेथ वॉश एलायंस (जीवा) एवं यूनिसेफ के प्रतिनिधियों द्वारा सभी अतिथियों का अभिनन्दन किया।
इस बैठक का उद्देश्य विविध आस्थाओं, संस्कृतियों और संस्थाओं को एक साझा उद्देश्य “मानवता की सेवा और सामूहिक उत्तरदायित्व” के सूत्र में जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। बहुधार्मिक एक्शन कोऑर्डिनेशन कमेटी का उद्देश्य समाज में सहयोग, समन्वय और करुणा की भावना को बढ़ावा देना है, ताकि धर्म आधारित संस्थाएँ सामाजिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि आज संसार को केवल विकास की नहीं, बल्कि दिव्यता की भी आवश्यकता है, केवल तकनीक की नहीं, बल्कि संवेदना की भी जरूरत है। जब हम अपने भीतर की करुणा को भूल जाते हैं, तब नदियाँ प्रदूषित होती हैं, प्रकृति कराहती है और मानवता बिखरने लगती है। धर्म का अर्थ हर प्राणी के दुःख को अपना दुःख मानकर उसके लिए करुणा और सेवा के साथ खड़ा होना है।
यदि हमारे तीर्थ स्थल व आस्था के केन्द्र मानवता की पीड़ा को कम करने का संकल्प लें, तो दुनिया की बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान प्राप्त किया जा हैं। आस्था तब पूर्ण होती है जब हम किसी गिरते हुए को थाम लेना ले, हमारी प्रार्थनायें पृथ्वी, जल, प्रकृति और मानवता की रक्षा का संकल्प बन जाए।
आइए, हम ऐसे युग निर्मित करें जहाँ धर्म नफरत की दीवारों को गिराये और दरारों को भरे तथा दिलों को जोड़े। आज मानवता के समने सबसे बड़ी चुनौती केवल प्रदूषण, बीमारी या विभाजन नहीं है, बल्कि संवेदनाओं का क्षीण होना है। वर्तमान समय में सबसे बड़ा प्रदूषण वैचारिक प्रदूषण है जिसे केवल धर्मगुरूओं के माध्यम से दूर किया जा सकता है।
पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा, “धर्मगुरुओं के पास आस्था को केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कर्म के माध्यम से जीवंत करने का दिव्य अवसर है। सच्ची श्रद्धा केवल मंच से उपदेश देने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु सेवा, करुणा और समर्पण के साथ सक्रिय रूप से कार्य करने में प्रकट होती है। ग्लोबल इंटरफेथ वॉश एलायंस के माध्यम से हम विश्वभर के धर्मगुरुओं एवं समुदायों के हृदयों में करुणा, सेवा, उत्तरदायित्व और सकारात्मक परिवर्तन के इन पवित्र संदेशों का बीजारोपण कर रहे हैं, ताकि मिलकर एक अधिक संवेदनशील, जागरूक और करुणामय विश्व का निर्माण किया जा सके
इस अवसर पर पूर्व में आयोजित बहुधार्मिक एक्शन कोऑर्डिनेशन कमेटी द्वारा संचालित गतिविधियों, अभियानों एवं सामुदायिक पहलों की समीक्षा की गयी। साथ ही अवलोकन किया गया कि विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थानों ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता, जल संरक्षण, महिला एवं बाल कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता एवं सेवा के क्षेत्र में किस प्रकार योगदान दिया है।
आज के कार्यक्रम में धर्मगुरुओं एवं संस्थागत प्रतिनिधिओं ने अपने अनुभव, सुझाव एवं भविष्य की योजनाएँ साझा की। विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर चर्चा की जहाँ अधिक सहयोग, संसाधनों एवं सहभागिता की आवश्यकता है। बहुधार्मिक एक्शन कोऑर्डिनेशन कमेटी नेटवर्क के विस्तार, नई साझेदारियों एवं संयुक्त अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु भी विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में वर्षभर की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी गयी। जिसमें विभिन्न राज्यों एवं समुदायों में चलाए गए जागरूकता अभियानों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्वच्छता एवं जल संरक्षण पहलों तथा सामाजिक सहभागिता के प्रयासों को रेखांकित किया गया। साथ ही नई संस्थागत सहभागिताओं, साझेदार संगठनों एवं उभरते सहयोगात्मक अवसरों की जानकारी भी साझा की गयी।
बैठक का एक महत्वपूर्ण भाग “भविष्य की प्राथमिकताएँ एवं समन्वय तंत्र” विषय पर केंद्रित रहा, जिसमें आगामी अभियानों, जनसहभागिता, युवाओं की भूमिका, स्वयंसेवी सहयोग, संस्थागत उत्तरदायित्व एवं नियमित संवाद प्रणाली को मजबूत करने पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों से सुझाव आमंत्रित किए गये कि किस प्रकार बहुधार्मिक एक्शन कोऑर्डिनेशन कमेटी को और अधिक प्रभावशाली एवं परिणामोन्मुख बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के पश्चात मासिक श्री राम कथा में सभी विभूतियों ने सहभाग किया। श्री राम कथा में आये विशाल जनसमूह, श्रोताओं, भक्तों को प्रेरित करने हेतु विशेष संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें समाज में सकारात्मक परिवर्तन हेतु धर्म एवं अध्यात्म की भूमिका पर विशेष चिंतन मंथन किया।
सायंकाल सभी प्रतिभागियों को परमार्थ निकेतन की विश्वविख्यात दिव्य गंगा आरती में सहभाग कर विश्व मंगल की प्रार्थना की।
प्रख्यात पर्यावरण चिंतक, चिपको आंदोलन के अग्रदूत एवं पद्म विभूषण से सम्मानित श्रद्धेय सुंदरलाल बहुगुणा जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुये पूज्य स्वामी जी ने कहा कि उन्होंने प्रकृति संरक्षण, हिमालय और नदियों की रक्षा हेतु अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा, सेवा और पर्यावरण चेतना का अमर संदेश है।
इस अवसर पर विभूतियों की गरिमामयी उपस्थितिः-
परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, अध्यक्ष, परमार्थ निकेतन आश्रम एवं सह-संस्थापक/सह-अध्यक्ष, ग्लोबल इंटरफेथ वॉश एलायंस
पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी, अंतरराष्ट्रीय निदेशक, परमार्थ निकेतन एवं महासचिव, ग्लोबल इंटरफेथ वॉश एलायंस
पूज्य श्री मुरलीधरजी महाराज, संस्थापक एवं आध्यात्मिक प्रमुख, मानस परिवार, प्रसिद्ध राम कथा वाचक एवं आध्यात्मिक गुरु
श्री सादिक अहमद, एसबीसी विशेषज्ञ, यूनिसेफ इंडिया कंट्री ऑफिस
पूज्य विवेक मुनि महाराज जी, आचार्य सुशील मुनि मिशन, भारतीय सर्व धर्म संसद (जैन धर्मगुरु)
आचार्य येशी फुंटसोक, तिब्बती संसद-इन-एक्साइल के पूर्व उपाध्यक्ष एवं भारत तिब्बत सहयोग मंच के वरिष्ठ सलाहकार
सरदार परमजीत सिंह चंडोक जी, अध्यक्ष, दिल्ली गुरुद्वारा बंगला साहिब
श्री शंकर कुमार सान्याल जी, अध्यक्ष, हरिजन सेवक संघ
डॉ. संचिता शेट्टी, अभिनेत्री, कलाकार एवं इन्फ्लुएंसर
नरेश यादव, पूर्व सांसद एवं ग्रामीण विकास के समर्थक
डॉ. मार्कंडेय राय जी, अध्यक्ष, ग्लोबल पीस फाउंडेशन इंडिया
नंदिनी मिश्रा एवं बिभूति मिश्रा, महिला प्रबोधिनी फाउंडेशन
डॉ. कंचन चंदन, शिक्षण संकाय, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़
सिद्धयोगी आदिनारायणन, अनादी फाउंडेशन
स्वामी कुमारानंद गिरि, दक्षिण-पूर्व एशिया अनादी ग्लोबल
गोमती, सीईओ, अनादी फाउंडेशन
गंगा नंदिनी, वरिष्ठ परियोजना निदेशक, ग्लोबल इंटरफेथ वॉश एलायंस
रोहन मैक्लारेन, डीएसएफ और जीवा

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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